हर सुबह पांच बाते अपने आप से बोलो-
मैं सबसे अच्छा हूँ।
मैं यह कर सकता हूँ।
भगवान हमेशा मेरे साथ है।
मैं एक विजेता हूँ।
आज का दिन मेरा दिन है।"
#अब्दुलकलाम
-डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम(1931-2015)
देख तराजू है यही,करता है इंसाफ
सजा देत मुजरिम सभी,बेगुनाह को माफ
सदा धर्म रक्षा करे,नहीं कभी अन्याय
सत्यमेव जयते यहाँ,आये वो फल पाय
झूठ कपट टिकता नहीं,गीता का यह ज्ञान
सत्य राह पर जो चले,मिलता है भगवान
सबका यह कानून है,देता सबका साथ
कदम मिलाकर जो चले,उसके सर पे हाथ
✍बोधन राम
तब मानव कवि बन जाता है!
जब उसको संसार रुलाता,
वह अपनों के समीप जाता,
पर जब वे भी ठुकरा देते
वह निज मन के सम्मुख आता,
पर उसकी दुर्बलता पर जब मन भी उसका मुस्काता है!
तब मानव कवि बन जाता है!
✍️गोपालदास "नीरज"
📕मानव कवि बन जाता है
#hindi_jagaran
देखने में देवता सदृश्य लगता है
बंद कमरे में बैठकर गलत हुक्म लिखता है।
जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा हो
समझो उसी ने हमें मारा है |
#सुविचार#FridayThoughts
✍️रामधारी सिंह 'दिनकर'
आते-आते रह जाते हो--जाते-जाते दीख रहे,
आँखे लाल दिखाते जाते,चित्त लुभाते दीख रहे,
दीख रहे,पावनतर बनने की धुन के मतवाले-से,
दीख रहे,करुणा-मन्दिर-से प्यारे देश निकाले-से,
दोषी हूँ, क्या जीने का
अधिकार नहीं दोगे मुझको
होने को बलिहार
पदों का प्यार नहीं दोगे मुझको?
#कविता
✍️माखनलाल
अब तक सिर्फ़ दिल की चाहत लिखी है
आज क़लम ने किसी की आहत लिखी है
ए मालिक,ये तेरी कैसी लापरवाही है
तु है भी,या तेरी भी सब कहानी ही है
नहीं आना मुझे तेरे दर पर तब तक
जब तक उन दरिंदो में साँस बाक़ी है
#india#FridayThoughts
✍अशोक पटेल
#हिन्दी_जागरण
आज के दिन न पूछो मेरे दोस्तो
दूर कितने हैं ख़ुशियाँ मनाने के दिन
खुल के हँसने के दिन, गीत गाने के दिन
प्यार करने के दिन, दिल लगाने के दिन
आज के दिन न पूछो मेरे दोस्तो
#ThursdayThoughts#hindi_jagaran
क्या भरोसा, काँच का घट है, किसी दिन फूट जाए,
एक मामूली कहानी है, अधूरी छूट जाए,
एक समझौता हुआ था रौशनी से, टूट जाए,
आज हर नक्षत्र है अनुदार,
अब तो पथ यही है|
#SundayThoughts#SundayMotivation
✍दुष्यंत कुमार 1933-75
📖अब तो पथ यही है
#हिन्दी_जागरण
बदलते मौसमों की सैर में
दिल को लगाना हो
किसी को याद रखना हो
किसी को भूल जाना हो
हमेशा देर कर देता हूं मैं
किसी को मौत से पहले
किसी ग़म से बचाना हो
हक़ीक़त और थी कुछ
उस को जा के ये बताना हो
हमेशा देर कर देता हूं मैं
#SaturdayMotivation
✍मुनीर नियाज़ी
#hindi_jagaran
हमेशा देर कर देता हूं मैं
ज़रूरी बात कहनी हो
कोई वादा निभाना हो
उसे आवाज़ देनी हो
उसे वापस बुलाना हो
हमेशा देर कर देता हूं मैं
मदद करनी हो उसकी
यार का ढांढस बंधाना हो
बहुत देरीना रास्तों पर
किसी से मिलने जाना हो
हमेशा देर कर देता हूं मैं
#SaturdayThoughts
✍मुनीर नियाज़ी
" आदमी को तोडती नहीं है लोकतांत्रिक पद्धतियाँ केवल पेट के बल उसे झुका देती है, धीरे धीरे अपाहिज धीरे धीरे नपुंसक बना लेने के लिए उसे शिष्ट राजभक्त देशप्रेमी नागरिक बना लेती है |"
#ThursdayThoughts
✍#राजकमल चौधरी
#हिन्दी_जागरण
कहा सागर ने : चुप रहो!
मैं अपनी अबाधता जैसे सहता हूँ, अपनी मर्यादा तुम सहो।
जिसे बाँध तुम नहीं सकते
उस में अखिन्न मन बहो।
मौन भी अभिव्यंजना है : जितना तुम्हारा सच है उतना ही कहो।
#_बिनायक#अज्ञेय
✍सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" 1911-1987
📖जितना तुम्हारा सच है
"यहाँ एक दल ऐसा है जो उच्च शिक्षित है, शायद सोशलिस्ट भी है, ये उच्च शिक्षित जन कुछ लिखते भी हैं, इसमें मुझे संशय है, शायद इसलिए लिखने का एक नया आविष्कार इन्होंने किया ?
#ThursdayThoughts#ThursdayMotivation
✍#निराला#हिन्दी_जागरण