@tv_mumbai@MTPHereToHelp@MumbaiPolice@CPMumbaiPolice पैदल लोगे के चलने वाला फुटपाथ पे लोगो ने दुकान/ घर बना रखा है
और सड़क के एक लेन पे स्थायी पार्किंग
फिर आता है, एक ��र लेयर जो अस्थायी पार्किंग है मतलब लोग कुछ देर के लिए पार्क कर रहे है शॉपिंग के लिए
इस तरह से बचे हुए अब सड़को पे लोग गाड़ियों के बीच से मजबूर है चलने को
@tv_mumbai@MTPHereToHelp@MumbaiPolice@CPMumbaiPolice भारतासाठी मुंबई काय ���हे हे सांगण्याची गरज नाही, पण परदेशी माध्यमांमध्ये आणि स्टँड-अप कॉमेडी मध्ये आपण दररोज वाहतूक आणि इतर अनेक गोष्टींबद्दल तिथल्या दयनीय परिस्थितीबद्दल ऐकत असतो. तुमचे सरकारी कर्मचारी त्यांच्या सभोवतालची परिस्थिती सुधारण्याचा प्रयत्न करत आहेत, कृपया सहकार्य करा,
@tv_mumbai@CPMumbaiPolice@MumbaiPolice@mybmc *जिस मार्ग को सक्षम न्यायालय, मुंबई प्रशासन,CPWD विभाग द्वारा सरकारी राजस्व की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एवं सैकड़ों अपराध पर कंट्रोल के लिए बंद किया गया है,* *उसे पुनः खोलने की मांग करना कानून एवं न्यायिक प्रक्रिया का अनादर है।**
@tv_mumbai@MTPHereToHelp@MumbaiPolice@CPMumbaiPolice यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एमएलए और विधायक सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए कि वे कानून का पालन करवाएं और जनता के हितों की रक्षा करें।
तुम्ही सरळ सांगितले की "कारवाई करण्यात आली आहे", पण कृपया प्रत्यक्ष मैदानात येऊन वास्तव परिस्थितीही पाहा. नेमक्या कोणत्या आधारावर हा दावा केला जात आह�� की ��ारवाई झाली आहे? जनतेलाही सांगितले जावे की कोणती ठोस पावले उचलली गेली, त्याचे पुरावे काय आहेत आणि त्याचा परिणाम नेमका कुठे दिसत आहे?
आजही रस्त्याच्या दोन्ही बाजूंना वाहनांच्या लांबच लांब रांगा उभ्या आहेत. अनेक ठिकाणी रस्ता इतका अरुंद झाला आहे की सामान्य नागरिक, ज्येष्ठ नागरिक, लहान मुले तसेच आपत्कालीन सेवांच्या वाहनांना मार्ग काढणे कठीण झाले आहे. पादचारी मार्ग (फुटपाथ) पादचाऱ्यांसाठी न राहता पार्किंगसाठी वापरला जात आहे आणि अनेक ठिकाणी लोकांना चालण्यासाठीही पुरेशी जागा उरलेली नाही.
जर खरोखरच प्रभावी कारवाई झाली असती, तर तिचा परिणाम जनतेला प्रत्यक्ष दिसला असता. कारवाईचा उद्देश केवळ कागदोपत्री नोंदी करणे नसून समस्या कायमस्वरूपी सोडवणे हा असतो. जेव्हा परिस्थिती आजही तशीच आहे, तेव्हा ��कारवाई झाली” या दाव्याबाबत प्रश्न उपस्थित होणे स्वाभाविक आहे.
संबंधित विभागांना विनंती आहे की केवळ “कारवाई करण्यात आली आहे” असे सांगण्याऐवजी प्रत्यक्ष स्थळाची पाहणी करावी, वास्तव परिस्थितीचे मूल्यांकन करावे आणि या समस्येवर कायमस्वरूपी उपाययोजना कराव्यात. जनतेला आश्वासनांची नव्हे, तर प्रत्यक्षात दिसणाऱ्या परिणामांची गरज आहे. रस्ते आणि फुटपाथ हे नागरिकांच्या सुरक्षित व मुक्त वापरासाठी आहेत, पार्किंगसाठी नव्हेत.
@MTPHereToHelp@tv_mumbai ट्रैफिक पुलिस, मुंबई पुलिस, कृपया जनता को इस समस्या से राहत दिलाइए। बीएमसी की पार्किंग खाली पड़ी हुई है, जबकि सड़कें वाहनों से भरी हुई हैं। आम नागरिकों के साथ इतना बड़ा अन्याय मत कीजिए।
आप का आदेश और आप ही इस पर काम नहीं कर पा रहे है।
@tv_mumbai@MTPHereToHelp@MumbaiPolice@CPMumbaiPolice मुंबई भारत का क्या है यह बताने की जरूरत नहीं है मगर हम अपने बदहाल स्थिति को विदेशी मीडिया में और स्टैंड अप कॉमेडी में आये दिन सुनते रहते है ट्रैफिक और बहुत कुछ के बारे में, आपके सरकारी कर्मचारी अपने अगल बगल स्थिति को सही बनाने की कोशिश कर रहे है कृपया सहयोग करे सरकार से अपील 🙏
@tv_mumbai@MTPHereToHelp@MumbaiPolice@CPMumbaiPolice पैदल लोगे के चलने वाला फुटपाथ पे लोगो ने दुकान/ घर बना रखा है
और सड़क के एक लेन पे स्थायी पार्किंग
फिर आता है, एक और लेयर जो अस्थायी पार्किंग है मतलब लोग कुछ देर के लिए पार्क कर रहे है शॉपिंग के लिए
इस तरह से बचे हुए अब सड़को पे लोग गाड़ियों के बीच से मजबूर है चलने को
@tv_mumbai@CPMumbaiPolice@MumbaiPolice@mybmc सेक्टर 7 का प्रमुख रास्ता सबके लिए खुला है, अगर आपके पास सेक्टर में कोई ठोस कारण हैं आने का तो कोई नहीं रोक रहा हैं आपको
अगर मुझे जल्दी से प्लेटफॉर्म बदलना है तो क्या हम रेल पटरी से जायेंगे या ब���रिज से ( आप लोग भी ब्रिज(मेन गेट) से आओ सेक्टर में ट्रैक (अवैध रास्ता) के चक्कर
मुंबई—जिसे देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है—उसी मुंबई से 17 दिसंबर का एक बेहद शर्मनाक और चिंताजनक वीडियो सामने आया है।
यह वीडियो सेक्टर-7, CGS कॉलोनी, एंटॉप हिल, मुंबई का है।
इस वीडियो में कस्टम विभाग में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी के साथ बर्बरता से मारपीट की जा रही है।
उस कर्मचारी की एकमात्र “गलती” यह थी कि उसने अपने आवंटित सरकारी क्वार्टर के नीचे कुछ असामाजिक तत्वों क�� शराब पीने, शोर-शराबा करने और हुड़दंग मचाने से रोका।
इसके बाद कॉलोनी के बाहर से आए लोगों ने—जो वहाँ के निवासी भी नहीं हैं—एक सरकारी कर्मचारी पर लाठियों और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया।
यह गंभीर प्रश्न खड़े करता है कि:
क्या एक सरकारी कर्मचारी HRA देकर ऐसे असुरक्षित माहौल में रहने को मजबूर है?
जहाँ सुरक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहाँ हालात इतने बदतर क्यों हैं?
यदि सरकारी कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
इस कॉलोनी में सुरक्षा की स्थिति, अवैध गतिविधियों और बाहरी तत्वों की घुसपैठ के संबंध में CPWD के निचले स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक बार-बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन दुर्भाग्यवश जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सब कुछ केवल कागज़ों में ही अच्छा दिखाया जा रहा है���
मैं सभी संबंधित प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारियों से आग्रह करता हूँ कि:
इस गंभीर घटना पर तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए,
दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाए,
और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
यह मामला केवल एक कर्मचारी का नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही का है।
@CaptTamilSelvan महोदय आ�� यह देख सकते हैं कि यहां कुछ वीडियो और इमेज में आपके द्वारा कथित इमरजेंसी के लिए घोषित किए गए रोड और सेक्टर 7 के रोड से किस टाइप का एंबुलेंस और इमरजेंसी काम हो रहा है
@CaptTamilSelvan महोदय आप यह देख सकते हैं कि यहां कुछ वीडियो और इमेज में आपके द्वारा कथित इमरजेंसी के लिए घोषित किए गए रोड और सेक्टर 7 के रोड से किस टाइप का एंबुलेंस औ�� इमरजेंसी काम हो रहा है
@AMBU1606@2014Sunny2009 क्यों इस ऑफ हो गई लेडी का फजीहत बना रहे हो।
मद्रासी मार्केट के में रोड पर आप लोगों ने दुकान घर पार्किंग बना लिया है अब आपको सेक्टर के रास्तों पर नजर हैं इतना ही लोगों का ख्याल है कि एंबुलेंस का ख्याल है शासन व्यवस्था का ख्याल है तो अवैध रूप से अतिक्रमण किए हुए सड़कों को खाली करो
साल 2026 में देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में रहने वाले हजारों केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के मन में एक ही सवाल है — क��या हम अपने परिवारों के साथ सुरक्षित हैं?
एशिया की सबसे बड़ी सेंट्रल गवर्नमेंट रेजिडेंशियल कॉलोनी, जहाँ देश के 100 से अधिक केंद्रीय सरकारी विभागों के लगभग 3500 अधिकारी एवं कर्मचारी रहते हैं, लंबे समय से गंभीर सुरक्षा समस्याओं का सामना कर रही है।
कॉलोनी के आसपास अनधिकृत आवाजाही, नशे से जुड़ी गतिविधियाँ, असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, चोरी एवं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है। इसी कारण Central Public Works Department द्वारा “मद्रासी मार्केट गली” जैसे अनधिकृत रास्तों को बंद करने हेतु विधिवत टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कार्रवाई की जा रही है।
लेकिन दुख की बात यह है कि जब यह सुरक्षा संबंधी कार्य किया जा रहा था, तब सायन-कोलीवाड़ा के विधायक R Tamil Selvan मौके पर पहुँचकर इसका विरोध करते दिखाई दिए। इस घटना के वीडियो भी सामने आए हैं।
हम केवल इतना पूछना चाह��े हैं —
क्या केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना गलत है?
क्या सरकारी कॉलोनी को सुरक्षित बनाना राजनीति से ऊपर नहीं होना चाहिए?
क्या 2026 में भी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ेगा?
यह किसी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा और भविष्य का सवाल है।
In 2026, thousands of Central Government employees living in Mumbai have one common question — are we truly safe with our families?
Asia’s largest Central Government residential colony, where around 3,500 officers and employees from more than 100 Central Government departments reside, has been facing serious security concerns for a long time.
Residents have continuously raised concerns regarding unauthorized movement, drug-related activities, anti-social elements, theft, and the safety of women and children. Keeping these concerns in mind, Central Public Works Department initiated a proper tender process to close unauthorized entry points such as the “Madrasi Market Gali” and strengthen the colony’s security arrangements.
However, it is unfortunate that during this security-related action, R Tamil Selvan was seen opposing the move at the site. Videos related to the incident have also surfaced.
We only wish to ask —
Is ensuring the safety of Central Government employees and their families wrong?
Should securing a Government residential colony not be above politics?
Will Central Government employees still have to struggle for the safety of their families even in 2026?
This is not about politics; it is about the safety and future of thousands of employees and their families.
@BJP4India @Dev_Fadnavis @narendramodi @AmitShah @MumbaiPolice @CaptTamilSelvan @mid_day @LokshahiMarathi @TNNavbharat @aajtak
@2014Sunny2009 चंद मतलबी लोगों के वोटो के के लिए एक नहीं, सभी केंद्रीय सरकार संस्था के कर्मियों के परिवार, घर, सड़क रोड, पार्क सुरक्षित नहीं है ये जानते हुए यहां के निर्वाचित MLA के द्वारा कर्मियों और सीपीडब्ल्यूडी क��� कार्य में इस प्रकार के विरोध करना क्या दर्शाता है