ये तालिबान या ISIS की क्रूरता नहीं है, बल्कि ये सब बिहार में हुआ।
संतोष सिंह जी ने अंबेडकर को लेकर कोई टिप्पणी कर दी। जिसके बाद उन्हें बेरहमी से मारा। अर्धनग्न कर घुमाया।
ये उत्पीड़न अत्याचार बर्बरता और अन्याय नहीं तो क्या है? इस पर सब मौन क्यों है? मामला बिहार के सीवान का।
पंडित सुनील शर्मा का सिर मुंडवाकर चोटी काटी, उन्हें बेइज्जत और जलील किया, वीडियो बनाया, धमकी दिया और अब वीडियो वायरल…….
ये उत्पीड़न नहीं तो क्या है? ये अत्याचार नहीं तो क्या है? ये अपराधिक कृत्य नहीं तो क्या है? ये कुंठा और नफरत नहीं तो क्या है?
कोई मीडिया चैनल आपको ये नहीं दिखाएगा। हर जगह चुप्पी है, सब मौन व्रत हैं। मामला UP के सहारनपुर का।
@Prakharshri78@BJP4India वाले कभी मुकदमा नहीं लिखवाएंगे,इनके कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस वाले आए दिन मुकदमे लिखवाते हैं और पार्टी उनका साथ भी नहीं देती है @NitinNabin
@INCIndia@BJP4India@narendramodi@AmitShah वालों धिक्कार है तुम्हारे ऊपर,बंद करो नैतिकता का ढोंग,रगड़ के रख दो गांधी परिवार और उनके चमचों को नहीं तो बड़ी बड़ी बातें करना बंद करो और अपनी हार मान लो ।
हमार अकेले बेटवा रहे, हम विधवा हैन, हमरे करेजा का पैसा के लालच दे के मार डालिन…… मृतक की रोती-बिलखती माँ और परिजन
निहाल शुक्ला और रजत शुक्ला की सेप्टिक टैंक में उतरने के कारण मौत हो गई। ग़रीबी देखिए इस परिवार की। रहने के लिए टूटा हुआ कच्चा घर।
मामला UP के प्रयागराज का। ये परिवार शोषक है? या फिर पीड़ित, वंचित, शोषित।
पुजारी राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी ने थाने के टॉयलेट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार तीन पीढ़ियों से राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी थे। ग्रामीण ने उसकी 9 साल की बच्ची के साथ छेड़खानी की शिकायत की थी
पुजारी के बेटे का कहना है:- कुछ लोग उन्हें मंदिर से हटाना चाहते थे। आपसी विवाद चल रहा था। एक बच्ची मंदिर में फूल तोड़ने आई थी। जिसे पुजारी ने डांट दिया था। जिसके बाद उसके परिजनों ने छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया। जिसमें पास्को एक्ट भी लगा।
सोचिए अगर ये आरोप झूठे हुए तो एक पुजारी को ख़ुद को निर्दोष साबित करने के लिए अपनी जान देनी पड़ी….. शर्मनाक और भयावह। मामला UP के झाँसी का।