कावड़ियों के पास हथियार 📢
भोगी जी ने बिरयानी मांस वालों का तो बुलडोज्द करवाया है, प्रशासन ने 5000 हजार का जुर्माना और सजा दोनों रखी है मगर कावड़ मे फरसे हथियार लेके जाने वालों पर कुछ नहीं बोला भोगिया ?
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक शर्मनाक घटना सामने आई है। स्कूल से ट्यूशन लौट रही एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ रास्ते में एक युवक ने छेड़छाड़ की कोशिश की।
लड़की की तेज़ चीख सुनकर आरोपी डर से भाग गया। घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें अपराध की पूरी साजिश साफ दिख रही है।
इस वारदात ने समाज में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। . .
क्या उत्तरप्रदेश मे लड़की रात के 2 बजे अकेले घूम सकती है ये किसी भाजपा के मंत्री का दावा था
Non-Veg बिरयानी बिक रही थी, हिंदू संगठनों को बुरा लगा, पुलिस आई, दुकान तोड़ दी।
कितनी सस्ती है इस मुल्क में एक मुसलमान की ज़िंदगी। उसकी जान-माल का कोई मोल नहीं? क्या इस देश में कोई जज, कोई अदालत बची है ? क्या अब गुंडागर्दी ही इंसाफ़ है ?
📍 उत्तर प्रदेश
एक देश, एक कानून… फिर ये दोहरे मापदंड क्यों?
मैनपुरी में ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर 50 लीटर गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा में निकले। ट्रैफिक पुलिस की बड़ी भूमिका रही और इंस्पेक्टर भोले की भक्ति में डूबे नजर आए।
वहीं कन्���ौज में ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर आफ़ाक़ खान ने कॉलेज में बेटियों की सुरक्षा पर बात करते हुए पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ का ज़िक्र किया और कहा “जिस घर में बेटी पैदा होती है, उस घर में रहमत बरसती है।”
वीडियो वायरल हुआ, शिकायत की गई कि वर्दी में धार्मिक शिक्षा दी जा रही है और कन्नौज SP ने उन्हें लाइन हाज़िर कर दिया।
अगर वर्दी में धार्मिक आस्था का प्रदर्शन गलत है, तो नियम सबके लिए बराबर क्यों नहीं? एक देश, एक कानून या दोहरे मापदंड?
In Ghaziabad, a group of Kanwariyas assaulted a man identified as Imran, alleging that he had desecrated a Kanwar.
Ghaziabad Police say the incident happened after the man accidentally collided with the Kanwariyas while crossing the road.
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इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
After a youth's murder in Saharanpur, UP, Family members, along with local residents, staged a highway protest by placing the teenager's body on the road, demanding the arrest of all the accused. The protest turned violent and police resorted to a lathi charge and beat women protesters.
महोदय @dgpup साहब @Uppolice इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
महोदय @uttarakhandcops इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
महोदय @CPDelhi साहब @DelhiPolice इस जॉम्बी के खिलाफ कार्रावाई क्यों नहीं करती? क्या पुलिस इससे डरती है? क्या ये कानून से ऊपर है?
सुहाना खान का नाम सुनते ही पुलिस ने कहा, 'इसे अलग लेकर आओ।' इसके बाद सिविल ड्रेस में मौजूद एक पुरुष पुलिसकर्मी ने मुझे करीब 7 घंटे तक टॉर्चर किया। मेरे प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया और मुझे बेरहमी से पीटा।
ये रेजाउल करीम हैं, पश्चिम बंगाल के में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। 1991 से पुलिस सर्विस में हैं, साल 2002 की वोटर लिस्ट में भी नाम मौजूद था, इसके बावजूद SIR के बाद अब उन्हें "संदिग्ध मतदाता" मान लिया गया है। करीम के मुताबिक ��र्विस से रिटायरमेंट में अभी 21 महीने बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है. 37 साल की सेवा और कई उपलब्धियों के बावजूद उन्हें वोट डालने के अधिकार से महरूम कर दिया गया है।
यह वीडियो छत्तीसगढ़ के सूरजपुर की है। चोरी के ‘शक’ में मोहम्मद रहमान को निर्वस्त्र कर उसकी पत्नी के साथ सड़क पर घुमाया गया, उसके गले में एक पोस्टर भी टांगा हुआ है। ऐसे करने वाले दरिंदों ने रहमान की पत्नी को बलात्कार की धमकी भी दी है। ऐसे बनेंगे विश्वगुरु?
यह घटना यूपी के शामली के लिलौन गांव की है। लिलौन निवासी मोमीन के परिवार से इसी गांव का निवासी शिवम नामी एक शख्स रंजिश रखता है। रंजिश महज़ चुनावी है। लेकिन इस चुनावी रंजिश में शिवम ने ऐसी क्रूरता दिखाई है, जिसने मानवता क�� शर्मसार कर दिया है। बीते महीने मार्च की 10 तारीख को मोमीन के दो बच्चे घर से यह कहकर निकले कि वो खेलने जा रहे हैं। इन बच्चों को ��िवम और उसके साथी नितिन और गोलू दोनों बच्चो को बहला फुसलाकर बडी नहर पर ले गए।
आरोप है कि इन तीनों ने दोनों बच्चों को पहले बेरहमी से पीटा और फिर नहर में फेंक दिया, चूंकि एक बच्चा तैरना जानता था तो वह अपने छोटे भाई को भी किसी तरह नहर से निकाल लाया। इसके बाद शिवम और उसके साथियों तीनों ने दोनों बच्चों को अपने घर में बन्धक बना लिया, और उन्हें निर्वस्त्र करके बेरहमी से पीट। बच्चों के साथ हो रहे अमानवीय एवं क्रूरता की सूचना पाकर मोमीन मौके पर पहुंचे, तो शिवम और उसके साथियों द्वारा उनके साथ भी गाली गलौज की गई। जिसके बाद मोमीन द्वारा @112UttarPradesh पर कॉल कर इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई। आरोप है कि पुलिस द्वारा आरोपितों के खिलाफ कोई कार्रावाई नहीं हुई है।
अब यहां से कई सवाल हैं। क्या @dgpup की @Uppolice बच्चों के साथ अमानवीय एवं क्रूर रवैया अपनाने वाले शिवम और उसके ��ुर्गों के खिलाफ सख्त ऐसी कार्रावाई करेगी जो नज़ीर बने? इस घटना को एक महीने से भी ज्यादा का वक्त बीत गया है, लेकिन आरोपितों पर कोई कार्रावाई तक नहीं हुई है, ऐसा क्यों? @myogiadityanath की @UPGovt में बच्चों के साथ क्रूरता करने वालो के साथ पुलिस इतना ढुल मुल रवैया क्यों अपनाए हुए है। इस मामले का @NCPCR_ को संज्ञान लेना चाहिए, दोषियों को ऐसी सज़ा मिले जो नज़ीर बन जाए।
@raghav_chadha https://t.co/kCnw65vFJr
राघव चड्ढा का कहना है " BJP अनपढ़ गुंडों की पार्टी है।"
अब राघव चड्ढा 7 सांसदों समेत भाजपा ज्वॉइन कर रहे हैं यानी अब भाजपा में पढ़े लिखे गुंडे भी होंगे।