यदि उच्च शिक्षा को मजबूत बनाना है तो
• RAJ-CES समाप्त हो
• RPSC से स्थायी भर्ती हो
• रिक्त पदों का विज्ञापन जारी हो
यही राजस्थान के युवाओं की मांग है।
@RajCMO@DrPremBairwa@ugc_india@RPSC1#NoToRajCES
@riinkysaini राजस्थान की उच्च शिक्षा में Teaching Associate की अस्थायी भर्ती कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
कम वेतन, अस्थिर पद और सीमित अधिकार — क्या यही हमारे शिक्षकों की स्थिति होनी चाहिए?
उच्च शिक्षा प्रयोगशाला नहीं है जहाँ अस्थायी मॉडल आज़माए जाएँ।
#NoToRajCES
@riinkysaini ₹28,850 के वेतन पर उच्च शिक्षा चलाने की कल्पना ही गलत है।
इतने कम वेतन पर योग्य और प्रतिभाशाली लोग इस क्षेत्र में क्यों आएँगे?
इससे प्रतिभा का पलायन होगा और शिक्षा की गुणवत्ता गिरेगी।
यह नीति दूरगामी नुकसान पैदा कर सकती है।
#NoToRajCES
@8PMnoCM राजस्थान के युवाओं की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—
स्थायी भर्ती, पारदर्शी प्रक्रिया और सम्मानजनक वेतन।
संविदा आधारित प्रयोग उच्च शिक्षा का समाधान नहीं है।
समय आ गया है कि इस नीति पर पु���र्विचार किया जाए।
#NoToRajCES
@bajya01 राजस्थान के युवाओं ने वर्षों मेहनत क��� उच्च योग्यताएँ हासिल की हैं।
वे सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सम्मानजनक करियर चाहते हैं।
संविदा व्यवस्था इस अपेक्षा को पूरा नहीं करती।
इसलिए इस नीति का विरोध स्वाभाविक है।
#NoToRajCES
@dmmurli@DrPremBairwa@BhajanlalBjp राजस्थान के हजारों NET, SET और PhD योग्य अभ्यर्थी
वर्षों से स्थायी भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।
लेकिन इसके बजाय संविदा पदों की घोषणा की जा रही है।
यह ��ुवाओं की उम्मीदों के विपरीत कदम है।
#NoToRajCES
@bajya01 NET, JRF और PhD हासिल करने में युवाओं के 10–12 साल लग जाते हैं।
इतनी मेहनत और शोध के बाद ₹28,850 की संविदा नौकरी देना उचित नहीं लगता।
यह न प्रतिभा का सम्मान है और न ही शिक्षा के प्रति गंभीर दृष्टिकोण।
उच्च शिक्षित युवाओं के साथ यह गहरा अन्याय है।
#NoToRajCES
@Rao__Rakesh UGC मानकों और स्थायी भर्ती की परंपरा को दरकिनार कर
संविदा मॉडल लागू करना उच्च शिक्षा के साथ प्रयोग है।
और यह प्रयोग खतरनाक है।
#NoToRajCES
@riinkysaini UGC के स्थापित मानकों से अलग संविदा मॉडल लागू करना
उच्च शिक्षा के लिए जोखिम भरा कदम हो सकता है।
शिक्षा संस्थान स्थिर संरचना और दीर्घकालीन दृष्टि पर चलते हैं।
अस्थायी व्यवस्थाएँ इस संतुलन को बिगा���़ सकती हैं।
#NoToRajCES
@dmmurli@DrPremBairwa@BhajanlalBjp Teaching Associate मॉडल कम वेतन और सीमित सुरक्षा वाली व्यवस्था बनाता है।
यह उच्च शिक्षा को स्थिरता देने के बजाय अस्थिर बना सकता है।
ज्ञान और शोध के लिए सुरक्षित वातावरण जरूरी होता है।
संविदा मॉडल इस माहौल को कमजोर करता है।
#NoToRajCES
"अस्थायी शिक्षक, अल्प वेतन और शोध का अभाव सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। RJCES कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी उच्च स्तरीय शिक्षा का समान अधिकार है; गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।"
@ugc_india@RajCMO@DrPremBairwa@KumariDiya#NoToRajCES