@CMOfficeUP@myogiadityanath माननीय @CMOfficeUP@myogiadityanath जी, बहराइच के एक 84 वर्षीय बुजुर्ग जो 1986 से नियमित उपभोक्ता हैं, आज सुरक्षित विद्युत पोल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। दबंग सरकारी रास्ते पर पोल लगने नही दे रहे और विद्युत विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। 40 साल पुराना उपभोक्ता की कृपया मदद करें
Reporter: Are you funded by foreign countries
Student: Yes I got fund from Pakistan,they sent me Rs 40 so that I can travel via bus,for auto I got 20 Rs funding from U.S,when I'll return home,hope I'll get fund from Nepal
We can't get funds in India coz all are utilised by BJP"
In any other country (even 3rd world like us, forget a country claiming to be a Vishwaguru), even a single such incident in a year would have caused massive uproar.
But for us, it’s probably 50th case in this year of being killed by the all-pervasive corruption-nexus of govt, IAS, and business.
Nothing will change and next time it would you be you or me or our families perishing in this hellhole created by cruel systems.
Malviya Nagar Delhi fire- 21 killed
Lucknow coaching centre fire- 11 killed
No one resigns. No accountability.
Business goes on as usual.
In India, the life of a common man has no value- it's cheaper than a Parle G biscuit!
लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लोग अग्निकांड में मारे जा रहे हैं।
डबल इंजन की मोदी योगी सरकार बुलडोज़र चलाने और बड़बोलेपन में व्यस्त है।
लखनऊ अग्निकांड में 14 लोगों की जान चली गई मुझे मालूम है दो चार दिन मीडिया की ख़बरें बनेगी फिर सब भूल जाएंगे लेकिन जिनके बच्चे मारे गए हैं उनके ऊपर दुखों का बोझ हमेशा रहेगा।
प्रभु मृतकों की आत्मा को शांति प्रदान करें।
उनके परिजनों को ये अपार कष्ट सहन करने की शक्ति दे।
मामले की उच्च स्तरीय जाँच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जाए।
नोएडा में एक नौजवान खुले नाले में डूब कर मर गया, क्या कार्यवाही हुई?
दिल्ली में एक बाइक सवार खुले गड्ढे में गिर गया, रात भर पड़ा रहा फिर मर गया, क्या कार्यवाही हुई?
दिल्ली में एक होटल में आग लगी 22 लोग मारे गए, किसको सजा मिली?
आज लखनऊ में कोचिंग सेंटर में में आग लग गई 15 बच्चे जल कर मर गए, क्या कार्यवाही होगी?
उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि, आम आदमी सिर्फ एक संख्या है।
संख्या के हिसाब से मुआवजा भी घोषित हो जाएगा, फिर सब भूल जाएंगे।
जब तक हादसा नहीं हुआ था, तब तक किसी ने नहीं देखा कि लाइब्रेरी में फायर NOC है या नहीं, फायर एक्सटिंग्विशर काम के हैं या नहीं, आपातकालीन निकास पर्याप्त हैं या नहीं।
लेकिन अब जब 14-15 बच्चों की जान चली गई, तब जांच होगी-उससे पहले सब भांग खाए थे(जिसका अर्थ है- जिम्मेदार लोग सोए हुए थे, लापरवाह थे, या जानबूझकर आँखें बंद किए हुए थे)
अत्यंत दुखद। 💔
14-15 मासूम बच्चों का इस तरह असमय चले जाना केवल एक हादसा नहीं, हमारी सामूहिक विफलता का आईना है।
लेकिन जिन घरों के चिराग बुझ गए, उन्हें कौन लौटाएगा?
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवारों को यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति दें।
ॐ शांति। 🕯️🙏
"जब चोरी नहीं की तो डिब्बा कैसे पकड़ लें..?"
◆ CCTV के आधार पर कानपुर पुलिस ने मोबाइल चोरी के आरोप में दो युवकों को किया गिरफ्तार
◆ फोटो शूट के दौरान चोरी मोबाइल का डिब्बा पकड़ने से किया मना
◆ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा वीडियो
#Kanpur | #ViralVideo | Viral | Kanpur
If a citizen appears to surrender on camera and is later killed in an encounter, the burden of explanation on the State becomes extraordinarily high.
The Bharat Bhushan Tiwari case demands an independent and transparent inquiry. The rule of law is tested not by how we treat the innocent, but by how scrupulously we uphold due process for all.
Bharat Tiwari was shot after surrendering, we need to ask a serious question: Is this British Raj 2.0?
Independent India cannot justify similar actions under a different flag.
The massive crowd that gathered after his death shows the level of public anger.
सम्राट चौधरी को सीएम बनवाकर अमित शाह ने बीजेपी के लिए बिहार में मुश्किलों का दौर शुरू कर दिया है। यह आरा के भरत तिवारी की शव यात्रा है। मनबढ़ बिहार पुलिस ने सरकार के लिए वो मुसीबत पैदा की है जो लंबे समय तक खत्म नहीं होगी।
लालू के जंगलराज का दावा करने वाले अब एक सरकार का जंगलराज देख रहे हैं। हत्याओं, गैंगरेप का दौर फिर से शुरू हो चुका है। मुझे आश्चर्य हो जाता है कि जिस तरह से लालू प्रसाद यादव की सरकार को पिछड़ा विरोधी कहा जाता था अब यह सरकार सवर्ण विरोधी घोषित हो गई।
नीतीश कुमार ऐसे मौकों से निपटना जानते है लेकिन सम्राट नहीं निपट पाएंगे उन्हें तत्काल मृतक के परिजनों से मिलने की जरूरत थी। समूची बिहार पुलिस को बेसिक ट्रेनिंग और जनता से संवाद की तकनीक सिखाने की जरूरत है।
भरत तिवारी का फेक एनकाउंटर हुआ है, सम्राट चौधरी को माफ़ी माँगनी चाहिए और तो और भरत के माता-पिता पर कैसे FIR किया कर दिया, ये कैसा न्याय है:- तेजस्वी यादव (RJD नेता)
तेजस्वी यादव को आज रात या कल ही भरत तिवारी के घर जाना चाहिए।
जाति के जंजाल को तोड़ते हुए एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए पूरे बिहार में आरोपियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन करना चाहिए।