इंडियन एक्सप्रेस वालों की साहब के साथ कोई पिछले जन्म की दुश्मनी लगती है.
ज्ञानेश के बाद BDL यानि भारत डायनामिक्स लिमिटेड पर पोल खोलकर रख दी है.
तस्वीर में दिख रहा आदमी सिद्धार्थ मिश्रा है जो BDL का पूर्वचेयरमैन है, इसकी पत्नी संभुई मिश्रा एक कंपनी चलाती है Aindri डिफेन्स एडवाइजरी
BDL जो वायु सेना के लिए एंटी टैंक मिसाइल बनाने का काम करती है, उसकी 300 साइट्स का ठेका मिश्रा जी की पत्नी की कंपनी को मिला है.
वो भी 57 करोड़ का, और मज़ेदार बात ये है कि
इस कंपनी की सालाना टर्नओवर 44 लाख रही है पिछले साल.
और तो और कंपनी का कोई उत्पादन प्लांट ही नहीं है और ताला लगा हुआ है ऑफिस पर.
तो सवाल ये है कि देश की सुरक्षा के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर कौन रहा है??
वो कौन है जो बिना कॉम्पीटिशन के इतना बड़ा अमाउंट एक कंपनी को दे रहा 🤔
ग़ज़ल
सड़क में गिरने से गलती किसकी है
गिरे हुए को उठाने में चलती किसकी है
खिले मौसम में जो आँखें चार करते हो
बाज़ार में क���ते फिरते हो मोती किसकी है
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तेरे कूचे में जाने से अब डर लगता है भानु
तेरे कूचे में महफ़िल अब सजती किसकी है
ग़ज़ल
सड़क में गिरने से गलती किसकी है
गिरे हुए को उठाने में चलती किसकी है
खिले मौसम में जो आँखें चार करते हो
बाज़ार में कहते फिरते हो मोती किसकी है
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तेरे कूचे में जाने से अब ड�� लगता है भानु
तेरे कूचे में महफ़िल अब सजती किसकी है
2 अक्टूबर के आसपास कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि फोन और माइक लेकर घूमने वाला कोई भी व्यक्ति पत्रकार कैसे हो सकता है।
कुछ ही दिन���ं बाद दिल्ली पुलिस ने भी यही बात कही।
उसके बाद कुछ एंकर्स ने टीवी पर इसे बार-बार दोहराया।
और अब यही बात मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने भी कही है।
ये सब एक लाइन कैसे बोल रहे!
जब एक लाइन इतनी जल्दी इतने लोगों के मुँह से निकलने लगे, तो समझ लीजिए कि इसके पीछे कोई न कोई क्रोनोलॉजी समझाने वाला आदमी होगा.
BJP सरकार में दलितों पर अत्याचार चरम पर है!
#सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र, ग्राम लुधौरा में दलित भाई मनोज गौतम (35 वर्ष) की दबंगों द्वारा पीट-पीट कर निर्मम हत्या कर दी गई।
@Uppolice@sitapurpolice तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार कर SC/ST एक्ट में FIR दर्ज करे।
ग़ज़ल
सभी दोस्त अच्छे हों ऐसा तंज होता नहीं
कुछ में होता तो कुछ में रंज होता नहीं
कोई गिरता है तो कोई उठाता भी नहीं
शाद होता है दिल, दिल में पंज होता नहीं
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भानु राहत पाने की कोशिश में चाहत रखना
आसमाँ से बाद-ए-सबा को रंज होता नहीं
ग़ज़ल
सभी दोस्त अच्छे हों ऐसा तंज होता नहीं
कुछ में होता तो कुछ में रंज होता नहीं
कोई गिरता है तो कोई उठाता भी नहीं
शाद होता है दिल, दिल में पंज होता नहीं
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भानु राहत पाने की कोशिश में चाहत रखना
आसमाँ से बाद-ए-सबा को रंज होता नहीं
ग़ज़ल
कभी-कभी मरने का भी जिसका दिल करता है
कभी-कभी ज़िन्दा दिखने में किसका दिल करता है
सुबह-शाम, दिन और रात मुसाफ़िर की तरह
आफ़ताब-ए-महताब से मिलने का दिल करता है
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भानु की कोशिश रहती है आफ़ताब भी महके
जुदा-जुदा ख़ुदा होने का भी दिल करता है
ग़ज़ल
कभी-कभी मरने का भी जिसका दिल करता है
कभी-कभी ज़िन्दा दिखने में किसका दिल करता है
सुबह-शाम, दिन और रात मुसाफ़िर की तरह
आफ़ताब-ए-महताब से मिलने का दिल करता है
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भानु की कोशिश रहती है आफ़ताब भी महके
जुदा-जुदा ख़ुदा होने का भी दिल करता है
प्रांगण की प्रैस-वार्ता को पत्रकार ही उखाड़ने की कोशिश क��ें तो @PCITweets को ख़ुद इसका संज्ञान लेना चाहिए। आज दो पत्रकार हंगामा करने को कुर्सियों पर चढ़ गए; इसकी छूट रही तो जल्द डायस पर उठकपछाड़ देखने को मिल सकती है। प्रैस क्लब में संवाद की गरिमा बनी रहे, संगठन को इसे देखना होगा।
ग़ज़ल
जो पास नहीं है उसकी क्यों याद आती है
भर-भर के ज़माने क्यों उसकी दाद आती है
पास आने की मुश्किल में वतन भी दूर है
ग़म-ए-दिल सबा में उसकी फ़रियाद आती है
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कोई जब पास से गुज़रे तो ख़ामोश हो जाना
ज़िंदगी में पहले पहर भानु बुनियाद आती है
ग़ज़ल
जो पास नहीं है उसकी क्यों याद आती है
भर-भर के ज़माने क्यों ���सकी दाद आती है
पास आने की मुश्किल में वतन भी दूर है
ग़म-ए-दिल सबा में उसकी फ़रियाद आती है
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कोई जब पास से गुज़रे तो ख़ामोश हो जाना
ज़िंदगी में पहले पहर भानु बुनियाद आती है
पता चला है कि अडानी भिलाई इस्पात संयंत्र यानी हमारे बीएसपी को देखने आने वाले हैं।
अडानी के बीएसपी आने का क्या मतलब है समझ रहे हैं ना?
इसका मतलब ये है कि देश बेचने का अभियान चला रहे नरेंद्र मोदी जी की नज़र अब हमारे बीएसपी पर है।
और उनके प्रिय खरीददार मुआयना करने आ रहे हैं।
मोदी जी समझ लें कि बीएसपी छत्तीसगढ़ की आत्मा है। और हम छत्तीसगढ़वासी इसे किसी सूरत में बिकने नहीं देंगे।
किसी भी सूरत में नहीं।
यह बात छत्तीसगढ़ भाजपा के नेता भी समझ लें कि बीएसपी बिकाऊ नहीं है।