डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की रहस्यमयी मौत की जांच करवाने से नेहरू सरकार ने इनकार कर दिया था... इस मौत के पीछे शेख अब्दुल्लाह की सरकार की संदिग्ध भूमिका थी, उन पर आरोप लग रहे थे...
हैरत की बात है कि नेहरू शेख अब्दुल्लाह को पत्र लिखकर आरोपों से बचने के तरीके बता रहे थे... वहीं बाकी नेताओं से वो ये कह रहे थे कि "जांच कमीशन बनाने से कश्मीर के लोगों पर घातक प्रभाव पड़ेगा... वो इसे केंद्र सरकार का दखल समझेंगे"...
सोचिए... इस देश में ऐसा भी होता था...
राम मंदिर पर चढ़ावे की चोरी का रोना रो रहे हो?
जिन लोगों ने राम मंदिर का निर्माण ही रोकने की सारी कोशिश की, जिन्होंने राम भक्तों पर गोली चलवाई, जिन्होंने अयोध्या में आतंक फैलाया, आज वही राम मंदिर के चढ़ावे की चिंता कर रहे हैं?
शंकराचार्य जी पर अत्याचार? महाकुंभ में कुप्रबंधन?
ये वही लोग हैं जिन्होंने सदियों तक मंदिरों को तोड़ा, हिंदू आस्था पर हमला किया। आज जब रामलला विराजमान हैं, जब करोड़ों भक्त श्रद्धा से चढ़ावा चढ़ा रहे हैं, तो इनकी नींद हराम हो गई है।
जांच हो रही है, सच्चाई सामने आएगी। लेकिन तुम्हारा ये पाखंड, ये राम पर राजनीति, ये सनातन पर सवाल उठाना ये कभी छिप नहीं सकता।
राम मंदिर बना है, रामलला विराजमान हैं, और सनातन धर्म की ज्योति फिर से जगमगा रही है। तुम जितना रोओगे, उतना ही राम का नाम फैलेगा।
मस्जिदें ढकी जा रही हैं...
सड़कों पर रंग की दुकाने सजी हैं... 🔥
गज़ब.....क्या आज ही होली का त्यौहार है ?
उत्तम नगर..अब से "अति उत्तम नगर" होगया✊
धर्मो रक्षति रक्षितः 🙏
उत्तम नगर में उबाल है..हिंदुओं ने ईद की नमाज नहीं पढ़ने दी..हिंदू मुख्य रास्ते पर सीना ठोक कर खड़े हो गए..और किसी भी जोलहे को आगे नहीं जाने दिया
हिन्दू अब प्रतिकार करना सीख रहे हैं
Want to understand the real culture of the Gandhi-Nehru family?
Watch this clip -
74 yo, Senior Congress leader Pramod Tiwari, kept greeting 55 yo Rahul Gandhi with folded hands multiple times and be didn’t even bother to take his hands out of his pockets
That arrogance...
राजनीतिक विद्वेष के कारण हमारे सदानंद मास्टर जी का भरी जवानी में दोनों पैर काट दिए गए।
कटे हुए पैर से जिंदगी गुजार रहे हैं लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी में भी अपशब्द नहीं निकला।
दोनों पैर कटने के बाद भी उन्होंने देश सेवा नहीं छोड़ी।
लेफ्ट छात्रों की नारेबाजी सुनिए!
तरस आता है ऐसी सोच पर जहाँ नफ़रत की इंतिहा ऐसी कि बस कब्र खोद दो?
शरजील और उमर को ज़मानत नहीं मिली तो सबकी क़ब्र खोद दो?
फ़ैसला अदालत का है लेकिन क़ब्र खोदेंगे मोदी-शाह की?
लाइब्रेरी में facial recognition लागू हो गया है… लेफ़्ट छात्रों को पसंद नहीं आया तो क़ब्र खोद देंगे अंबानी राज और अड़ानी राज की?
ये अजीब ज़हनी बिमारी है…
अबे खेड़ा
हरेन पंड्या जी की हत्या के ठीक 8 महीने बाद मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बन चुके थे
और पूरे 10 साल प्रधानमंत्री थे
हरिन पंड्या जी की हत्या की जांच सीबीआई ने किया जिसकी पूरी रिपोर्टिंग सोनिया गांधी मनमोहन और राहुल गांधी लेते थे
यानी पूरी जांच केंद्र की कांग्रेस सरकार के पास थी
फिर क्या मनमोहन सरकार ने हरेन पंड्या की हत्याकांड में जो 22 मुसलमानो को जेल में बंद किया है जिसमें से एक को 8 साल की सजा और बाकी को आजीवन कारावास की सजा हुई है
तो क्या तुम लोगों ने निर्दोष मुसलमानों को उस केस में फंसा कर जेल में बंद किया है ????