आज व्यक्ति चंद्रमा पर पहुँच गया लेकिन आज व्यक्ति अशांत और दुःखी है क्यूँकि विज्ञान ,आर्थिक, परिवार, समाज, शिक्षा और राजनीति कोई भी सत्ता या इकाई हो धर्म यानी कर्तव्य के द्वारा संचालित नहीं हो रही है।#politics#shiksha#Economic@myogiadityanath@RakeshSinha01@ANINewsUP
ॐ
नवोन्मेष की शुभ बेला में,
लेकर दृढ़ विश्वास चलें।
समय आ गया लिखें देश का,
फिर स्वर्णिम् इतिहास चलें।।
लेकर दृढ़ विश्वास चलें..
नव वर्ष की आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां!
वन्देवाञ्छितलाभायचन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्
जगज्जननी माँ दुर्गा की आराधना एवं उपासना के पावन पर्व 'चैत्र नवरात्रि' के प्रथम दिवस पर माँ शैलपुत्री सभी भक्तों के जीवन में शक्ति, श्रद्धा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें, उनसे यही प्रार्थना है।
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
आप सभी सपरिवार श्रद्धालुओं एवं प्रको माँ भगवती जगदम्बा की आराधना व उपासना के पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं!
जय माता दी ।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) की प्रचंड जीत पर परिषद के कार्यकर्ताओं को बधाई।
यह जीत युवाओं की राष्ट्र प्रथम की विचारधारा में अटूट विश्वास का प्रतिबिंब है। इस विजय से परिषद की छात्र शक्ति और राष्ट्र शक्ति को गति मिलेगी#Abvp
🚩🙏 *जय श्री गणेश* 🙏🚩
*यतश्चाविरासीज्जगत्सर्वमेत-*
*त्तथाब्जासनो विश्वगो विश्वगोप्ता।*
*तथेन्द्रादयो देवसङ्घा मनुष्याः*
*सदा तं गणेशं नमामो भजामः॥*
विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश 🚩 की आराधना के पावन पर्व 'श्री गणेश चतुर्थी' की आपको सपरिवार हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ ।
शून्य से कम तापमान पर, रात्रि 3:00 बजे केदारनाथ धाम में हो रही बर्फबारी के बीच परमपिता शिव की आराधना में लीन साधु जन जी के दुर्लभ दर्शन। इसी का नाम है भक्ति। जहाँ भक्ति, वहाँ शक्ति और जहाँ शक्ति, वहाँ शिव भोले भंडारी ..!
हर हर महादेव🙏🚩
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, पूर्व अखिल भारतीय बौद्धिक प्रमुख श्री रंगाहरि जी का निधन अत्यंत दुःखद है।
प्रभु श्री राम जी से पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करने की कामना करता हूं।
ॐ शांति शांति शांतिः!@myogiadityanath @friendsofrss
मध्य प्रदेश सरकार को श्री महाकाल की नगरी उज्जैन से हिंदू नाम से चला रहे होटल और दुकानों पर बुलडोज़र चलवाना चाहिये ।@MPTourism@GovernorMP@CMMadhyaPradesh
उज्जैन में 12 साल की लड़की अर्धनग्न और लहूलुहान अवस्था में घूमती रही और काफी देर तक उसकी मदद को कोई नहीं आया... इसके बाद एक गुरुकुल आश्रम के पुजारी और आचार्य राहुल शर्मा ने इस बेटी की मदद की... आचार्य राहुल शर्मा ने आजतक को जो बताया है वो हृदय विदारक है,
''मुझे कहीं इमरजेंसी में गुरुकुल से बाहर जाना था. इसी दौरान मैंने देखा कि एक बदहवास बालिका इसी मार्ग से बड़नगर क्षेत्र की ओर पैदल जा रही थी. मैंने देखा बालिका के पांव पूरी तरह वस्त्र विहीन थे. ऊपर उसने छोटा-सा वस्त्र धारण कर रखा था. जिसे बार-बार खींचकर वह अपने शरीर को ढकने का प्रयास कर रही थी. मैंने उसे अपना तुरंत ऊपरी वस्त्र दे दिया. जिससे उसने अपने शरीर को ढका और फिर उसके बाद मेरे आश्रम में स्वल्पाहार करवाया.
मैंने बच्ची से पूछा, भूख लग रही है? उसने मुझे हां का एहसास कराया. मैंने उसे आश्रम से लेकर नाश्ता और चाय दी. उसे जितना लगा, उतना उसने खाया. मैं उसे बार-बार पूछने का प्रयास किया कि तुम्हारा नाम क्या है? तुम कहां से आई हो? कहां की रहने वाली हो? या किस समय से उज्जैन में हो? तुम्हारे माता-पिता का कोई नाम नंबर याद हो तो वह मुझे बताओ. तुम यहां पर बिल्कुल सुरक्षित हो. किसी प्रकार का कोई भय नहीं है. मैंने बार-बार उसे विश्वास दिलाया. 10-20 मिनट होने के बाद वह मुझे कुछ बात तो नहीं पाई. कुछ बोल रही थी. हो सकता है कि उसकी भाषा मैं समझ नहीं पा रहा था. मैंने उसे पेन और कॉपी भी दी कि तुम इस पर कुछ लिखकर बताओ. जब वह कुछ नहीं लिख पाई तो मैंने तुरंत 100 नंबर पर डायल किया.
दो से तीन बार मेरा कॉल कट किया गया. उसके पश्चात मैंने महाकाल मंदिर के कुछ प्रशासनिक लोगों को कॉल किया. उन्होंने मुझे महाकाल थाने के नंबर दिए. मैंने वहां पर शिकायत दर्ज कराई. उसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई. मैंने बच्ची को पुलिस के हवाले किया ताकि वह सुरक्षित हाथों में चली जाए. मुझे कहीं इमरजेंसी मीटिंग में जाना था. लेकिन इसके बावजूद अपने सारे कार्यों को मैंने स्थगित करके अपनी नजर के सामने पीड़िता को पुलिस को सौंपा.''
#उज्जैन #Ujjain
उज्जैन में 12 साल की लड़की अर्धनग्न और लहूलुहान अवस्था में घूमती रही और काफी देर तक उसकी मदद को कोई नहीं आया... इसके बाद एक गुरुकुल आश्रम के पुजारी और आचार्य राहुल शर्मा ने इस बेटी की मदद की... आचार्य राहुल शर्मा ने आजतक को जो बताया है वो हृदय विदारक है,
''मुझे कहीं इमरजेंसी में गुरुकुल से बाहर जाना था. इसी दौरान मैंने देखा कि एक बदहवास बालिका इसी मार्ग से बड़नगर क्षेत्र की ओर पैदल जा रही थी. मैंने देखा बालिका के पांव पूरी तरह वस्त्र विहीन थे. ऊपर उसने छोटा-सा वस्त्र धारण कर रखा था. जिसे बार-बार खींचकर वह अपने शरीर को ढकने का प्रयास कर रही थी. मैंने उसे अपना तुरंत ऊपरी वस्त्र दे दिया. जिससे उसने अपने शरीर को ढका और फिर उसके बाद मेरे आश्रम में स्वल्पाहार करवाया.
मैंने बच्ची से पूछा, भूख लग रही है? उसने मुझे हां का एहसास कराया. मैंने उसे आश्रम से लेकर नाश्ता और चाय दी. उसे जितना लगा, उतना उसने खाया. मैं उसे बार-बार पूछने का प्रयास किया कि तुम्हारा नाम क्या है? तुम कहां से आई हो? कहां की रहने वाली हो? या किस समय से उज्जैन में हो? तुम्हारे माता-पिता का कोई नाम नंबर याद हो तो वह मुझे बताओ. तुम यहां पर बिल्कुल सुरक्षित हो. किसी प्रकार का कोई भय नहीं है. मैंने बार-बार उसे विश्वास दिलाया. 10-20 मिनट होने के बाद वह मुझे कुछ बात तो नहीं पाई. कुछ बोल रही थी. हो सकता है कि उसकी भाषा मैं समझ नहीं पा रहा था. मैंने उसे पेन और कॉपी भी दी कि तुम इस पर कुछ लिखकर बताओ. जब वह कुछ नहीं लिख पाई तो मैंने तुरंत 100 नंबर पर डायल किया.
दो से तीन बार मेरा कॉल कट किया गया. उसके पश्चात मैंने महाकाल मंदिर के कुछ प्रशासनिक लोगों को कॉल किया. उन्होंने मुझे महाकाल थाने के नंबर दिए. मैंने वहां पर शिकायत दर्ज कराई. उसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई. मैंने बच्ची को पुलिस के हवाले किया ताकि वह सुरक्षित हाथों में चली जाए. मुझे कहीं इमरजेंसी मीटिंग में जाना था. लेकिन इसके बावजूद अपने सारे कार्यों को मैंने स्थगित करके अपनी नजर के सामने पीड़िता को पुलिस को सौंपा.''
#उज्जैन #Ujjain
आप सभी ने फैशन शो के नाम पर नग्नता एवं फूहड़ता फैलाते बहुत देखा होगा,
आज भारतीय परिधान में सनातन संस्कृति की सुंदरता भी देख लो।
अद्भुत अलौकिक भारतीय संस्कृति 🙏
राम नवमी पर सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम के चरित से त्याग व सेवा का अमूल्य संदेश मिलता है। सभी देशवासी, प्रभु राम के उच्च आदर्शों को आचरण में ढालें और एक गौरवशाली भारत के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करें, ऐसी मेरी मंगलकामना है।
गणतंत्र दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं। इस बार का यह अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इसे हम आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मना रहे हैं। देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए हम एकजुट होकर आगे बढ़ें, यही कामना है।