हरियाणा के होडल में चोरी की नीयत से ब्राह्मण परिवार के घर में एक एससी जाति के लड़के को परिवार ने पकड़ा और पुलिस को बुला कर सौंप दिया |
दो दिन बाद लड़के और उसको बैकअप देने वालों ने मामला एससी एसटी एक्ट में बदल दिया और कहानी गढ़ दी कि मुझे जान से मारने का प्रयास किया गया और मेरे पीछे गाड़ी लगा दी गई |
जबकि ब्राह्मण परिवार पर सारे रिकार्ड हैं कि उन्होंने यूपी पुलिस को फोन कर मौके पर बुलाया और चोरी करने घर में घुसे लड़के को पुलिस के हाथों सौंपा |
आज यह ब्राह्मण परिवार एक्ट का शिकार बनाया गया और तीन दिन पहले आईआईटी बॉम्बे के प्रोफेसर द्वारा दलित को चीटिंग करते पकड़ लेने पर एक्ट का शिकार और प्रोफेसर को निलंबित करवा दिया गया | लिखने में दो राय नहीं कि अब भारत हाई कास्ट के लिए सुरक्षित नहीं |
राजस्थान के उदयपुर में मौहम्मद फिरोज खान ने एक शिव मंदिर में घुस कर भगवान की मूर्ति तोड़ कर मूर्ति का सर मंदिर से बाहर फेंक दिया है | 😡😡
राजस्थान के हिंदुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो सोशल मीडिया माध्यम से मामला भजनलाल साहब तक पहुंचा कर मजहबी के अवैध घर पर बुलडोजर जरूर चलवा देना | 😡😡
🚨इतना साथ दो की मामला— मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी तक पहुंचे🚨
मधुर गौतम, थाना बहादुरगढ़ प्रभु श्री राम जी पर अपमानजनक टिप्पणी कर रहा है 6 दिन बाद भी कोई कानूनी कार्यवाही नहीं हुई😡
Hello @hapurpolice कृपया गिरफ्तारी सुनिश्चित कर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करें
@Uppolice@adgzonemeerut@digrangemeerut@CMOfficeUP@myogiadityanath@dgpup@UPGovt
हिंदू हो तो RT कर हिंदू होने का फर्ज निभाओ🖐️
माननीय @DCPYNagarPrj
24 घंटे से ज्यादा बीत गए हैं। कृपया बताने का कष्ट करें कि आतिफ, जिसने मा सीता और प्रभु श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, वो गिरफ्तार हुआ या नहीं??
स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था झड़प के दौरान..
पुलिस का जवाब था- पहले जब कंप्लेंट की गई थी तब शिकायतकर्ता ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लगाया था। बाद में दूसरी बार जब बयान हुआ तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप लगाया इसलिए स्वतंत्र पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया।
क्या ये संभव है कि शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद रही लेकिन जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था ये याद आने में 70 दिन लग गए?
अभी तक जितने वीडियो आए हैं उनमें से किसी में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो सुनाई दिया है क्या?
लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा.. SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल पर कोई चर्चा नहीं होगी इस देश में। और SC/ST एक्ट लगवाने वाला भले खुद वीडियो में पीटता दिख रहा हो लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। भले वो वीडियो में खुद मान रहा हो कि उसने हालत बुरी कर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गजबे है। और ये गजबे है चलता रहेगा, खत्म ना होनेवाला।
नाम- अभय कुमार
जनपद- @bastipolice
गांव/थाना- नंदगंज
भगवान श्रीराम के प्रति इस तरह की आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणी बेहद निंदनीय है।
संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की जाए।‼️
मान्यवर - @bastipolice@digbasti कार्यवाही सुनिश्चित करें।✊
हायकोर्ट को बंद करवाइए मोदी जी। ये कोई तरीका है कि कोई दलित वकील इसे अपना धंधा बना चुका है, उसकी अब जाँच होगी? वकील संतोष दोहरे ने कुछ केस कर के ₹23,36,250 पाए और उसके बाद 10-12 और लंबित हैं। यानी और पैसे बनेंगे।
मोदी एक्ट केवल दंड विधान नहीं है, बल्कि यह एक @MSDESkillIndia का स्टार्ट अप प्रोग्राम भी है।
देवी-देवताओं के अपमान पर पुलिस को शिकायत की प्रतीक्षा नहीं करना है बल्कि स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज करना है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है
Supreme Court of India
Order Date: 28.04.2023
Case No: WP(C) 943/2021
Ashwini Upadhyay vs. UOI
@HMOIndia@AmitShah@PMOIndia@narendramodi
Why has @DelhiPolice not arrested this guy? One MP barges in with his supporters and you add Modi Act sections at their whim, even when the medical report says non-serious injuries. If the stupid podcast was the reason, here is the self-boasting video of the guy.
Also, what about that girl who is purposefully writing anti-Hindu things and police never touches them because Modi Act protects them?
कोटा - राजस्थान की तनवी , पिछले 14 सालों में दिल्ली एम्स के लगभग 100 चक्कर लगा चुकी थी,
डाक्टर तारीख पे तारीख दिये जा रहे थे, अंततः बच्ची दिल के छेद का ऑपरेशन हुए बिना ही मर गई।
स्वास्थ मंत्री लोग सब गांजा फूंक कर बैठे हैं, उनको कुछ मत कहो।
झारखंड के जामताड़ा में मजहबी भीड़ हिंदुओं के सामने हर दिन हिंदू देवी देवताओं को गालियां देती थी |
इस कांड का विरोध जब आदिवासी हिंदुओं महिला भूदेव महतो ने किया हो इस्लामिक भीड़ उनके मकान कर टूट पड़ी |
एक बुजुर्ग हिंदू महिला को बर्बरता से मारा गया | घर में जो थोड़ा बहुत कैश था लूट लिया गया और घर की ऐसी हालत बना दी कि रहना तो दूर उसमें बैठ तक ना सकें | 😡😡
हिंदुओं झारखंड में आज बेशक हमारे विचारों की सरकार ना हो पर इस कांड को ठीक वैसे ही उठाना है जैसे हम लोगों ने बंगाल के संदेश खाली के मामले को उठाया था |
हिंदू महिला का घर तो उजड़ गया पर वहां की सरकार और इन जिहादियों को संदेश जरूर दे देना |
कि समय परिवर्तन है | मुख्तार और अतीक अहमद जैसे मिट्टी में मिल गए तो तुम कब तक बचोगे |
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
क्यों @AmitShah जी, ये है आपकी पुलिस? परमिशन जंतर मंतर की माँगी थी, एक महीने पहले माँगी थी और जिस दिन प्रोटेस्ट होना है, उस दिन १२ बजे @DelhiPolice बता रही है कि रामलीला मैदान के लिए अनुमति दी जा रही है, वह भी 4 बजे तक के लिए और 500 लोगों के लिए! क्या 500 लोगों के लिए जंतर मंतर पर जगह नहीं है? हर पैंतरा आज़मा लो, पर लोग रुकने वाले नहीं हैं।