अजीब लोग हैं मेरी तलाश में मुझ को
वहाँ पे ढूँढ रहे हैं जहां नहीं हूँ मैं
ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
मैं बच भी जाता तो एक रोज मरने वाला था
#RahatIndori
✍राहत इंदौरी 💐💐💐
साहित्य में जब सन्नाटा आता है, तब कुत्ते भौंककर उसे दूर करते हैं; या साहित्य की बस्ती में कोई अजनबी घुसता है तब भी कुत्ते भौकते हैं। साहित्य में दो तरह के लोग होते हैं- रचना करने वाले और भौंकने वाले। साहित्य के लिए दोनों जरूरी हैं ।
#Agust10#jagaran11#हरिशंकर_परसाई
✍हरिशंकर
मैं इतना बड़ा लेखक हूँ । यहाँ तीन गर्ल्स-कालेज हैं । उनकी सारी लड़कियों को मेरे इर्द-गिर्द होना चाहिए कि नहीं ? मगर कोई नहीं आती ।
#Agust10#jagaran11#हरिशंकर_परसाई
✍हरिशंकर परसाई 1924
चंदा का प्यार चकोरों तक
तारों का लोचन कोरों तक
पावस की प्रीति क्षणिक सीमित
बादल से लेकर भँवरों तक
मधु-ऋतु में हृदय लुटाऊँ तो,
कलियों का प्यार कसम भर का ।
मैं प्यासा भृंग जनम भर का ।।
#गोपालसिंह#नेपाली#जन्मदिवस@jagaran11
✍गोपाल सिंह नेपाली 1911-1963
आप तो अन्दर हैं, बाहर कौन है
ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
मैं बच भी जाता तो एक रोज मरने वाला था
मेरा नसीब, मेरे हाथ कट गए वरना
मैं तेरी माँग में सिन्दूर भरने वाला था
#RahatIndori#राहत_इंदौरी#श्रद्धान्जलि
✍️राहत इंदौरी 1950-11 August 2020
थोड़ी मोहलत दे दो मालिक फ़र्ज़ अता हो जाने दो
वो हैं बंद लिफाफा लेकिन हम तो खुली किताब हैं मौला
उनको पढ़ पाना तो जैसे अपने लिए अजाब है मौला
हम पानी हैं और हवा वो, हम धरती वो आसमान हैं
हम बस कश्ती हैं और हमारी कश्ती के वो बादवान हैं
दुआ कुबूल करो मालिक बस हमराह हवा हो जाने दो
अब हम मकान में ताला लगाने वाले हैं
पता चला हैं की मेहमान आने वाले हैं
आँखों में पानी रखों, होंठो पे चिंगारी रखो
जिंदा रहना है तो तरकीबे बहुत सारी रखो
राह के पत्थर से बढ के, कुछ नहीं हैं मंजिलें
रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो
#RahatIndori
✍️राहत इन्दोरी
हाथ ख़ाली हैं तेरे शहर से जाते जाते
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते
अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुज़री है तेरे शहर में आते जाते
#RahatIndori#राहत_इंदौरी
✍️राहत इन्दोरी🙏
नशे के मामले में हम बहुत ऊंचे हैं । दो नशे खास हैं- हीनता का नशा और उच्चता का नशा,जो बारी-बारी से चढ़ते रहते हैं ।
#Agust10#पुण्यतिथि#MondayMorning
✍हरिशंकर परसाई 1924
जो आदमी स्वार्थ का बिल्कुल विसर्जन कर दे, वह बहुत खतरनाक हो जाता है,वह दूसरे के प्राण तक ले लेना अपना नैतिक अधिकार समझता है ।
#हरिशंकरपरसाई#agust10#पुण्यतिथि#jagaran
✍हरिशंकर परसाई 1924