✅🛑 उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की बिंदकी तहसील में एक और दुखद घटना ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के काम के दबाव को फिर से सामने ला दिया है। परिषदीय प्राथमिक विद्यालय आलियाबाद में तैनात शिक्षामित्र एवं बीएलओ अखिलेश कुमार सविता ने स्कूल के एक कमरे में पंखे के हुक पर रस्सी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
उनकी बेटी की शादी 8 मार्च को तय थी, लेकिन एसआईआर ड्यूटी के कारण छुट्टी नहीं मिल रही थी, जिससे वे गहरे तनाव में थे। सुसाइड नोट में उन्होंने एसआईआर से 'जीवन मुक्ति' की बात लिखी, एसडीएम बिंदकी और बीईओ को जिम्मेदार ठहराया, और काम के बोझ से सिर्फ 2 घंटे सो पाने का जिक्र किया। परिवार का कहना है कि अधिकारियों का दबाव और छुट्टी न मिलना मुख्य वजह था।
यह घटना फतेहपुर में एसआईआर से जुड़ी दूसरी बड़ी त्रासदी है। इससे पहले बिंदकी तहसील के खजुहा बागबादशाही के लेखपाल सुधीर कुमार ने भी शादी से ठीक पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी। परिजनों ने तब भी एसआईआर ड्यूटी और छुट्टी न मिलने का आरोप लगाया था।
प्रदेश भर में एसआईआर अभियान के दौरान बीएलओ/शिक्षामित्रों की कई मौतें हो चुकी हैं – आत्महत्या, दिल का दौरा या अन्य कारणों से। मुरादाबाद, गोंडा, बरेली जैसे जिलों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां काम का बोझ, नींद की कमी और परिवार की जिम्मेदारियां इंसान को हद से आगे ले जा रही हैं।
यह सवाल अब और जोर पकड़ रहा है कि क्या चुनाव आयोग और प्रशासन बीएलओ पर इतना असहनीय दबाव डाल रहा है कि वे जीवन खत्म करने को मजबूर हो रहे हैं? क्या मानवीय आधार पर छुट्टी या राहत की व्यवस्था नहीं की जा सकती? शिक्षामित्रों और बीएलओ की 'हमारी पहचान हमारा अधिकार' की मांग अब और तेज हो गई है।
प्रशासन से अपील है कि ऐसी घटनाओं की गहन जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसे दुखद कदमों को रोका जाए, ताकि और कोई परिवार न टूटे।
💁 देश के सभी राज्यों में आरटीई लागू होने के पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही शिक्षक पद पर नियुक्त किया गया है जोकि 25-30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं ।
परन्तु आरटीई लागू होने के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अर्हता उसके पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है ।हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि संसद द्वारा कानून पारित कराकर इस अन्याय पर रोक लगाकर देश के लाखों शिक्षकों और उनके परिजनों को न्याय दिलाया जाये ।
#JusticeForTeachers
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अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए लिए ज्यादा से ज्यादा ट्वीट रीट्वीट करके अपनी ताकत और एकता का एहसास दिलाए।