मेघा प्रसाद -- टोल पर MP -MLA को छूट क्यों है ?
गडकरी -- वो छूट पहले से है
मेघा -- तो आप बंद करिए
गडकरी -- मैं क्यों बंद करूं..? MP -MLA लोकतंत्र का हिस्सा है
मतलब लोकतंत्र का हिस्सा केवल MP -MLA है जनता नहीं ...🤔
पत्रकार महोदया की गाड़ी की माइलेज शहर में 10-11 ka average दे रही थी....
वही गाड़ी आज 7 की दे रही हैं.....
अब showroom में जा कर average चेक करवाये.....
इनको मंत्री कौन बनाया हैं...??🥶
निगाहो के तक़ाजे चैन से मरने नही देते ,
यहाँ मंजर हि ऐसे है की दिल भरने नही देते ..
ये लोग औरो के दुःख जीने निकल आये है सड़को पर ,
अगर अपना हि गम होता तो यू धरने नही देते ..!!
~ वसीम बरेलवी 🌻
आज जो लोग सुबह से छिपने-छिपाने की बात कर भारत को बदनाम करने की कोई कसर नही छोड़ रहे उन्हें याद दिला दूँ....!
एक वक्त वो भी रहा है 1955 में जब नेहरू जी ने बनारस हर मंदिर को बड़ी चादर से ढकवा दिया था ताकि सऊदी किंग "शाह सऊद" की नजर मन्दिरों पर न पड़े। पुजारियों को सख्त चेतावनी दी गयी थी कि मंदिर के घंटे घड़ियाल की आवाज़ नहीं आनी चाहिए।
जब सउदी अरब के बादशाह "शाह सऊद" प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निमंत्रण पर भारत आए थे तो शाह दिल्ली से वाराणसी भी आए.....
काशी में जिन जिन रास्तों से "शाह सऊद" को गुजरना था, उन सभी रास्तों में पड़ने वाली मंदिर और मूर्तियों को परदे से ढक दिया गया था...!
शाह सऊद जितने दिन वाराणसी में रहे उतने दिनों तक बनारस के सभी सरकारी इमारतों पर "कलमा तैय्यबा " लिखे हुए झंडे लगाए गए
और तब नजीर बनारसी ने हिंदुओं का मजाक बनाते हुए लिखा था..
"अदना सा गुलाम उनका, गुज़रा था बनारस से॥ मुँह अपना छुपाते थे, काशी के सनम खाने॥"
*सनम-खाना का अर्थ होता है “मंदिर”
आज जलन तो सिर्फ यही है कि विश्व भर में मोदी जी भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का इतना प्रचार क्यों कर रहे है। इसलिए ही भारत को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
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गूगल करो ऐसे कई लेख मिल जायेंगे जो कांग्रेस के कारनामो की सारी पोल खोल कर रख देंगे
दिन दूर नहीं खंडित भारत को पुनः अखंड बनाएंगे।
गिलगित से गारो पर्वत तक आजादी पर्व मनाएंगे।।
1947 में कांग्रेस , मुस्लिम लीग और कम्युनिस्ट पार्टी ने मिलकर किया था भारत का बंटवारा।
#PartitionHorrorsRemembranceDay