@yadavakhilesh आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी आप अपने चुनावी घोषणा पत्र में उत्तर प्रदेश के सभी विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगतियो�� को दूर करने एवम अन्य सुविधाओं हेतु स्थाई नीति बनाने के सम्बन्ध में एक बिन्दु शामिल करिए।
@chandrasen33@narendramodi@CMOfficeUP@myogioffice@Atulmisra10 अभिशाप तो है ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का इतना शोषण होता है कि प्रत्येक वर्ष कभी रिनीवल के नाम पर तो कभी नई कम्पनी को टेंडर के नाम पर। इन सबके अतरिक्त आउटसोर्सिंग कर्मचा���ियों के वेतन से काटे गए ई0पी 0एफ0 की धनराशि को भी संबंधित कम्पनी द्वारा नही जमा किया जाता है।
@Deepanvishwaka2 मा0 मंत्री जी आपके लाइव संवाद में दो शब्द मंडी समिति और मंडी परिषद के कम्प्यूटर आपरेटरों के ऊपर भी होने चाहिए। क्योकि हमने 5 वर्ष और कोरोनाकाल मे मंडी समिति की सेवा पूरी निष्ठा से की अब बेवजह हमे आपकी सरकार द्वारा बेरोजगार किया जा रहा है।
आत्मनिर्भर भारत बेरोजगार भारत
@chandrasen33@ArvindKuChaudh1@myogiadityanath@myogiadityanath महोदय आप मंडी के अध्यक्ष है कृपया संज्ञान में लें। महोदय सभी कंप्यूटर ऑपरेटर (आउटसोर्सिंग)को निकलने का आदेश जारी कर दिए है ��बकि आप रोजगार देने की बात कर रहे है ये कैसी विडंबना है बात रोजगार देने की और 05 साल से कार्यरत कर्मी को निकाल रहे है।
आउटसोर्सिंग पूरे देश में एक गम्भीर मुद्दा है। इस गंभीर मुद्दे को ध्यान रखते हुए इसका निराकरण कराने की कृपा करे। आउटसोर्सिंग से कार्यरत कर्मियों की बहुत ही दयनीय दशा है।
सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए नीति का निर्धारण करते हुए विभाग से सामान कार्य का सामान वेतन देने चाहिए। जिससे कर्मचारियों को शोषण बंद हो सके।