कल्याण फाटा शिळफाटा येथे ट्रॅफिक पोलीस भर चौकात आठ दहा जण कारवाई करण्यात दंग असतात आणि ट्रॅफिक काढण्याचं काम फक्त वार्डन्स करत असतात त्यामुळे प्रचंड ट्रॅफिक कोंडी होते
@DrSEShinde@ThaneCityPolice@CMOMaharashtra
शीळ येथील एस. के. ग्रुपचे सर्वेसर्वा शब्बीर खान आणि अझीम खान यांची शुक्रवारी एस. के. व्हॅली येथे सदि���्छा भेट घेतली. यावेळी त्यांनी आपुलकीने आदरातिथ्य करत आम्ही पूर्ण ताकदीने महायुतीसोबत असल्याचा विश्वास व्यक्त केला.
याप्रसंगी शिवसेनेचे राज्य समन्वयक, प्रवक्ते नरेश म्हस्के, कल्याण जिल्हाप्रमुख गोपाळ लांडगे, राष्ट्रवादी काँग्रेसचे माजी नगरसेवक नजीब मुल्ला, शिवसेना मुंब्रा शहरप्रमुख राजन किणे, युवासेनेचे रेहान खानबंदे, अजीझ बाटा शेख यांच्यासह स्थानिक रहिवासी उपस्थित होते.
#DrShrikantEknathShinde #KalyanLokSabha #Shivsena #DevelopmentWithDr
महाराष्ट्र: मुब्रा में अयोजित होने वाली “सकल हिंदू समाज धर्मसभा” पर रोक लगवाने के लिए गृह सचिव से मिले अबू आसिम आजमी, बोले- इस सभा में जहरीले भाषण देकर हिंदू मुसलमान के बीच दरार पैदा की जाएगी -
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पूर्व लोकसभा सांसद, 5 बार के विधायक की हत्या हो गई उत्तरप्रदेश में!
अतीक अहमद का जन्म 12 अगस्त 1962 को यूपी के श्रावस्ती में हुआ था!
1989 में पहली बार चुनाव लड़े और जीत गए!
1991 और 1993 का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़े और फिर विधायक बने!
1996 में इसी सीट पर अतीक को समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया और वह फिर से विधायक चुने गए!
1999 में सपा छोड़, अपना दल में गए और चुनाव लड़े, लेकिन यहां वो हार गए!
फिर 2002 में चुनाव लड़े और जीत गए!
2003 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो वो फिर समाजवादी पार्टी जॉइन कर लिए!
समाजवादी पार्टी ने अतीक अहमद को फूलपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया और वो पहली बार 2004 मे सांसद बन गए!
अतीक के भाई अशरफ अहमद भी एक बार विधायक रह चुके है!
5 बार के विधायक, 1 बार के सांसद की गोली मार कर हत्या कर दी गई पुलिस, मीडिया के मौजूदगी में! #AtiqueAhmed
@Awhadspeaks A Hindu family was left with no money and had to go back to their village. The man decided to tell this problem to people coming out of a mosque.
See what happened next. 😊
2008 #JaipurBlast के 4 आजमगढ़ के लड़कों को उच्चन्यालय ने बरी ��िया और उन्हें फ़साने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए- यह जानकार ख़ुशी हुई की हमारे देश में कानून ज़िंदा है। इंसाफ का तकाज़ा है की सालों से जेलों में बंद बेकसूर मुसलामानों की जा��च हो व उन्हें रिहा किया जाए