बस्ती-बस्ती खुल रही अब दारू की मधुशाला,
और दूर हो रही बच्चों से ज्ञान की पाठशाला।
जिस देश में ठेके नजदीक और स्कूल हों दूर,
समझो वहां बेखबर हैं हाकिम, अंधे हैं दस्तूर।
योगी सरकार ने दावा किया था कि हम बच्चों की शिक्षा के लिए कंपोजिट विद्यालय बनाएंगे
बस्ती-बस्ती खुल रही अब दारू की मधुशाला,
और दूर हो रही बच्चों से ज्ञान की पाठशाला।
जिस देश में ठेके नजदीक और स्कूल हों दूर,
समझो वहां बेखबर हैं हाकिम, अंधे हैं दस्तूर।
योगी सरकार ने दावा किया था कि हम बच्चों की शिक्षा के लिए कंपोजिट विद्यालय बनाएंगे लेकिन कंपोजिट विद्यालय की जगह कंपोजिट शराब की दुकान खोली जा रही हैं...
#SaveVillageSchools
10 साल बेमिसाल
*भीम आर्मी - भारत एकता मिशन* के 10वें स्थापना दिवस पर
देश व प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! 💙✊
जय भीम✊
जय भारत✊
जय संविधान📜
🙏 आइए, हम सब मिलकर सामाजिक न्याय, बराबरी और संविधान के मूल्यों की रक्षा हेतु इस संघर्षशील यात्रा को और मजबूत करें।
मनुवादी वकीलों की छाती पर चढ़कर "बाबा साहेब अम्बेडकर" के बच्चों ने आंदोलन कर बता दिया हैं, कि मूर्ति तो ग्वालियर हाईकोर्ट के अंदर ही लगेगी, दम हैं, तो रोक कर दिखाओ।
@etawahpolice@Uppolice@dgpup महोदय पीड़ित परिवार मध्यप्रदेश के इंदौर से यूपी के इटावा के हनुमंत गाँव मे शादी मे सामिल होने गया था जिन पर वहाँ के कुछ जातिवादी लोगो ने जानलेवा हमला किया है मामले को जल्द से जल्द संज्ञान मे ले और आरोपियों को हिरासत मे लेकर कड़ी सजा दी जाए
भीम आर्मी इंदौर के सक्रिय कार्यकर्ता व मल्हारगंज तहसील संयोजक रवि चौधरी व उनके परिवार पर उत्तर प्रदेश के इटावा में जानलेवा हमला जातिवाद मानसिकता के लोगों द्वारा किया गया उत्तर प्रदेश पुलिस इस विषय को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही करे। @BhimArmyChief@VinayRatanSingh
पर वो 4 आतंकवादि के सिर कहा है जिन्होंने मेरे देश के 28 नागरिको को पहलगाँव मे मारा था इंदिरा गाँधी जी ने अमेरिका के कहने पर सीजफायर नही किया अटल बिहारी वाजपेयी जी ने किसी के कहने पर समझौता नही किया फिर विश्व गुरु पीछे क्यो हटा कहा है पाकिस्तान के दो टुकड़े
शर्मनाक @narendramodi
हमारी सेनाओं के शौर्य और पराक्रम ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। देश के दुश्मनों ने देख लिया कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो नतीजा क्या होता है।
प्रयास करो कि बाबासाहेब की मूर्ति शांति से लग जाए। शांति से नहीं तो क्रांति से लगेगी, बाबासाहेब के बच्चे कमजोर नहीं हैं..!!
- चन्द्रशेखर आजाद, भीम आर्मी संस्थापक
चन्द्रशेखर आजाद ने तो चलना भी संघर्षों से शुरू किया है, मैं काफी वर्षों से देख रहा हूं कि जितना चन्द्रशेखर आजाद को गिराने की कोशिश की गयी वह उतनी ही तेजी से ऊपर उठे हैं @BhimArmyChief
आपको किस नेता से उम्मीद है कि वह देश को दुनिया में Top पर ला सकता है?
1- राहुल गाँधी
2- नरेंद्र मोदी
3- अखिलेश यादव
4- तेजस्वी यादव
5- नीतीश कुमार
6- योगी आदित्यनाथ
7- MK स्टालिन
8- उद्धव ठाकरे
9- असदुद्दीन ओवैसी
10- अरविंद केजरीवाल
कहा था ना आयेंगे जरूर
सुन लो मनुवादी वकीलो जिन शेरो को बुलाया था वो भीम आर्मी के शेर लठ् पर तुम्हारा नाम लिख कर आये थे वीडियो मे गीदड़ की तरह धमकी दे कर फेमस होने वाले मनु की औलादे कल आमने सामने की लडाई लड़ते तब पता चलता की अंबेडकर की औलादे और भीम आर्मी कौन है
#Gwalior_highcourt
हरियाणा के जिला पंचकूला के रायपुर रानी थाना क्षेत्र के गांव मोली में बहुजन समाज की बेटी की शादी एक सामाजिक संघर्ष और आत्मसम्मान की लड़ाई में तब्दील हो गई, जब जातिवादी मानसिकता से ग्रस्त गुंडों ने संविधान और मानवता दोनों को ठेंगा दिखाते हुए दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने से रोकने की कोशिश की।
जब गांव मोली में एक दलित परिवार की बेटी की शादी की तैयारियाँ चल रही थीं, तभी गांव के ही जातिवादी गुंडों ने जातिवादी सूचक गालियां देते हुए बेटी के पिता को धमकी दी —“चुड़े-चमारों को घोड़ी पर चढ़ने की इजाजत नहीं है। अगर घोड़ी चढ़े तो दूल्हे को गोली मार देंगे और पूरी बारात को भी मारेंगे।” 28 मार्च 2025 को इसकी जानकारी पुलिस को दी गई।
6 अप्रैल को बारात निकलने वाले दिन पुलिस गांव में पहुंच गई थी इसके बाद भी,बग्गी वाले को गांव के रास्ते में जातिवादी गुंडों ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। पुलिस को इस हमले की भी सूचना दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद भी दोबारा बग्गी चालक पर हमला किया गया। इन हमलों का मकसद साफ था—बारात को रोकना और दलित दूल्हे को घोड़ी पर चढ़ने से हर हाल में रोकना।
भीम आर्मी और प्रशासन की मौजूदगी में बारात निकाली गई और दूल्हा घोड़ी पर चढ़ा। पूरे गांव में यह बारात आत्मसम्मान की मिसाल बन गई, लेकिन यह बात उन जातिवादी गुंडों को नागवार गुजरी।
बारात के दौरान गुंडे लगातार धमकियाँ देते रहे—“आज तो बच गए, लेकिन एक चमार को घोड़ी चढ़ा दिया, इसकी सज़ा मिलेगी। दूल्हे को गोली मार देंगे। जिन लोगों ने मदद की है, उनका भी हिसाब होगा।आज नहीं तो कल उन्हें जान से मार देंगे।” आखिरकार पुलिस और प्रशासन की मदद से बारात किसी तरह सुरक्षित वापस पहुंची।
बारात वापसी के बाद भी जातिवादी गुंडों का आतंक नहीं रुका। उन्होंने गांव के दलित समाज के लोगों को टारगेट करना शुरू कर दिया। दलित लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की जाने लगी। एक बेटी के साथ तो कपड़े तक फाड़ दिए गए। यह केवल एक लड़की पर नहीं, पूरे बहुजन समाज अस्मिता पर हमला है।
इस पूरे प्रकरण में पुलिस ने मामला तो दर्ज किया है, लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है। इससे साफ होता है कि प्रशासन या तो दबाव में है या फिर जातिवादी ताकतों के सामने झुका हुआ है।
और आज जब माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief एवँ नगीना से लोकप्रिय सासंद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पंचकूला जा रहे थे तो उन्हें मुलाना के एक गेस्टहाउस में जबरन रोक दिया गया। यह बीजेपी की तानाशाही की तस्वीर है।
हमारी ये बात याद रखना ये तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
#ReleaseChandraShekharAazad
#ReleaseChandraShekharAazad
#29_अप्रैल_चलों_रायपुर_रानी
ट्वीट आज से 6 दिन पहले का मतलब कश्मीर में हुए आतंकी हमले से पहले की जानकारी क्या यह पुलवामा अटैक की तरह कोई राजनीतिक षड्यंत्र तो नहीं देश में बॉर्डर से लेकर राज्य,जिले तक इतनी कड़ी सुरक्षा होने के बाद भी आतंकवादी हैवानों का हमारे देश में बेझिझक आकर हमला करना कैसे संभव हो सकता हे