बच्चे को मां से अलग कौन कर पाया है भला...
ये साहब बस चार दिन पहले जन्मे थे..
मां के साथ गजलडोबा के पास बह रही तिस्ता बैराज नदी पार कर रहे थे पर इतना तेज बहाव की ये नन्हे से साहब बह गए..
तीस्ता नदी में बह रहे इस छोटे से बालक को स्थानीय मछुआरों ने देखा और अपनी जान जोखिम में डालकर तेज बहाव में नाव उतारकर जोखिम उठाया और किसी तरह बच्चे को पानी से बाहर निकालकर नदी के एक द्वीप तक सुरक्षित पहुंचाया...
इसके बाद बैकुंठपुर के जंगलों के वनकर्मी भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गए ....ये नन्हा हाथी लगातार अपनी मां को पुकार रहा था...उसकी आवाज सुनकर करीब दो घंटे की कोशिश के बाद आखिरकार मां और उसके नवजात बच्चे का मिलन ह�� गया...
ये तस्वीर देखिए पानी से निकलने के बाद इसने कितना खुश होकर अपना सूंढ़ अपने बचाने वाले को लपेटा है...