@BJP4India सही कह रहे हैं जनाब,जैसी प्रेस अब स्वतंत्र है जो चाहे ???, ये तो अब ही देखा है अगर सब कुछ चंगा सी तो क्यों वो सत्ता से फालतू के सवाल पूछने का दुस्साहस करे।
@ABPNews@romanaisarkhan आप तो निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं। एक प्रोग्राम किया जाए जिसका टाइटल होना चाहिए
"राम की चिड़िया, राम जी का खेत"
खेत का ध्यान किसान कर तो रहा है किसान ने खेत जोता, बुवाई की, सिंचाई करी, उसकी मर्जी।
@BJP4India पहले देश आजाद तो था पर आपका कहना है यहां प्रजातंत्र नहीं था। हां अब फर्क सिर्फ इतना है व्यक्ति कर्मों को या कार्यशैली का विरोध करने वालों को देशविरोधी कहकर संबोधन होता है या कुछ उन्हें आतंकवादी कह कर बुला लेते हैं। बस अर्थ तो एक ही है। क्या विपक्ष को मूक दर्शक बने रहना चाहिए?
@aajtak@sahiljoshii@RagiSangit कुछ नहीं होगा। लीपा पोती करके कार्पेट के नीचे बोहत जगह है। S I T बिना F I R
कुछ मायने नहीं रखती । लोगो की भावनाओं का मजाक उड़ता रहेगा। पूर्व में कितनी S IT रिपोर्ट पर कार्यवाही हुई।
आज तक स्टूडियो में सन्नाटा होगा कोई कुछ नहीं बोलेगा। सुईं पटक सन्नाटा
@aajtak@AbhayDubeyINC@SwetaSinghAT आज तक से एक अनुरोध है कि जिस विषय को सनसनीखेज बनाते हो, उसे अंजाम तक ले जाने की जहमत भी उठाया करो। मुद्दे बदल बदलकर खेल करने को जनता समझती है
@BJP4India बस यही खेल खेलते रहना, वो तुम पर और तुम उन पर इलज़ाम लगाते रहो। जनता जाए भाड़ में। जनता सिर्फ आप नेताओं को जनसेवक समझ के वोट कर के धन अर्जित करने का अवसर देती रहे। कौन दूध का दुला है एक कहावत है
"लंका में सब 52 गज के"
@SushantBSinha तुम एक ऐसे पत्रकार हो जिसको कोई सुनना चाहता हो, मुझे शक है। प्रायोजित खबरों के बादशाहों की सूची में अभी आप पीछे हैं।एक फिल्म आई थी
"लगे रहो मुन्ना भाई"
@BJP4India स्वयंभू विश्वगुरु हैं।विदेशों में दिए गए प्रोटोकॉल तो रणनीतिक औपचारिकताएं होती हैं। कौन सा मापदंड है या अन्तरराष्ट्रीय रेटिंग है उसे साझा करते तो लोगो को पता चलता।
@ABPNews 12 साल से हम पकौड़े तल रहे थे। हर विफलता के पिछे वीपक्ष जिम्मेवार ही होता है क्यों कि आप को तो चुनावों से और सत्ता में बने रहने के लिए दिन रात लगे रहने के अतिरिक्त कुछ और है क्या?