जब धर्म की बात हो तो अपने धर्म के साथ रहिये,
जब जातियों का खेल चल रहा हो तो अपने जाति के साथ एकजुट रहिये।
सबसे पहले वो मिटेंगे जो अपने खेमे में नहीं पाये जायेंगे।
- रोशन आनंद यादव जी जब जेल से छूट कर आएँ तो उनकी टीम उन्हें ये ट्वीट दिखा देना:-
- आदरणीय रोशन यादव जी कृपया अपनी कक्षा में लोगों को शिक्षा दें। प्रोपगेंडा के आधार पर नफ़रत ना फैलाएं
- दूसरी बात बाहर आकर एक क्लास अलग से लीजिएगा। जिसमें बताइएगा कि कोई ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ कितनी भी झूठ आधारित नफ़रत फैला ले लेकिन जब सच-झूठ की बात आती है तो ब्राह्मण सच के साथ खड़े होते हैं। जैसे आपके केस में हुआ
- इस पूरे मामले में आपको जेल में गलत डाला गया है। ब्राह्मण/सवर्ण समेत सर्व समाज कह रहा है कि गलत हुआ। हाँ शिक्षा माफियाओं के ख़िलाफ़ क़ानून की माँग जरूर कर रहा
- ब्राह्मण/सवर्ण हैंडल साथ न देते तो Y पर M पूरी तरह भारी हो जाता। PR टीम सच को झूठ और आपको 100% ग़लत साबित कर देती! आप विलेन बना दिए जाते
- बाहर आकर अब छात्रों अच्छी और सस्ती सुविधा दें। ये फालतू का प्रोपोगेंडा ना परोसें। मन को सागा रखें। किसी के खिलाफ नफ़रत ना पालें
- आख़िरी बात पूरा देश जनता है कि 90 के दशक में ग़रीब/पीड़ित/दलित/शोषित/वंचित पर अत्याचार करने वाले कौन थे। लेकिन कुछ अपराधियों के कारण कोई भी पूरा समाज कभी अपराधी नहीं होता।