@rankawat_vishnu मेरा दोस्त PhD होल्डर है, लेकिन संविदा जॉब के लिए लाइन में। यह हमारा भविष्य है? नहीं! #NoToRajCES से लड़ो, परमानेंट जॉब्स मांगो। शेयर करो अपनी स्टोरी! @abrsmnews@alokrajRSSB@DrPremBairwa @
@bajya01 जब शिक्षक अस्थायी हों, वेतन कम हो और शोध का माहौल कमजोर हो,
तो इसका सीधा असर छात्रों की शिक्षा पर पड़ता है।
उच्च शिक्षा के साथ ऐसा समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
#NoToRajCES
उच्च शिक्षा की नींव मजबूत तभी बनेगी जब फैकल्टी स्थायी हो। Teaching Associate की अस्थिरता से शोध और छात्रों का भविष्य खतरे में! RajCES बंद करो, RPSC से परमानेंट भर्ती लाओ। @RajCMO@DrPremBairwa@RPSC1#NoToRajCES#SaveHigherEducation
राज्य में हजारों NET-JRF योग्य अभ्यर्थी मौजूद हैं,
तो फिर Teaching Associate के नाम पर अस्थायी भर्ती क्यों?
क्या योग्य युवाओं को स्थायी अवसर देना सरकार की प्राथमिकता नहीं है?
#NoToRajCES
राज्य में हजारों NET-JRF योग्य अभ्यर्थी मौजूद हैं,
तो फिर Teaching Associate के नाम पर अस्थायी भर्ती क्यों?
क्या योग्य युवाओं को स्थायी अवसर देना सरकार की प्राथमिकता नहीं है?
#NoToRajCES
Higher Education cannot run on temporary arrangements.
Teaching Associate जैसी अस्थायी भर्तियाँ शिक्षण और शोध दोनों को कमजोर करती हैं।
राजस्थान को अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि स्थायी और पारदर्शी भर्ती नीति चाहिए।
#NoToRajCES
वर्षों की पढ़ाई, NET-JRF, शोध अनुभव —
क्या इसका परिणाम केवल अस्थायी Teaching Associate पद ही है?
युवाओं की मेहनत का सम्मान तभी होगा जब भर्ती स्थायी और सम्मानजनक होगी।
#NoToRajCES
जब राज्य में हजारों NET-JRF योग्य अभ्यर्थी मौजूद हैं,
तो Teaching Associate के नाम पर अस्थायी भर्ती क्यों?
क्या योग्य युवाओं को स्थायी अवसर देना सरकार की प्राथमिकता नहीं है?
#NoToRajCES