Hello...
I'm Dr K.D. currently working in PMCH Patna, Orthopaedic department.
किसी को भी अगर PMCH हड्डी विभाग में ईलाज से जुड़ी हुई कुछ मदद चाहिए तो मुझसे बात करें। मुझे खुशी होगी।
#Bihar
@BJP4India क्या लगता हैं देश की जनता आपके फर्जी बातों पर भरोसा कर लेगी। पेट्रोल की वज़ह से कितना फायदा होता है कंपनी को ये किसी से छुपा नहीं हैं। पेट्रोल सस्ता कीजिए और मिलावट बंद कीजिए।
@SEVA_NBPDCL@BiharEnergy@EnergyBihar Please install a pole here; otherwise, a serious accident could occur. The power lines are supported by bamboo poles and Another pole in the same line is also damaged.
@bihar_police@SaranPolice@Saran_dm ग्राम धनौती , वार्ड नंबर 5, पंचायत फतेहपुर चैन, डेरनी थाना। स्टेट हाईवे से धनौती मिडिल स्कूल और धनौती गांव को जोड़ने वाले इस सड़क पर दिन प्रतिदिन कब्ज़ा किया जा रहा हैं जिससे सड़क का इस्तेमाल करने में दिक्कत आ रही हैं। इसको खाली करवाये।
Surya Chauhan murder case | Khoda police station team arrests Nawab (father of accused Asad), Farhan and Atif, from near Chaudhary Charan Singh Gate.
Upon interrogation, accused Farhan said: On 28.05.26, at 15.00, Asad had an argument with Suryapratap over riding a bike. Asad told his father, Nawab, and us about this. We then planned to teach him a lesson and, at around 15.30, cornered Suryapratap in Navneet Vihar, Gali No. 4. I gave Asad the knife, and Asad’s father told him to end the story. Asad then stabbed Suryapratap in the stomach. When Suryapratap fell down, covered in blood, we all thought he was dead and left.
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?