"चुनाव आयोग ने जो प्रेस नोट जारी किया है, वह उनके ही खिलाफ है। उसमें उन्होंने जो भी गलत हो रहा था, सब स्वीकार कर लिया। आगे से हम एजेंडा से मीटिंग करेंगे, मतलब अभी तक नहीं कर रहे थे। एजेंडा जारी करेंगे, मतलब पहले नहीं करते थे। आगे से हमारे अफसर बात सुनेंगे, मतलब पहले नहीं सुनते थे। आगे अच्छा कर लोगे, लेकिन जो पीछे गलत हुआ, उसकी भरपाई कैसे होगी? फॉर्म 6 की दो तरह की व्यवस्था हो गई। ये क्या बेहूदा बात हो रही है? दो कानून कैसे हो सकते हैं?"
- डॉ एसवाई कुरैशी, पूर्व चुनाव आयुक्त
यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए।
ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं।
आज मैं इनकी झुग्गी में गया और सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है।
SDM से फ़ोन पर मैंने यही कहा - मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया।
यह SIR नहीं - यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है।
ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे। पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा।
#VoteChori
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से गिर रहा है। सिर्फ 2 हफ्ते में 20 बिलियन डॉलर घट चुका है।
ये सब मोदी की खोखली छवि को बचाने के लिए किया जा रहा है।
असल में विदेशी मुद्रा भंडार से तेजी से डॉलर बेचा जा रहा है, ताकि रुपए की गिरावट धीमी हो और मोदी की छवि पर आंच न आए।
पूरी कवायद बस ये है कि देश का नुकसान हो जाए, लेकिन मोदी की छवि को बचाया जाए।
SIR के शिकार बिहार और बंगाल के मुख्य विपक्षी दल ना जाने किस बात का इंतज़ार कर रहे । कांग्रेसी चुनाव आयोग को जयपुर से नागपुर तक रगड़ रहे हैं। इसीलिए कांग्रेस, कांग्रेस है।
दिल्ली की BJP सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं।
उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था।
मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।
ये उस सत्ता का चेहरा है जिसे अब वोटर से डर लगना बंद हो गया है।
सड़क पर सवाल पूछो - थप्पड़।
पेपर लीक पर सवाल पूछो - लाठी।
संसद में सवाल पूछो - माइक बंद।
ये लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि इन्हें अब ये डर ही नहीं कि चुनाव इन्हें हटा सकता है। वोट चोरी यही ख़रीदती है - सिर्फ़ नतीजा नहीं, उसके बाद आने वाला अहंकार भी।
जो सरकार जीत को पक्का मान लेती है, उसे आपकी रज़ामंदी नहीं चाहिए - आपकी ख़ामोशी और अंधभक्ति चाहिए।
चुनाव आयोग में वोट चोरी होती है। महाराष्ट्र में 60 सीटों पर बीजेपी हार गई थी, उसका नतीजा बदला गया। चुनाव आयोग इसमें सबसे बड़ा हथियार बना, खासकर ज्ञानेश कुमार।
- संजय राउत
महाराष्ट्र चुनाव के पहले विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि भाजपा बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में धोखाधड़ी कर रही है। भाजपा प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में MVA समर्थकों के 10,000 वोटों को हटा रही है और इसे छिपाने के लिए 10,000 फर्जी वोट जोड़ रही है।
MVA को संदेह था कि लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से उसके लगभग 30 लाख समर्थक हटाए जा सकते हैं।
चुनाव के बाद डेटा मिलान करने पर पता चला कि MVA के तीन मुख्य दलों के वोट 32.8 लाख घट गए! शिकायत में जताई गई आशंका सच साबित हुई।
लोकसभा चुनाव 2024 के पांच महीने बाद, महाराष्ट्र में कुल मतदाताओं की संख्या में 47 लाख की वृद्धि दिखाई गई। ये सारे वोट बीजेपी को गए।
जितने वोट बढ़ाए गए, भाजपा गठबन्धन को उतने ही वोटों का फायदा हुआ। और MVA के उतने ही वोट कम हो गए।
जिसे राहुल गांधी वोट चोरी कह रहे हैं, असल में वह डकैती है। डंके की चोट पर लोकतंत्र पर डाका डाला जा रहा है।
@PriyanshuVoice@ajeetbharti भाडवा अजीत भारती को लग रहा है कि जंतर मंतर पे कॉक्रोच वाले आएंगे और ये अपने गुंडो को भेजेगा। अरे haramkhor वहां आम जनता आयेगी और तुम बिल में छुप कर बस गुंडा ही भेज पाएगा
फिर कहता हूं कि तीनों बराबर के अपराधी हैं। यह विपक्ष को और जनता को बेवकूफ समझते हैं। अब यह जनाक्रोश से भयभीत हैं। कह रहे हैं कि बिहार और बंगाल वाले नाम जुड़वा लें। बीएलओ घर जाकर जोड़ेगा। रहने दो नाम तो हम जुड़वा ही लेंगे पहले तुम सब रुखसत हो।
जब इनसे पूछेंगे कि SIR का निर्णय कैसे लिया गया? मिनट्स ऑफ मीटिंग दिखाओ यह बगले झांकेंगे।
जब इनसे पूछेंगे कि अलग अलग प्रदेशों में अलग अलग तरीके से SIR के सॉफ्टवेयर में बदलाव क्यों किए गए इनके पास जवाब नहीं होगा।
जब इनसे पूछेंगे VIP वोटर्स कौन है इनके पास जवाब नहीं होगा।
जब इनसे पूछेंगे कि अरुणांचल के 7.5 लाख वोटर्स में से 2 लाख के नाम कैसे कट गए इनके पास जवाब नहीं होगा।
वोट चोर गिरोह ने हरियाणा में वोटिंग के दिन बताया कि 61.19% पोलिंग हुई है
अगले दिन यानी 6 अक्टूबर को बताया कि 65.65% पोलिंग हुई
फिर 7 अक्टूबर को बताया कि 67.9% वोट पड़े और 8 को रिजल्ट आ गया
EVM बंद हो गई। सील करके रखवा दी कई। तो फिर दो दिन बाद, काउंटिंग से 12 घंटे पहले 2.25% वोट कहां से आ गए?
इन डकैतों ने हरियाणा में हर विधानसभा में औसतन 15,175 वोट बढ़ा दिए।