असाधारण बहादुरी और शौर्य से अंग्रेजी राज की चूलें हिला देने वाली, देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम की नायिका, महिला शक्ति की प्रतीक, वीरांगना ऊदा देवी जी को उनके शहादत दिवस पर कोटि-कोटि नमन।
@SurajKrBauddh@azamgarhpolice Rajbhar ma@arjat apne aap ko thakur samjhate h inki gand jab wahi fadte hai tab apne aap ko gareeb lachar dikhate h bahen k la@de
मा.प्रधानमंत्री @narendramodi जी सफाई कर्मियों की और भी ध्यन दीजिये , ठेकेपर सफाई का कार्य कर रहे सफाईकर्मी 8 हजार की सैलरी में घर कैसे चलाए,सविंदा पर कार्य कर रहे सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए, ठेका प्रथा खत्म होनी चाहिए @myogiadityanath@Arunchauhanll
यहां बुजुर्ग भी सुरक्षित नहीं हैं।
हरदोई, उत्तर प्रदेश में एक 65 वर्षीय SC बुजुर्ग की जघन्य हत्या कर दी गई। भन्नू सिंह, वेदराम व केपी सिंह, इन जातिवादी गुंडों ने मिलकर बुजुर्ग व्यक्ति के चेहरे को पत्थरों से कुचलकर उनकी हत्या कर दी। भयावह!
रुपेश कुमार रावत पुत्र राजेंद्र प्रसाद रावत ग्राम बनाऊगा थाना कुर्सी जनपद बाराबंकी का मामला है 28/8/23 सुबह 11 बजे M.D. कॉलेज के अंदर ऑफिस में शेखर ठाकुर जिसने पानी पिलाने को लेकर प्रार्थी को जाती सूचक गालियां देते हुए मारने लगा जिसमे प्रार्थी गंभीर रूप से घायल है @Uppolice
@zomato सर mere dost ka एक्सीडेंट हो गया था 12/08/23 को सर मेरे पैर में चोट आई है लेकिन मैं फिर भी कोसिस कर रहा था काम करने की लेकिन सर जब ऑर्डर दूर का बज जाता है ना चाहते हुए भी deny या कैंसल करना पड़ा है सर और इस वजह से मेरी id terminate कर दी गई कृपया कर के मेरी id चालू कर de
सागर के इस बहन की वेदना सुनकर कलेजा फट जा रहा है। भाई ने बहन के साथ छेड़छाड़ का विरोध किया तो जातिवादी गुंडों ने भाई की निर्मम हत्या कर दी और मां को निर्वस्त्र करके पीटा। अत्यंत भयावह घटना है।
@SurajKrBauddh Inko babasaheb ke barein Mai dhang se padhna chahiye aur inko kahna chahiye uske bad apne jaise un logon ko unke barein M batana chahiye jo inki Tarah unko Bina Jane koshte hai , ine apne as pas ke samaj Mai rahne walon ki soch ko badlne ko kahna chahiye jisse unka mn badal sake
मां के हाथ में फ्रैक्चर है और बहन भाई की लाश से लिपटकर रो रही है। सागर में छेड़खानी का केस वापस न लेने पर एक SC युवक की हत्या कर दी गई और मां को निर्वत्र करके पीटा गया। रूह कांप जाती है।
विक्रम ठाकुर, इस्लाम खान.. इन दरिंदों के खिलाफ देश मौन क्यों है? हमारे मुद्दे आज भी अछूत हैं