Very Powerful
पुलिसिया कार्रवाई का शिकार और बुरी तरह घायल युवक ने पुलिस वालों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा
“शहीद होकर फिर इनके घर में जन्म लेंगे… और इनके घर में… और इनके घर में ”
मोदी राज में दिल्ली में से पहला ऐसा प्रदर्शन है!
Video : News Pinch
अगर आप को ‘नेहरू जी’ से बात करने के लिए 5 मिनिट मिल जाएँ, तो आप उनसे क्या पूछेंगे ?
राहुल जी - मैं उनसे पूछूंगा कि वो ऐसा कौन सा काम है जो मुझे कभी भी नहीं करना चाहिए ???
और मुझे ‘नेहरू जी’ का जवाब मालूम है !!!
COMPROMISE WITH RSSS 🔥🔥🔥
प्रिय नितिन गडकरी जी;
15 रुपए पेट्रोल तो छोड़िए। यह इथेनॉल गाड़ियों की क्या दुर्दशा कर रहा है, वो देखिए। यह मत कहना कि यह झूठ है। इथेनॉल आपकी जेब जरूर भर सकता है, लेकिन आम आदमी को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
आगरा में GST ऑफिसर की शिकायत करने वाले ट्रांसपोर्टर असगर अली की गाड़ी से कुचलकर हत्या का मामला –
GST ऑफिसर निवेदिता सिंह के पति अजय यादव (पशु अधिकारी) की कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई। इसमें वह पत्रकार रवि यादव से पूरा केस अपने ऊपर लेने को कह रहा है।
अजय यादव चाहता है कि रवि कोर्ट में यह कह दे कि गाड़ी वो चला रहा था। इसके बदले अजय और ऑफिसर पत्नी पूरी जिंदगी रवि की गुलामी करने, प्रॉपर्टी नाम करने को तैयार हैं।
यह ऑडियो इस बात का प्रूफ है कि असगर अली को मरवाने में GST ऑफिसर की भूमिका संदिग्ध है।
इस केस को डेढ़ महीना बीत चुका है, आगरा पुलिस किसी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
@madanmohansoni
Hame to vo vip ka beg mila bhi nahi tha or payment bhi refund nahi hua aaj tk
Complent bhi karvai bolte he aa jayega hamare paas data he aapka .
Uska pesa bhi kha gaye kya ?
@haj_committee@KirenRijiju
@azizkavish शिक्षा के क्षेत्र मे स्वयं के संस्थान खोलने होंगे।
हर क्षेत्र से आप लोगो का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बायकट किया जा रहा है आंख बंद कर ने मुसीबत टलेगी नहीं।
@azizkavish शिक्षा के क्षेत्र मे स्वयं के संस्थान खोलने होंगे।
हर क्षेत्र से आप लोगो का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बायकट किया जा रहा है आंख बंद कर ने मुसीबत टलेगी नहीं।
@Ashok_Kashmir@ShahidA26061856 विपक्ष डरा हुआ है नाम भी लेने से।
मुसलमान नाम लेने से @RahulGandhi भी डरते हैं।
मोहब्बत की दुकान में केवल सड़ा हुआ सामान ही बेचना है क्या @ShayarImran तो आपकी दुकान बंद करने का वक्त आ गया है।
मुसलमान कट्टर होता है क्योंकि-
वो तलवार, भाले, फरसे, त्रिशूल लेकर सड़कों पर पुलिस की देख रेख में हुड़दंग नहीं करता...!
मुसलमान सूवर 🐖का मांस नहीं खाता ये तो ठीक है, लेकिन वो इतना कट्टर है कि दूसरों को सूवर का मांस खाने से रोकने के लिए दस बीस की लिंचिंग भी नहीं करता है...!
इसकी कट्टरता का आलम तो ये है कि लगभग 20 करोड़ की आबादी होने के बावजूद आज तक एक भी जुलूस नहीं निकाला कि "अगर देश में रहना है तो अल्लाहु अकबर कहना होगा" ...!
इतना कट्टर है कि अपने धर्म को देश से ऊपर मानता है बावजूद इसके स्कूल में रोज़ हिन्दू धर्म की प्रार्थना से दिन शुरू करता है, स्कूल में सारे हिन्दू त्योहार मनाता है, देश के किसी भी महत्वपूर्ण आयोजन में यज्ञ, हवन और नारियल तोड़ने को दाँत चियारते हुवे न सिर्फ देखता है बल्कि ताली भी बाजाता है...!
मुसलमान को चाहिए कि वो देश को सर्वोपरि माने और जब देश उसे रौंदने आये तो सिर झुकाकर इसे स्वीकार कर ले, लेकिन मुसलमान अभी काफी कट्टर है, ऐसी सूरत होने पर रोता है, चीखता है, लड़ता भी है, ये जानने के बावजूद कि जिन कानों तक उसकी आवाज़ पहुँचनी चाहिए वो कान मुसलमानों के प्रति नफ़रत की आवाजों से लबालब भरे हुए हैं...!
क्या कीजियेगा साहेब, मुसलमान बहुत कट्टर है, आपके बुलडोज़र के सामने दंडवत होने के बजाय संविधान संविधान चिल्लाता है, जैसे कि इससे पहले संविधान ने उसकी सुनी थी कभी...?
मुसलमान सेक्युलर भी नहीं है, हिजाब के लिए पढ़ाई छोड़ देता है, सेक्युलर नहीं है लेकिन आज तक न तो एक धर्म आधारित पार्टी बना पाया न नेता, मूरख तो इतना है कि हिन्दू पार्टियों को सेक्युलर समझता रहा, हिन्दू नेताओं को अपना नेता चुनता रहा है...!
बेवक़ूफ़ तो भी बहुत है, आज़ाद भारत में जीने देने की आज़ादी के अलावा आज तक कुछ नहीं मांगा...!
ऐसी क़ौम जो भले ही 20 करोड़ ही क्यों न हो, उसे बुलडोज़र से रौंदना हिन्दू राष्ट्र के लिए अपरिहार्य है...!
हाँ बुलडोज़र यहीं रुक जाएगा इसके बाद, इसे ज़रूर सुनिश्चित कर लें, क्योंकि सुना है बुलडोज़र का कोई धर्म नहीं होता, जाति नहीं होती, उसके तो दिल भी नहीं होता, भाव भी नहीं, उसकी आँखें नहीं होती इसलिए आँसू के बाबत सोचना बेक़कूफ़ी होगी , लेकिन उसके पास शक्ति होती है...!
बड़े बुज़र्ग कहते हैं कि शक्ति के साथ विवेक और भाव न हो तो वो विध्वंसक हो जाती है...!हम प्रार्थना करेंगे कि हमारी हड्डियों को रौंदने के बाद ये बुलडोज़र वहीं रुक जाए, आपके घरों तक न पहुँचे...!
ऐसा हुआ तो एक रोज़ आपके ही घर से कोई बच्चा अफ़सोस के साथ उठेगा, हमारी चूर चूर हो चुकी हड्डियों को उठाएगा, चूमेगा और एक फूल के साथ उन्हें अपने बगीचे के एक कोने में मिट्टी के सुपुर्द करेगा, फिर मैं फूल बन कर फिर से अपनी खुशबू बिखेरने के लिए जन्म लूँगा और इस तरह तुम्हारी नफ़रत हार जाएगी...!!
#नफरत_को_प्यार_जीतेंगे
~Salman Arshad✍️