@PoliceRajasthan@RailMinIndia@NWRailways सवाई माधोपुर के एक गांव में किसान महापंचायत के नाम पर कुछ लोग रेलवे को नुकसान पहुंचा रहे है समय रहते आप कानूनी कार्यवाही नहीं करते है तो बहुत बड़ी घटना घट सकती है जल्दी कार्यवाही करे और किसान पंचायत को सफल बनाने में मद्द करे
मै शरीफ हू इसका मतलब ये नही मै कमजोर हू!
गजब हो गई वोट वाले डर रहे है और बिना वोट वाले डरा रहे है जिनका कोई लेना देना नही है कोई UP से आ गया😳, कोई हरियाणा से आ गया😲, हमारे वहा कोई कश्मीर से भी आ गया🤯 वो ही आकर डरा रहा है मै वैसा नही हू जैसा आप समझ रहे हो
- हरीश मीना (सांसद)
ये UP का जाया जन्मा राजस्थान का है ही नही राजस्थान मे #मर्दो_की_कमी है😳 क्या #पायलट_बनेंगे_मुख्यमंत्री राजस्थान की औरते सभी बांझनी है क्या
पहले तो ये बताओ सचिन पायलट जो पायलट लगाता है इसमे पायलट क्या है आप लोग(मीडिया) ही लगाते हो पायलट-पायलट हम तो कहते है #सचिन_गुर्जर है पायलट नही है ये पायलट इनका बाप था ये कब बना था पायलट😵🤯
कोई बता सकते है ये बुजुर्ग किस पार्टी के समर्थक है🤔
@Meenabanwari021@MohitBharatYBP@grok ऐसे नहीं बोला सामने बैठे लोगों को बोला था जो पानी की मांग कर रहे है कि तुम लोग बहुत ज्यादा हो पानी रोकने वाले बहुत कम
बांदीकुई में बाइक चुराने के शक में युवक दिनेश कुमार मीणा की मॉब लिंचिंग होना तथा अजमेर में पेड़ से बांधकर बेरहमी से एक युवक की पिटाई करना प्रदेश में बढ़ती अराजकता एवं जंगलराज का गंभीर उदाहरण है।
लोग कानून अपने हाथ में लेकर किसी की जान ले लें, तो इसे कानून का राज नहीं कहा जा सकता। साफ है कि आज राजस्थान अराजकता का शिकार हो चुका है।
उस मां पर क्या बीत रही होगी, जिसका बेटा इस तरह उसकी आंखों के सामने ही मार दिया गया? इस पूरी घटना के दौरान पुलिस कहां थी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है।
पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की भांति अब पुनः प्रदेश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं होने लगी हैं। यह गृह विभाग और पुलिस की असफलता को दिखाता है। यदि ऐसी घटनाएं होती रहीं, तो भाजपा का सत्ता में रहने का क्या नैतिक अधिकार रह जाएगा?