Her uniform displays the women's helpline number, yet she is slapping, kicking, dragging, and trying to kill a woman by choking her.
Is this how Delhi Police help women?
चार साल हो गए। इंसाफ देना ही नहीं था। राज्य में लगातार विरोध प्रदर्शन होता रहता है। अगर जी- प्रिंटर से नतीजों के प्रिंट निकाल लाने का गुमान नहीं होता तो कोई भी राजनीतिक दल राज्यपाल का पद नहीं देता। पहले इंसाफ करता। इसका क्या बचाव हो सकता है कि चार साल से राज्य की जनता अंकिता के इंसाफ को लेकर संघर्ष कर रही है। उत्तराखंड की जनता के उस हिस्से की दाद देनी होगी जो आए दिन इसे लेकर सड़क पर उतरती है। बड़ी बात है।
वोट चोरी के खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध नहीं! महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी और बर्बरता करने वाली पुलिस पर सख़्त कार्रवाई और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
#DelhiPolice#NSUI#VoteChori#Democracy
THIS IS PEAK SHAMELESSNESS.
Delhi Police have detained Ankita Bhandari’s parents while they were peacefully protesting and demanding justice for their daughter.
India has never seen such a cruel government before.
बिहार में लगभग पिछले 20 साल से भाजपा गठबंधन की सरकार है, अगर उसके बाद भी 10 करोड़ लोगों के पास खुद खाने की व्यवस्था भी नहीं है तो इसका मतलब यह कि भाजपा की सरकार निकम्मी है.