डब्बा नम्बर AC2 शौचालय के नाम पर शून्य सेवा कोई ढंग का व्यवस्था नहीं है सिर्फ नाम है व्यवस्था दयनीय है। कृप्या व्यवस्था में सुधार लाएं। @RailMinIndia@RailwaySeva
कांग्रेस नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री, *आस्कर फर्नांडिस* जो पिछले दिनों कैंसर से पीड़ित थे, देश विदेश में हर स्तर का महंगे से महंगा इलाज करवाने के बाद भी मौत सामने देखते अंततः मेरठ के नजदीक एक सनातन आश्रम में भर्ती हुए । वहां पर *गौमूत्र सेवन* के इलाज से इन्होनें अपने कैंसर पर विजय प्राप्त की ।इस बारे में उनके द्वारा पार्लियामेंट में दी गई जो जानकारी है उसके अनुसार
ऑस्कर फर्नांडिस ने गोमूत्र के सहारे कैंसर पर विजय तो प्राप्त की ही इसके साथ-साथ योग-प्राणायाम के सहारे अपने *घुटनों के दर्द* से पूरी तरह से निजात प्राप्त की
और ईसाई होने के बावजूद सारा जीवन आश्रम में रहकर वहां सेवा देने का संकल्प लिया.
आप स्वयं सुनिए पार्लियामेंट में ऑस्कर फर्नांडीज को ....
लेकिन आज उनके ही नेता संसद में गोमूत्र का मजाक उड़ा रहे है।
नायमात्मा प्रवचनेन लभ्यो न मेधया न बहुना श्रुतेन ।
यमेवैष वृणुते तेन लभ्यः तस्यैष आत्मा विवृणुते तनूँ स्वाम् ।।२३।।
"कठोपनिषद् - प्रथम अध्याय, द्वितीया वल्ली"
यह आत्मा न तो प्रवचन करने से, न बुद्धि-चातुर्य से, और न ही बहुत अधिक शास्त्र सुनने से उपलब्ध होता है। केवल उसी को यह आत्मा प्राप्त होता है, जिसे आत्मा स्वयं स्वीकार करता है; उसी साधक के लिए यह आत्मा अपने स्वरूप का अनावरण करता है।
भगवद्पादाचार्य आदि शंकराचार्य स्पष्ट करते हैं कि आत्मा इन्द्रिय और बुद्धि की सीमा से परे है, इसलिए प्रवचन, मेधा (तर्क-चातुर्य) और बहुश्रुति (अनेक शास्त्रों का ज्ञान) आत्मज्ञान के साधन नहीं बन सकते हैं। आत्मा को पाने का एकमात्र उपाय है - अनुग्रह। जब साधक निष्काम भाव से, श्रद्धा और भक्ति सहित आत्मा को वरण करता है, तब आत्मा स्वयं प्रकट होता है। “यमेवैष वृणुते” यहाँ आदि शंकराचार्य बताते हैं कि आत्मा का चयन साधक की आन्तरिक पवित्रता और योग्यता के अनुसार होता है, और अन्ततः यह ईश्वर-कृपा का प्रसाद है। आत्मा स्वयं-प्रकाश है; इसलिए उसे किसी अन्य साधन से प्रकट नहीं किया जा सकता, केवल उसकी अनुकम्पा से ही उसका अनुभव होता है।
अद्वैत दृष्टि से आत्मा का ज्ञान बौद्धिक जिज्ञासा या शास्त्रीय पांडित्य से नहीं, बल्कि अन्तःकरण की निर्मलता, वैराग्य और ईश्वर-कृपा से ही सम्भव है। आत्मा स्वयं जब साधक के अंतःकरण में प्रकट होता है, तभी वास्तविक आत्म-साक्षात्कार होता है। यही कारण है कि उपनिषद् बार-बार कहता है कि “नायमात्मा प्रवचनेन लभ्यः” यह सत्य तर्क या पांडित्य का विषय नहीं, वरन् अनुभव और कृपा का प्रत्यक्ष प्रकाश है।
आत्मा न प्रवचन से मिलता है, न बुद्धि के चातुर्य से, न ही शास्त्रों के असीम अध्ययन से। वह केवल उसी को मिलता है, जिसे वह स्वयं स्वीकार कर अपना अनुग्रह प्रदान करे; और तब आत्मा अपने दिव्य स्वरूप का साक्षात्कार कराता है।
This Self is not attained through eloquent discourse, nor by sharp intellect, nor by much learning. It is realized only by the one whom the Self chooses; to such a seeker, the Self reveals Its own true form.
Adi Śhaṅkarācārya explains that: The Self lies beyond the grasp of speech, reason, and scriptural erudition. These may prepare the ground, but they do not grant realization. “Yam evaiṣa vṛṇute” the Self is revealed only to the pure-hearted aspirant who, through devotion, renunciation, and inner fitness, becomes worthy of that grace. Ultimately, Self-realization is not an achievement of the ego, but the Self’s own self-disclosure (svayam-prakāśa).
In Advaita, the Self is not an object to be seized by effort; it is the very light of consciousness itself. When the restless mind is stilled and purified, the Self shines forth of Its own accord. Realization is thus not acquisition, but unveiling the removal of ignorance, after which the ever-luminous Self is known as one’s own being.
Not by preaching, nor by intellect, nor by vast learning is the Self attained. Only when the Self, in Its own grace, chooses the seeker, does It unveil Its radiant form and the knower becomes one with the Known.
#AvdheshanandG_Quotes
#कठोपनिषद् #अद्वैत_वेदान्त
#AdvaitVedanta #स्वाध्याय
#PrabhuShriKiLekhni
#स्वामी_अवधेशानन्द_गिरि
@AshokShrivasta6 संसद भवन की सड़कों पर उपद्रवियों को आने से रोका क्यों नहीं गया। यदि केंद्र की सरकार ऐसे ही रवैया अख्तियार करेगी तो निश्चित तौर पर अगली बार अपराधी उपद्रवियों की फौज संसद भवन के अंदर रहेंगे। संसद भवन के अंदर नयी सरकार भी बहाल होगी और हिंदुस्तान में आपात काल लगेगा।
@narendramodi
सरकार का ऐसे ही लुंज पुंज रवैया रहेगा, तो निश्चित तौर पर अगली बार अपराधी उपद्रवियों की फौज संसद भवन के अंदर रहेंगे। संसद भवन के अंदर नयी सरकार भी बहाल होगी और हिंदुस्तान में आपात काल घोषित होगा। बहुत अफसोस है कि उपद्रवियों की फौज संसद भवन के करीब चले गए थे। @PMOIndia@HMOIndia
By shielding from arrest all protesters who have no criminal record, the Supreme Court is in effect turning a blind eye to violence. You can now crack a policeman's skull and not be arrested if you are doing it for the first time.
My views, on the workings of a banana republic:
🚨 इस गालीबाज औरत का नाम निशिका राजोरा है।
उसके इंस्टाग्राम पर 1 लाख 2 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और हमारे देवताओं के बारे में जो भाषा ये लोग इस्तेमाल करते हैं, वो बेहद आपत्तिजनक है।
नमस्ते @DelhiPolice क्या आप कुछ कार्रवाई करेंगे?
🚨 वाह… बस वाह!!!
कॉकरोच जनता पार्टी के वकील अदालत में दलील दे रहे हैं कि पुलिस सार्वजनिक जगह पर प्रदर्शनकारियों का वीडियो रिकॉर्ड न करे,
क्योंकि इससे उनकी “प्राइवेसी” और “मौलिक अधिकार” का उल्लंघन होता है। वे अपनी शिकायतें अपराधियों की तरह व्यवहार किए बिना रखना चाहते हैं।
एक बार फिर से पढ़िए।
ये लोग सार्वजनिक प्रदर्शन में प्राइवेसी का दावा कर रहे हैं… जबकि उसी प्रदर्शन के वीडियो में गालियाँ और हिंसा साफ दिख रही है।
अब सार्वजनिक प्रदर्शन सिर्फ गंदी गालियों और नारों के लिए पब्लिक रहेंगे, लेकिन जवाबदेही के लिए नहीं।
शाबाश!! 🤷🏻♀️🤷🏻♀️
🚨🆘️ So-called Instagram influencer Shardha Singh (375K followers) was out here dancing and mocking RPF officers during the CJP protest…
Now the same girl is suddenly playing the full victim card.
First you disrespect the uniform, then you cry when the internet shows you the mirror.
This is peak entitlement.
Respect the forces or stay quiet.
मुझे एक काफ़िर का कत्ल करना था..
सियाराम सामने आ गया तो मैंने मार दिया🚨
जी हाँ... ये मैं नहीं बरेली में पड़ोसी सियाराम की
चाकूओं से गोद गोद कर अला अकबर चिल्ला चिल्ला कर हत्या करने वाले मुहम्मद अरमान का कहना है...
कोई दुश्मनी नहीं, कोई झगड़ा नहीं, कोई पुराना परिचय नहीं… सिर्फ एक जुनून किसी काफ़िर को मारना था
पुलिस पूछताछ में अरमान ने खुद कबूल किया,
“मुझे किसी काफ़िर का कत्ल करना था.. सियाराम सामने आ गए, तो उन्हें मार दिया”
इस खौफनाक सच्चाई के खुलासे के बाद पुलिस ने अरमान के पिता को भी सबूत छुपाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया✍️
बस में यही सोच रही हूं कि ऐसी घटिया लड़कियों के मां-बाप समाज में कैसे रहते होंगे
और ऐसी चरित्रहीन लड़कियां समाज में कितने दिनों तक सुरक्षित रह पाएंगी ?
माननीय @DelhiPolice कृपया संज्ञान लें जो डीप फ़ेक वीडियो धर्मेंद्र प्रधान का बनाकर ये लड़की वायरल कर रही है , ऐसे लोगों पर अगर सरकार एक्शन नहीं लेगी तो इनके मनोबल और बढ़ेंगे @HMOIndia
बरेली से ले कर दिल्ली तक काफिरों के सिर को तन से जुदा करने की टारगेट किलिंग,
कहीं हिन्दू ड्राइवर की मिली सिर कटी लाश तो दूसरी तरफ चाकुओ से गोद दिए गए सियाराम,
जिहाद संक्रमित नौकरशाही फंसी रही हिन्दुओं को फंसाने में, उधर क़त्ल हो गए सनातनी,
कॉकरोच बने सेक्युलरों को नहीं पता कि दबे पाँव आगे बढ़ रहे है मौत के पंजे..
#Bareilly #Delhi @bareillypolice@DelhiPolice