असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 के पाँच विषयों के छात्र जो पुराने परीक्षा परिणाम को यथावत रखना चाहते हैं वह नीचे दिए गए पिटिशन से जुड़ सकते हैं। ध्यान रहे असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञ���पन संख्या 51 के संबंध में सरकार की पूरी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अधीन होगी इसलिए सरकार द्वारा नए परीक्षा परिणाम के आधार पर साक्षात्कार कार्यक्रम घोषित करना पूरी तरह अवैध है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ही सरकार को असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 के संबंध में आगे कोई कार्यवाही करनी चाहिए यही न्यायसंगत ��ै। @rashtrapatibhvn
@PMOIndia
पूर्व चयनित अभ्यर्थियों की एक ही मांग—
"पूर्व परिणाम बहाल हो, पूर्व चयनितों को इंटरव्यू मिले और वर्षों की मेहनत का सम्मान हो।" माननीय @myogiadityanath जी, न्याय की अपेक्षा है। @upesscprayagraj@upg
We respectfully urge the authorities to restore the earlier result of Assistant Professor Advertisement No. 51. (April 16-17, 2025)
Thousands of deserving candidates are looking forward to a fair and just decision.@PMOIndia@upesscprayagraj@myogiadityanath
Thousands of candidates are seeking only one thing—justice. Kindly restore the earlier result of Assistant Professor Advertisement No. 51 and protect merit.@AmitShah@myogiadityanath@UPGovt@upesscprayagraj
सहायक आचार्य विज्ञापन संख्या 51 का पूर्व परिणाम ही निष्पक्ष एवं न्यायोचित था।
कृपया पूर्व परिणाम को पुनः बहाल कर योग्य अभ्यर्थियों को न्याय प्रदान करें।
माननीय मुख्यमंत्री जी एवं उच्च शिक्षा विभाग से विनम्र अनुरोध है कि सहायक आचार्य विज्ञापन संख्या 51(अप्रैल 16-17,2025 )का पूर्व परिणाम पुनः बहाल किया जाए।
हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य एवं न्यायसंगत चयन प्रक्रिया की रक्षा की जाए @UPGovt@upesscprayagraj@RahulGandhi@ravish_journo
We respectfully urge the authorities to restore the earlier result of Assistant Professor Advertisement No. 51. (April 16-17, 2025)Thousands of deserving candidates are looking forward to a fair and just decision @upesscprayagraj@SanjayAzadSln@sardesairajdeep
@myogioffice@rashtrapatibhvn@htTweets@AmarUjalaNews@ravish_journo@yadavakhilesh@YogendraUpadhy@DainikBhaskar@JagranNews खुला पत्र
सेवा में,
माननीय भारत के मुख्य न्यायाधीश महोदय,
माननीय भारत के राष्ट्रपति महोदया,
माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार,
विषय: उत्तर प्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के संबंध में याचिका संख्या 368/2026 में माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन करने हेतु।
महोदय
मैं यह पत्र केवल एक अभ्यर्थी के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे नागरिक के रूप में लिख रही हूँ जिसे आज भी भारतीय संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, न्याय और समानता पर विश्वास है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा 16/17 अप्रैल 2025 में सम्पन्न हुई असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा का 7 जनवरी 2026 को रद्द किया जाना ,वो भी सितंबर 2025 में 2 चरणों में साक्षात्कार की तिथियां घोषित करने के 4 महीने बाद, हजारों ईमानदार और मेहनती अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत पीड़ादायक सिद्ध हुआ है। अभ्यर्थियों ने 2022 से 2025 तक कठिन परिश्रम किया, आर्थिक और मानसिक संघर्ष झेले, पारिवारिक जिम्मेदार��यों के बीच अपनी तैयारी जारी रखी और अपने भविष्य को इस भर्ती प्रक्रिया से जोड़ा।
कोई भी जागरूक नागरिक पेपर लीक, भ्रष्टाचार या अनुचित साधनों का समर्थन नहीं करता। यदि किसी व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए। परंतु न्याय का मूल सिद्धांत यह कहता है कि दंड व्यक्तिगत अपराध के आधार पर होना चाहिए, न कि सामूहिक रूप से निर्दोष लोगों पर थोपा जाए। माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश में यह स्पष्ट है कि पूरी परीक्षा ( जिसमें 33 विषय शामिल हैं) को सिर्फ 19 लोगो के ऊपर संदेह होने के चलते रद्द किया गया, वो भी 9 महीने बाद।
यदि कुछ व्यक्तियों पर संदेह या आरोप हैं, तो कार्रवाई उन्हीं तक सीमित रहनी चाहिए जिनके विरुद्ध ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य उपलब्ध हों। हजारों मेहनती युवाओं के सपनों और वर्षों की मेहनत को बिना व्यापक और निर्णायक प्रमाण के समाप्त कर देना न्याय, समानता और संवैधानिक मर्यादाओं के विरुद्ध प्रतीत होता है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक निर्णयों में “प्रोपोर्शनट एक्शन” अर्थात “अनुपातिक कार्रवाई” के सिद्धांत पर बल दिया है, जिसके अनुसार दोषी और निर्दोष अभ्यर्थियों में अंतर करना आवश्यक है। सामूहिक दंड किसी भी लोकतांत��रिक व्यवस्था का पहला विकल्प नहीं ��ोना चाहिए।
आज अनेक अभ्यर्थी मानसिक तनाव, सामाजिक अपमान और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। कई अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर चुके हैं। अनेक महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों ने इस भर्ती के कारण अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय टाल दिए। इस प्रकार की अनिश्चितता उनके जीवन पर स्थायी प्रभाव डाल रही है।
यह केवल एक परीक्षा का प्रश्न नहीं है; यह देश के युवाओं के उस विश्वास का प्रश्न है जो वे सार्वजनिक संस्थाओं और मेरिट प्रणाली पर रखते हैं। यदि ईमानदार अभ्यर्थियों को भी बिना दोष सिद्ध हुए दंडित किया जाएगा, तो युवाओं का विश्वास व्यवस्था से उठना स्वाभाविक है।
अतः इस खुले पत्र के माध्यम से मेरा विनम्र निवेदन है कि—
1. निर्दोष एवं ईमानदार अभ्यर्थियों को सामूहिक दंड से बचाया जाए।
2. किसी भी परीक्षा रद्दीकरण अथवा कठोर प्रशासनिक कार्रवाई से पूर्व निष्पक्ष, पारदर्शी एवं साक्ष्य-��धारित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
3. जांच एजेंसियां न्यायालय एवं जनता के समक्ष ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करें, केवल सामान्य आरोपों या धारणाओं के आधार पर कार्रवाई न हो।
4. दोषियों को दंडित करते समय निर्दोष अभ्यर्थियों के संवैधानिक अधिकारों और भविष्य की रक्षा की जाए।
5. भविष्य में उत्तर प्रदेश की भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने हेतु ठोस सुधार लागू किए जाएं।
मुझे आशा है कि देश की संवैधानिक संस्थाएं और उत्तर प्रदेश सरकार इस विषय को केवल प्रशासनिक मुद्दा न मानकर लाखों युवाओं के भविष्य और न्याय की भावना से जोड़कर देखेंगी।
इतिहास उन संस्थाओं को सम्मान देता है जो शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि निर्दोषों की रक्षा करते हुए न्याय सुनिश्चित करती हैं।
सादर,
समस्त चयनित अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा,2022 (16-17अप्रैल, 2025)
Respectfully request Uttar Pradesh Education Service Selection Commission to conduct the interview process for UPHESC Advt. 51 Assistant Professor in a fair, transparent and timely manner in compliance with the recent judgment of the Hon’ble Allahabad High Court (Special Appeal No. 368/2026).
Eligible candidates are eagerly awaiting implementation of the judgment in the interest of justice and administrative fairness.
We all will be highly obliged.
@PrashantK_IPS90@upesscprayagraj
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी और माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार सर जी, ये डॉ. रेहान आज़मी, ये व्यक्ति बता रहे है कि यूपी उच्च शिक्षा मंत्री माननीय योगेंद्र उपाध्याय जी का नाम सीधे सोर्स के रुप सोशल मीडिया पर आयोग से बिना पूछे गलत अफवाह फैला रहे है संज्ञान लीजिए 🙏🙏
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ओर माननीय अध्यक्ष श्री प्रशांत कुमार सर से आग्रह करना चाहता हूं कि जब आयोग ने अभी तक कोई भी ऐसी इंफोर्मेशन नहीं दी है तब ये व्यक्ति गिरजेश कुमार ओर डॉ.विष्णु क��मार द्विवेदी जी को सूचनाएं कैसे से मिल रही है। ये जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का ❌
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माननीय अध्यक्ष जी से निवेदन है कि माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के डबलबेंच के 17 अप्रैल 2026 को दिए गए निर्णय के अनुपालन में, असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या 51 के 28 विषय जिनका परीक्षा परिणाम पिछले वर्ष 4 सितंबर 2025 को घोषित किया जा चुका है, का साक्षात्कार कार्यक्रम अतिशीघ्र घोषित करने की कृपा करें।
श्रीमान जी की इस महान कृपा के अभ्यर्थी आजीवन आभारी रहेंगे। जय श्री कृष्ण!
@PrashantK_IPS90@myogiadityanath@myogioffice@CMOfficeUP@UPGovt@ChiefSecyUP@upesscprayagraj