निवेदन हैं विलय के दौरान कर्मचारियों और नागरिकों के हित���ं का हनन ना हो।IDES और सेना दोबारा मुद्दों को सही तरीके से नहीं रखा गया।क्योंकि विलय को रोकना चाहते थे.हर बिन्दुओं पर ध्यान रखें जाए।कहीं IDES और सेना की वजह से विलय के दुष्प्रभाव कहीं ज्यादा दिखें @sonamley @adgcantts_dgde
माननीय महोदय @rashtrapatibhvn@PMOIndia@rajnathsingh@RahulGandhi रक्षा मंत्रालय द्वारा 16 अगस्त को 11 कैंट को खत्म करने हेतु मीटिंग फिर से रखी गई है लेकिन आज दिनांक तक कर्मचार���यों की मांगों पर विचार तक नहीं किया गया है। सभी छावनी परिषद के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है
माननीय महोदय @rashtrapatibhvn@PMOIndia@rajnathsingh@RahulGandhi रक्षा मंत्रालय द्वारा 16 अगस्त को 11 कैंट को खत्म करने हेतु मीटिंग फिर से रखी गई है लेकिन आज दिनांक तक कर्मचारियों की मांगों पर विचार तक नहीं किया गया है। सभी छावनी परिषद के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है
हम छावनी परिषद के स्थानिक नागरिक को कि माननीय @PMOIndia@narendramodi@AjaybhattBJP4UK@DefenceMinIndia पुन: प्रार्थना है कि छावनी परिषद को विलय , खत्म ना किया जाए । छावनी ही बनी रहे, ओर नगर निगम में शामिल ना किया जाए ।
हिमाचल के कैंट खत्म करने की कार्यवाही शुरू।
सभी छावनी परिषद् के कर्मचारियों को एक साथ आना चाहिए और यही ��ांग रखनी चाहिए की यदि छावनी परिषद् का विलय नगर निगम मे किया जा रहा है तो कर्मचारियों को केंद्र सरकार के विभाग मे ही स्थानत्रित किया जाये।
@PMOIndia @narendramodi @rajnathsingh
हिमाचल के कैंट खत्म करने की कार्यवाही शुरू।
सभी छावनी परिषद् के कर्मचारियों को एक साथ आना चाहिए और यही मांग रखनी चाहिए की यदि छावनी परिषद् का विलय नगर निगम मे किया जा रहा है तो कर्मचारियों को केंद्र सरकार के विभाग मे ही स्थानत्रित किया जाये।
@PMOIndia@narendramodi@rajnathsingh
छावनी परिषद के कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, माननीय प्रधानमंत्री जी @PMOIndia@narendramodi से पुनः निवेदन है कि छावनी परिषद के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के विभागों में स्थानांतरण किया जाए। राज्य सरकार के अधीन कार्य नहीं करना चाहते हैं छावनी परिषद के कर्मचारी।
निवेदन है विलय के कार्य को जल्दी पूर्ण किया जाए ।साथ में नागरिकों और कर्मचारिय���ं के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए।कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होने चाहिए। ARMY दिशा निर्देशों के अनुसार दोनों के हितों का शोषण होगा। पुनः विचार किया जाए। @BJP4India
@ddg_it
@adgcantts_dgde
MOVING AWAY FROM THE BRITISH-ERA CONCEPT OF CANTONMENT TOWNS
The excision of civil areas and their merger with State Municipalities involves active consultation and concurrence of the concerned State Governments
Read here: https://t.co/5aXnyt0wdv
Merger of civil area with municipality may be right from the point of view of the government.
But why is the future of the Cantt Board employees being left in the dark like this?
Cantt Board employee should be merged in any department of the center govt.@RakshaSampada@pdde_wc