Who Do You Support And Why...??
• Vote :- A ( Sonam Wangchuk )
• Vote :- B ( Narendra Modi )
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@healiingroot Ab to iss sawal se dar lagta h khi mai kuchh bol dunga to desh me andhe bhakto ko mirchi lag jayegi
Jab aap sarkar se bahar gye the to
2014 vs. 2026
Petrol- Rs.71(100%)Rs.125(e20)
Lpg- Rs.410 Rs.1050
Gold(10g)Rs.28k. Rs.1.5L.
Baki to aaplog samjhdaar h..
पटना सदर अनुमंडल के एलपीजी घरेलू गैस उपभोक्ता द्वारा दी गई सूचना के आधार पर गैस एजेंसी के डिलिवरी ब्वाय के विरूद्ध स्थानीय पाटलिपुत्र थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दीघा के रहने वाले एक उपभोक्ता ने शिकायत की थी कि उन्होंने एजेंसी मेसर्स उत्सव गैस सेवा, इन्द्रपुरी के यहाँ गैस सिलेंडर आपूर्ति हेतु बुकिंग किया था परन्तु सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की गई जबकि इस संबंध में यह मैसेज दिया गया कि सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया है। इन आरोपों के कारण एजेंसी के डिलिवरी ब्वाय श्री मुकेश के विरूद्ध पाटलिपुत्र थाना में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी, पटना ने कहा कि एलपीजी घरेलू गैस उपभोक्ताओं को कोई समस्या न हो इसके लिए सम्पूर्ण प्रशासनिक तंत्र सजग एवं तत्पर है। किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ब्लैकमार्केटिंग, होर्डिंग या अधिक दाम पर बिक्री की शिकायत आने पर दोषी एजेंसियों/संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध तुरत प्राथमिकी दर्ज करने एवं गिरफ्तार करने का निदेश दिया गया है।
@NitishKumar@IPRDBihar@MIB_India@PIB_Patna@food_bihar@bihar_police@PatnaPolice24x7@BiharHomeDept
“गुदड़ी के लाल" माननीय मुख्यमंत्री जी आपने पूरे बिहार में सभी का भलाई कर दिए। केवल beltron प्रोग्रामर (MCA,BTECH) और डाटा एंट्री ऑपरेटर के मांग को नहीं सुना। IT कर्मी का कोई नियमावली नहीं बन पाई ।राज्य कर्मी का मांग अधूरा रह गया सर।कंप्यूटर इंजीनियर का दर्द कौन सुनेगा बिहार में।
@anandmahindra Sir CSD canteen se tieup nhi h kya Yezdi adventure bike leni h per csd canteen se showroom per mana kar rhe h , please do something that I will buy Yezdi adventure from csd army canteen @yezdiofficial@yezdiforever
UGC के नए भेदभाव विरोधी नियमों (2026) पर सुप्रीम कोर्ट की रोक13 जनवरी 2026 को UGC ने "प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेगुलेशंस 2026" जारी किए थे, जो उच्च शिक्षा में जाति-आधारित भेदभाव (मुख्य रूप से SC/ST/OBC के खिलाफ) को परिभाषित करते थे। इसमें समान अवसर केंद्र, समितियां और हेल्पलाइन अनिवार्य थे।आलोचना और रोक:सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को इन नियमों पर रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि परिभाषा "अस्पष्ट" है, दुरुपयोग की आशंका है और यह समावेशी नहीं (सामान्य वर्ग को बाहर रखता है)।
धारा 3(C) में जाति-आधारित भेदभाव को सिर्फ SC/ST/OBC तक सीमित करने पर सवाल उठे, जो अनुच्छेद 14 (समानता) का उल्लंघन लगता है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि फर्जी शिकायतों से सामान्य छात्र प्रभावित हो सकते हैं, संस्थानों की स्वायत्तता खतरे में।
फिलहाल 2012 के पुराने नियम लागू रहेंगे। अगली सुनवाई मार्च में।
कांग्रेस और कुछ ने रोक का स्वागत किया, जबकि अन्य ने इसे भेदभाव रोकने में बाधा बताया।अन्य प्रमुख आलोचनाएं/विवादप्रेस फ्रीडम और मीडिया दबाव: अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में भारत पर पत्रकारों पर दबाव, सेंसरशिप की आलोचना जारी।
अमेरिकी टैरिफ और व्यापार तनाव: ट्रंप प्रशासन के टैरिफ से भारतीय निर्यात प्रभावित, भारत-EU डील को अमेरिका "फ्लैशपॉइंट" मान रहा है।
अन्य मुद्दे: उत्तर भारत में शीतलहर, बैंक हड़ताल, रुपया डॉलर के मुकाबले निचले स्तर पर, लेकिन मुख्य बहस FTA और UGC पर केंद्रित।
ये खबरें राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं। अगर किसी एक टॉपिक पर ज्यादा जानकारी चाहिए, तो बताएं!
प्रशासनिक लापरवाही को लेकर जनता में नाराज़गी।
सोशल मीडिया पर सवाल – जवाबदेही कब तय होगी?
मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
#IndianNews#PublicVoice#CriticNews#XNews
सरकार के हालिया फैसले पर विपक्ष की कड़ी आलोचना।
विपक्ष का कहना – “जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है”।
सरकार ने आरोपों को सिरे से खारिज किया।
#India#Criticism#Politics#BreakingNews
भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर विवादयह समझौता हाल ही में पूरा हुआ है, जिसे "मदर ऑफ ऑल डील्स" कहा जा रहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसकी कड़ी आलोचना की है:EU के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) से एल्यूमिनियम और स्टील के निर्यात पर नुकसान।
ऑटोमोबाइल, EV सेक्टर और रिफाइंड फ्यूल (रूसी स्रोतों से जुड़े) पर खतरा।
स्वास्थ्य/सुरक्षा नियम, बौद्धिक संपदा और सेवाओं पर सख्त शर्तें।
ट्रेड डेफिसिट बढ़ने का डर, क्योंकि EU से आयात बहुत बढ़ सकता है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे "खट्टे अंगूर" बताकर खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह दोनों पक्षों के लिए जीत-जीत का सौदा है (कुल GDP $25 ट्रिलियन), जो विकास, रोजगार और अवसर बढ़ाएगा। पहले की सरकारों ने 2013-2022 तक बातचीत रोकी, जिससे नुकसान हुआ। पीएम मोदी ने इसे "समाधान का युग" बताया।अमेरिका ने भी शुरुआत में आलोचना की (ट्रंप प्रशासन से जुड़े), लेकिन बाद में नरम रुख अपनाया, क्योंकि यह वैश्विक व्यापार में अमेरिकी प्रभाव कम करने जैसा लग रहा है।