@Yadavashish_22@anarkaliofara खुद RJD पर ज्ञान झाड़ने मत आया क��!
और जब आएगा तो सुनेगा भी!
बाकी अपना गाड़ पहले भाजपा से बचा ले भोसड़ीवाले
RJD के बारे झूठा दुष्प्रचार करेगा तो जवाब मिलेगा ही
Americans never used to take India for granted. They knew India was a serious country.
And then we elected a clown and now Americans treat us like a circus.
आदरणीय लालू जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ। 🙏🎂
गरीबों, वंचितों, पिछड़ों और शोषितों की आवाज़ बनकर राजनीति को नई दिशा देने वाले जननेता, @laluprasadrjd जी का जीवन संघर्ष, सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रति स��र्पण का प्रतीक है।
लालू प्रसाद यादव सामाजिक न्याय की राजनीति के सबसे प्रभावशाली जननेताओं में से एक हैं। उनका राजनीतिक चरित्रहनन इसलिए किया गया क्योंकि उन्होंने मनुवादी, सामंती और सांप्रदायिक ताक़तों को खुली चुनौती दी। मंडल आंदोलन को ज़मीन पर उतारकर उन्होंने बहुजन समाज को सत्ता और प्रतिनिधित्व का नया आत्मविश्वास दिया।
उनका संदेश - “सब कुछ दाँव पर लगाकर बच्चों को पढ़ाओ” - आज भी सामाजिक बदलाव का घोषणापत्र है। सामाजिक न्याय, आर्थिक बराबरी और लोकतांत���रिक मूल्यों की लड़ाई में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
@laluprasadrjd जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
#हेप्पी_बड्डे_लालू_जी
लालू जी के जन्मदिन के अवसर पर राबड़ी आवास में आज लौंडा नाच का आयोजन किया गया, लोक संस्कृति हमारी पहचान है और इसको जीवंत बनाए रखने की दिशा में यह कार्यकर्म का आयोजन किया गया है। इसीलिए कुछ ज्ञानी लोग अपना फ़ालतू का ज्ञान देने न चले आएं।
बाबा साहेब ने कहा था, “जाति ईंटों की दीवार या कांटेदार तार की बाड़ जैसी कोई भौतिक वस्तु नहीं है। जाति एक विचार है, यह मन की एक अवस्था है।”
��ालू जी कहते हैं, “यदि आप मानसिक गुलामी से आज़ाद हो जाएंगे, तो आर्थिक गुलामी से भी मुक्ति पा लेंगे।”
मानसिक गुलामी से आज़ाद होने की बात आपने कितने नेताओं से सुनी होगी ?
खासकर बिहार जैसे प्रदेश में, जहाँ वंचित समुदायों का सिर्फ जाति के आधार पर नरसंहार हुआ, वहाँ जातिगत भेदभाव को समाप्त करने और वंचितों को सशक्त बनाने का काम बहुत कम लोग कर पाए।
शुरुआत कर्पूरी जी ने की, जगदेव बाबू ने उसे वैचारिक ��क्ति दी और लालू जी ने सत्ता की ताकत के माध्यम से उसे ज़मीन पर उतारने का प्रयास किया।
इसीलिए वंचितों के लिए लालू जी मसीहा थे , हैं और रहेंगे।
#सामाजिक_सद्भावना_दिवस
पता नहीं क्यों ये उत्तर प्रदेश के कुछ समाजवादी पार्टी के समर्थक (ज्यादातर ठीक हैं) दारु पी के ट्वीट करने लगते हैं?
आज तक राष्ट्रीय जनता दल के एक भी प्रवक्ता ने किसी भी जाति या धर्म के खिलाफ कोई भी ब��ान नहीं दिया है लेकिन ये लोग अपना झूठ का पुलिंदा ले कर के पूरा थीसिस लिखते हैं।
खुद का घर पहले संभालता नहीं है और पूरी दुनिया को ज्ञान बांटने लगते हैं!
इनसे राजनीति का अहम सिद्धांत सीखा जान��� चाहिए।
जिन्हें विचारों से लेना देना नहीं ,जो ज़मीन से उठ कर नहीं आए ,राज घरानों से हैं ,फ़िल्मीं कलाकार हैं ,जो अपने एरिया के महारथी तो हो सकते हैं ,लेकिन संघर्ष का “स “नहीं जानते वो संघर्ष में साथ छोड़ेंगे ही।
1633 ₹ प्रति महीना में देश की अमीरी तय की जा रही है। मैं भाजपा प्रवक्ता और भाजपा समर्थक अर्थशास्त्री को 1633 ₹ देना चाहती हूँ! ये लोग एक महीना जीकर दिखाए, इतने रुपए में नून, तेल, धनिया, आटा खरीदकर दिखाए!
हद है, 1632 ₹ से 1 रुपये भी ज्यादा कमाने वाले इनके हिसाब से अमीर है। ये बुद्धिविरोधी भाजपाई नेता और इनके समर्थक अर्थशास्त्री देश के भयावह सच से कैसे इंकार कर सकते है?
भारत और बिहार में महिलाओं में 40% से अधिक एनीमिया, thyroid जैसे दिक्कतों से पीड़ित हैं। इसकी बहुत बड़ी वजह है कि उनका muscle loss!!
इसलिए सभी महिलाएं हफ्ते में 4 बार gym में weight training करें और खूब अंडा, चिकन, मटन खाएं। जितना किलो वजन है उसका दुगना ग्राम प्रोटीन हर रोज जरूर खाएं।
वजन घटाने के बारे में बिलकुल न सोचे बल्कि अपनी ताक़त बढ़ाने ���े बारे में सोचे!
और सबसे खास बात कभी किसी भी मर्द से कोई सलाह नहीं लें। घर का सारा काम मर्दों से करवाए, उनको gym जाने की कोई जरूरत नहीं है।
Unpopular Opinion:
Both Sonam Raghuwanshi and Nikita Singhania were FRAMED in FAKE cases and they should receive compensation for being in Jail for fake cases.
Facts:
📌 Atul Subhash was himself an abusive person and he advocated for chopping women in pieces on camera.
📌 Sonam Raghuwanshi was forced into a marriage which she did not want and hence the Blue Drum was only an act of Self Defence because she was repeatedly raped by her husband.
Always remember that actions have consequences!
When you force marriage on women then be ready for the consequences that come with it. All women should follow a similar path if they are forced into any kind of marriage.
If there are lakhs of such cases happening on a daily basis in India, I am sure that crime against women is bound to reduce.
I am happy that both have got bail in their respective cases and wish for a good future for both of them.