कुछ नामों की गिनती दिखाकर सामाजिक न्याय का ठप्पा लगा देना असलियत को सरल बनाना है। सामाजिक न्याय PR नहीं होता, वह सत्ता और अवसरों में वास्तविक हिस्सेदारी से तय होता है। विविधता दिख सकती है, लेकिन उससे व्यवस्था बदल गई—यह मान लेना भ्रम है।
Name a leader not loader 🤣
राजद के 12 में से 6 MLC हिन्दू सवर्ण समाज से है यानी 50 प्रतिशत, हिंदू सवर्ण राज्यसभा में अभी तीन में से एक है पहले चार में दो था, जबकि बीजेपी का देखोगे तो काफी विविधता ला रखी है, जो कि आदरणीय अमित बाबू का सोच है। असली सामाजिक न्याय अमित बाबू करते हैं और सामाजिक न्याय के मसीहा है
सत्ता में बैक डोर इंट्री!
विधानसभा/लोकसभा में जीतने के लिए धनबल के साथ साथ जातीय समीकरण बहुत मायने रखता है।
!!
बैक डोर इंट्री चाहिए तो MLC बनना पड़ेगा उसमें भी मनोनीत सदस्य या स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित।
आइए देखते हैं पहले कुल। फिर एक एक कर देखते हैं।
@Taalwarrior Aapne bilkul sahi baat kahi lekin,
पूत सपूत तो का धन संचय, पुत बमबाज तो का संचय। जब उसको बचपन में बैंगन तोड़ने ले जाता था तो वो कहता था ये भांटा बॉम्ब है इसलिए मैने उसके ऊपर पेलांटी लगाया कि 7वीं से ज्यादा नहीं पढ़ोगे।
1990 से बाढ़ को राजद ने विधानपरिषद में प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। @yadavtejashwi और @laluprasadrjd जी से आग्रह है कि वरिष्ठ नेता जनता दल से लालू जी के सिपाही रहे @Surendraydrjd जी को विधानपरिषद भेजा जाए। इससे बाढ़, मोकामा व बख्तियारपुर क्षेत्रों में पार्टी को और मजबूत मिलेगी।