वे जो इच्छाओं के आवेग के अंतर्गत कर्म करते हैं और शास्त्रों के विधि-निषेधों को ठुकराते हैं वे न तो पूर्णताः प्राप्त करते हैं और न ही जीवन में परम लक्ष्य की प्राप्ति करते हैं।
इतनी भिषण गर्मी में प्यार की बारिश। करते हुए आगे बढ़ते रहे क्योंकि इससे ही जीवन सरल बन जायेगा।
किसी को आराम मिलता है तो समर्पित भाव से एक-दूसरे का सहयोग करें।