मुर्दा है वो, जो घर की बहन-बेटियों पर बात आ जाए तो भी चुपचाप सहता रहे। हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है कि अगर कोई दुर्योधन किसी द्रौपदी को अपने जंघे पर बिठाने की बात करे तो तुम उसकी जंघा चीर डालो। अगर कोई रावण किसी सीता को हर ले जाए तो समंदर पार करके उसकी नाभि में तीर मारो।
जब बात घर की बहन-बेटी पर आ जाए तो प्रतिकार करना चाहिए, संविधान और क़ानून से भी ऊपर आता है स्वाभिमान। जिसका स्वाभिमान मर गया, उसके लिए क्या करेगा क़ानून और क्या करेगा संविधान। अजीत भारती की बहन पर टिप्पणी हुई। उन्होंने टिप्पणी करने वाले को उसी की भाषा में जवाब दिया। सामान्य वर्ग की बहन-बेटियों को भोग की विषय-वस्तु समझकर माँगने वालों को उसकी औक़ात दिखाई। यही होना चाहिए।
स्वाभिमान, अहंकार नहीं है। "मैं ही सर्वश्रेष्ठ हूँ" - ये अहंकार है। "मेरी बहन-बेटियों का सम्मान मेरे लिए सर्वोपरि है" - ये स्वाभिमान है। "मेरी बहन-बेटियों पर टिप्पणी करने वाले के मुँह पर थूक दूँगा" - ये उस स्वाभिमान का प्राकट्य है। अगर उस प्राकट्य की परिणति एकतरफ़ा SC/ST एक्ट और फिर जेल है तो वही सही।
जहाँ तक चंद्रशेखर 'रावण' की बात है, उसने वाल्मीकि समाज की लड़की रोहिणी घावरी को धोखा दिया है। बेचारी कई महीनों से आवाज़ उठा रही है न्याय के लिए, कोई नहीं सुन रहा। कोई एक्ट नहीं लग रहा। कारण - चंद्रशेखर 'रावण' के पास वोट बैंक है, इसीलिए वह अधिक दलित है। रोहिणी घावरी सफाईकर्मी की बेटी है, इसीलिए उसका दलित वाला सर्टिफिकेट आधी साइज का ही है।
बहन-बेटी भी खैरात में चाहते हैं, कम अंक लाकर भी एडमिशन-नौकरी पाने से मन नहीं भर रहा।
"First, get me married to a daughter from the Brahmin, Thakur, or Gujjar community, then I will consider myself a Hindu."
:Bhim Army worker in front of Police
Does this qualify for an FIR?
दिल्ली पुलिस की मनमानी देखकर मन विचलित हो रहा है। आंदोलनकारियों से अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। महिलाओं और गोद लिए बच्चों का भी लिहाज नही। लगता है कंस, दुर्योधन का राज है। @BJP4India@PIBHomeAffairs@RSSorg@DelhiPolice क्या सन्देश देना चाहते हैं आप लोग ?
दिल्ली में, तिलक हटाकर घूमना पड़ रहा है, यही दिन देखना बाकी रह गया था बस!
"मैं हनुमान मंदिर गया था, भजन-कीर्तन करने के लिए। वहाँ से मुझे माला दी गई। लेकिन मुझे तिलक हटाना पड़ा और माला उतारकर अंदर रखनी पड़ी।
जो व्यक्ति तिलक लगाकर घूम रहा है, वह उनके लिए प्रोटेस्टर है।
एक तरफ हिंदू राष्ट्र की बात होती है और दूसरी तरफ आपको तिलक हटाना पड़ रहा है। अब मैं क्या करूँ? हम किसी भी नाव में पैर नहीं रख सकते।"
तुम दूसरे की बहन मांगो बलात्कार करने के लिए .... और यदि वो प्रतिकार कर दे तो फ़र्ज़ी मुकदमा लगा दो ....., याद कीजिये UGC के समय मैंने यही कहा था की कोई लड़का कहेगा मेरे साथ सेक्स कर नहीं करेगी तो तुझ पर झूठा मुकदमा लगा दूंगा फाइनल ईयर की सवर्ण लड़की तब क्या करेगी? आज इस मुक़दमे से मेरे उस डर पर मोहर लग गयी है, सोचो कितना घिनौना कानून है
🚨 दिल्ली: यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन्स (2026) के विरोध में छात्रों ने कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लिया।
#Delhi#UGC#StudentProtest
कुछ लोग कहते हैं कि NOTA दबाकर क्या फायदा, जब वोट किसी को जाएगा ही नहीं...
NOTA का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप जिसके वोटबैंक हैं, उसको पता चलेगा कि NOTA में गया वोट उसी का था।
जब हमारा वोटबैंक समुदाय आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा था, तब हमारी पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की थी।
इसी वजह से ये वोट हमें नहीं मिले और NOTA में चले गए।
अगर ये वोट हमें मिलते, तो हमारा प्रत्याशी NOTA के वोटों के दम पर जीत सकता था।
NOTA जिंदाबाद....