🎯बड़ी खबर: यूपी में 13,116 पंचायत सचिवों की भर्ती को मंजूरी! ✔️✔️
👉उत्तर प्रदेश शासन (पंचायती राज विभाग) की बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय✔️
◾हर पंचायत को स्वतंत्र सचिव: यूपी की सभी 58,000 ग्राम पंचायतों में काम तेज करने के लिए अब हर पंचायत में एक अलग सचिव तैनात होगा।
◾13,116 नए पद: पंचायती राज विभाग में कुल 13,116 ग्राम पंचायत अधिकारी के नए पद बनाए जाएंगे।
◾पहले साल 4,372 भर्तियां: यह भर्ती 3 साल में पूरी होगी,पहले चरण में 4,372 पदों के सृजन को हरी झंडी मिल गई है।
◾कैडर अलग ही रहेगा: वीपीओ (VPO) और वीडीयो (VDO) को मिलाकर एक 'यूनिफाइड कैडर' बनाने का प्रस्ताव खारिज हो गया है, दोनों अलग ही रहेंगे।
◾अतिरिक्त चार्ज से राहत: वर्तमान में सिर्फ 16,000 कर्मचारी हैं और 42,000 पंचायतों में सचिव नहीं हैं। इस नई भर्ती से अतिरिक्त प्रभार का संकट खत्म होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में नगर क्षेत्र में 11508 शिक्षकों एवं 10,000 अनुदेशकों की भर्ती होगी
अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा विभाग
डी.एल.एड युवाओं से अपील है अभी जग जाओ ग्रामीण क्षेत्र विद्यालयों के रिक्त पदों के लिए संघर्ष करलो! वरना सरकार धोखा करने वाली है!
टेट परीक्षा बाद लखनऊ चलो
अगर बेसिक शिक्षा विभाग या शिक्षा सेवा चयन चयन आयोग आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा तक बड़ी प्राथमिक शिक्षक की सार्वजनिक घोषणा नहीं करता है तो सभी प्राथमिक शिक्षक भर्ती युवा जो 8 वर्षों से प्राथमिक शिक्षक भर्ती इंतजार में बैठे हैं... उनको धरातल पर संघर्ष करने के लिए एकजुट होने के लिए तैयार रहना होगा!
2022 जैसी लोकतंत्र रूपी मांग दोहराने क़ा वक़्त आगया है!
सबको अपने क्षेत्र के विधायक या सांसद को ज्ञापन प्रेषित करकर मुख्यमंत्री जी तक बात पहुंचाने के लिए प्रयास में साथ आना होगा!
वक़्त बहुत कम है!
@askErAbhi@Sachinthedream3@VishuYadav01@RajatsinghAU@rjluckypal@rajacademypra@durgeshceh@TANUCHA80101607@Meenakshig511@DeshuSharma7@Gauravsi22
8 वर्ष बीत गए समय गुजर गया मगर कुछ खामियां आज भी रह गई वो है चंद रीच व्यू के लिए भेड़ चाल चलना जोकि लोगो ने आज भी बंद नहीं किया है,
7-8दिन पुरानी ख़बर को तोड़ मरोड़ के आज भी लोग वायरल कर रहे है पूरा दिन बर्बाद कर रहे है,
मगर ये सब नहीं रुकेगा,
#STET#60K
🚨 प्रीमियम तत्काल प्रीमियम झटका 🚨
हावड़ा से बेंगलुरु तक 4 लोगों का 3AC टिकट...
🔹 सामान्य किराया: ₹2,100 प्रति व्यक्ति
🔹 कुल सामान्य किराया: ₹8,400
लेकिन अगर आपको "Premium Tatkal" में टिकट चाहिए तो...
💥 ₹7,500 प्रति व्यक्ति!
💥 4 लोगों का किराया = ₹29,500
यानी वही सीट, वही ट्रेन, वही सफर...
लेकिन किराया लगभग 5 गुना! 😳
इसे सुविधा शुल्क कहें या मजबूरी का फायदा?
"लूट मचाले... लूट मचाले... लूट मचाले..." 🎵
क्या मध्यम वर्ग सिर्फ टैक्स देने और महंगा टिकट खरीदने के लिए ही बचा है?
क्या प्रीमियम तत्काल समाप्त कर देना चाहिए?
आपकी क्या राय है?
#indianrailways #PremiumTatkal
ये जितने भी लोग सुचितापूर्ण सम्पन्न हुई लेखपाल परीक्षा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहे हैं इनकी सूची तैयार कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करिए या बुलडोजर से नेस्तनाबूद कर दीजिए @myogiadityanath 👍
✍️
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी 8 साल से प्रशिक्षित युवा आपके आगे हाथ जोड़कर थक चुका है। अब उत्तर प्रदेश में चुनावी गर्मी बढ़ने वाली हैं या 78000 पदों पर विज्ञापन दें ,या युवा अपने भविष्य को बचाने के लिए कोई और विकल्प तलाशना शुरू करेंगा,अब फैसला आपके हाथों में है 🙏❣️
बेसिक नियमावली कार्य 20 जून तक कार्य पूर्ण हो जाएगा...उसके आयोग अधियाचन भेज दिया जायेगा... एकेडमिक हटेगी और जुड़ेगी नियामवली आने के बाद क्लियर हो जाएगा डीएलएड सभी पदों की वृद्धि के लिए आवाज बुलंद करते रहिए...
बाकी प्रयास धरातल पर करना पड़ेगा
@durgeshceh
यदि लीक का स्रोत नहीं पकड़ा जाएगा, तो Telegram बंद कर दीजिए, कल WhatsApp होगा, परसों कोई और माध्यम होगा।
बीमारी का इलाज चाहिए, थर्मामीटर तोड़ने से बुखार नहीं रुकता।
क्या हाल बना रखा है बाबा ने प्रदेश में शिक्षा का.
अब यही देखिए UPSSSC लोअर पीसीएस के फॉर्म भरे जा रहे हैं तीन दिन हो गए हैं एक फॉर्म नहीं भर पा रहा है।
क्यों इतनी घटिया और सुस्त वेबसाइड बनवाते हो यार बैंक वालों से सीख लो वेबसाइट बनवाना।
या तो अपनी साइड ठीक कर लो या डेट बढ़वा दो।
@myogioffice@myogiadityanath@UPGovt
यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 2018 से भर्ती नही हुई है,
लाखों पद रिक्त है 51,112 कोर्ट के आंकड़े+27,713 पिछली भर्ती के बचे पदों पर बेसिक विभाग में एक बड़ी प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी कीजिए।
@myogiadityanath@UPGovt@CMOfficeUP#UPPRT_78K_VACANCY
शिक्षा सेवा चयन आयोग @upesscprayagraj ,
महोदय , आगामी शिक्षक भर्तियों का परीक्षा कैलेंडर जल्द जारी कीजिए साथ ही परीक्षा पैटर्न व पाठ्यक्रम भी जारी कीजिए 🙏
बेसिक का ई अधियाचन पोर्टल भी जल्द बनवाइए
बहुत दिनों से एक सब्र था कि...
कि वक़्त बदल जाएगा ........✍🏿
कि बेसिक शिक्षक भर्तियां आने लगेंगी लेकिन
@myogiadityanath@kpmaurya1@brajeshpathakup
उत्तरप्रदेश प्राथमिक शिक्षकभर्ती युवाओं का 10% जीवन केवल एक प्राथमिक शिक्षकभर्ती के इंतजार में गुजर गया!
माननीय मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जी,
प्रदेश के लाखों अभ्यर्थी हाथ जोड़कर निवेदन कर रहे हैं—
बड़ी प्राथमिक शिक्षक भर्ती निकालिए, पद बढ़ाइए और युवाओं को रोजगार का अवसर दीजिए।
#UPPRT_78K_VACANCY
#UPPRT_78K_VACANCY
#UPPRT_78K_VACANCY
#UPPRT_78K_VACANCY
@vipinUPPSS@DrDCSHARMAUPPSS
बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल क्रियाशील हेतु कार्मिक विभाग को प्रस्ताव अनुमोदन हेतु भेजा गया है। विभाग से अनुमोदन के बाद NIC बेसिक का ई अधियाचन पोर्टल तैयार करेगा। पोर्टल तैयार हो जाने के बाद विभाग ग्रामीण और नगर क्षेत्र दोनों संवर्गों के रिक्त पदों का डाटा ऑनलाइन आयोग को भेजेगा।
छुट्टी का अर्थ क्या है?
विदेश यात्राएँ भी, मंदिर दर्शन भी, लक्षद्वीप के समुद्र तट भी देखे गए, समुद्र के भीतर की तस्वीरें भी आईं।
अगर विदेश यात्रा, धार्मिक यात्रा, समुद्र तट पर जाना, प्रकृति के बीच समय बिताना, अच्छा भोजन करना और आराम करना भी छुट्टी नहीं है,
तो फिर मुझे लगता है इस देश में कोई भी छुट्टी नहीं ले रहा।
हर आदमी काम ही कर रहा है - कोई मनाली में काम कर रहा है, कोई गोवा में, कोई परिवार के साथ, कोई दोस्तों के साथ।
2014 से 2026 के बीच प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च हुए। असली बहस यह है कि इन दौरों से भारत को कितना निवेश मिला, कितने रोजगार बने और व्यापार हितों को कितना लाभ हुआ?
देश का आम आदमी नहीं देखता कि नेता ने कितने घंटे काम किया, वह देखता है कि उसके जीवन में क्या बदला।
जिस युवा का पेपर लीक हो गया, जिस किसान को फसल का दाम नहीं मिला, जिस मरीज को अस्पताल में बेड नहीं मिला, जिस परिवार की नौकरी चली गई - उसे 18 घंटे और 20 घंटे के से क्या फर्क पड़ता है?
18 घंटे काम करने का काम का परिणाम क्या निकला? शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर देश कहाँ पहुँचा।
युवा पूछ रहा है कि डिग्री के बाद नौकरी कब मिलेगी?
आम आदमी भी अपनी नौकरी में भी 12-14 घंटे खटता है, मजदूर धूप में पूरा दिन काम करता है, किसान बिना रविवार के खेत में उतरता है।
सवाल यह नहीं कि किसने कितने घंटे काम किया। सवाल यह है कि उस काम का परिणाम क्या निकला।
अगर काम का पैमाना सिर्फ घंटे हैं, तो इस देश का सबसे बड़ा कर्मयोगी शायद वह मजदूर है जो रोज़ दो वक्त की रोटी के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है।