अगर GDS आपका परिवार है तो उनके साथ 8TH पे का भेदभाव ,रूल 3A के नाम पर भेदभाव ,टारगेट में शोषण ,4hr सिर्फ ड्यूटी हर चीज में भेदभाव , न hra, न ta कुछ भी नहीं मिलता !!
फिर रीढ़ की हड्डी क्यों कमजोर रह रही @JM_Scindia@narendramodi@rashtrapatibhvn
Gds को कब आजादी मिलेगी
@IndiaPostOffice@PMOIndia
@narendramodi@nsitharama
@AshwiniVaishnaw@jyot#GDSEmployees पर थोपे गए काले कानून नहीं बदल सकते हैं तो फिर उनके कार्य करने के तरीके को क्यों बदले गए ?डाक आदान प्रदान, डाक वितरण ओर काउंटर सेवा अन्य काम क्यों कराते हो? Ippb, ppf ssa rpli?
You
@IndiaPostOffice@AshokSi76849906 आप 8 घंटे की बात कर रहे। हो हमारे गांव में तो आपके डाकिया बाबू सुबह 8/9 बजे ही आ जाते हैं और शाम 5/6 बजे तक हमारे आस पास के दूसरे गांवों में फिरते रहते हैं उन्हें रोकिए साहब उनसे बोलिए कि यदि आप 5 घंटे से ज्यादा समय तक ग्रामों में दिखे तो आपको नौकरी से निकाल दिया जबेगा
@PMOIndia@narendramodi डाक विभाग में अंग्रेजों के समय से ही एक नियम (Rule3A) चल रहा है! भले ही शहरों के डाकघरों को आपने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया होगा लेकिन इस नियम के चलते गांवों में तो डाक व्यवस्था जस की तस ही है! वहां तो अब भी डाकघर 4 घंटे ही खुलते हैं!
#GDSEmployees को इस जंजीर से मुक्त करो!
@PMOIndia@narendramodi डाक विभाग में अंग्रेजों के समय से ही एक नियम (Rule3A) चल रहा है! भले ही शहरों के डाकघरों को आपने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया होगा लेकिन इस नियम के चलते गांवों में तो डाक व्यवस्था जस की तस ही है! वहां तो अब भी डाकघर 4 घंटे ही खुलते हैं!
#GDSEmployees को इस जंजीर से मुक्त करो!
@@Pmnarendramodi3@indiapost11#GDSEmployees श्रीमान जी शहर के कर्मचारियों का तो मकान किराया बढ़ा दिया गया ग्रामीण डाक घरों की भी तो सोचो जिसका किराया 250 से 500 के बीच है इस कीमत में कौन कमरा किराए से देगा 10 से 12हजार के वेतन पाने वाले GDS का इस तरह शोषण क्यों
@narendramodi@AshwiniVaishnaw@AshwiniUpadhyay@ianuragthakur भारत1947में आजाद हो गया था शेष JK को 5-7-12019को मोदीजी ने आजादी दी लेकिन आज भी लॉर्ड क्लाइव के समय से #GDS गुलामहैं ये गुलामी वाले DOPके Rule3A से आजादी कब मिलेगी ये फांसीवादी Ruleगुलामी का प्रतीक आज भारत में क्यों।
@JM_Scindia@narendramodi#GDS के बारे में भी विचार करने की कृपा बनाए रखें #GDS डाक विभाग में शोषित वंचित दलित तबका कहलाता है।75वर्षों से गुलामी के साये में जीवन यापन कर रहे हैं।
@AshwiniVaishnaw
गावो के गरीब किसानों और मजदूरो के लिए तो उनके गांव का डाकघर ही एकमात्र संचार का माध्यम है और वही एकमात्र वित्तीय संस्थान भी है! फिर भी सरकार इन शाखाडाकघरों को सिर्फ 4-5 घंटों के लिए ही खोल रही है! सरकार को #Rule3A को हटाकर गावो मे डाकघर खुलने की अवधि बढानी चाहिए
@AshwiniVaishnaw
गावो के गरीब किसानों और मजदूरो के लिए तो उनके गांव का डाकघर ही एकमात्र संचार का माध्यम है और वही एकमात्र वित्तीय संस्थान भी है! फिर भी सरकार इन शाखाडाकघरों को सिर्फ 4-5 घंटों के लिए ही खोल रही है! सरकार को #Rule3A को हटाकर गावो मे डाकघर खुलने की अवधि बढानी चाहिए
@AshwiniVaishnaw
गावो के गरीब किसानों और मजदूरो के लिए तो उनके गांव का डाकघर ही एकमात्र संचार का माध्यम है और वही एकमात्र वित्तीय संस्थान भी है! फिर भी सरकार इन शाखाडाकघरों को सिर्फ 4-5 घंटों के लिए ही खोल रही है! सरकार को #Rule3A को हटाकर गावो मे डाकघर खुलने की अवधि बढानी चाहिए
@AshwiniVaishnaw@narendramodi@PMGDISHA@_DigitalIndia@PMOIndia@GoI_MeitY Sir इनके बारे में आपका क्या विचार है
2300km दूर से आकर क्या कर लेंगे 11000 सैलरी में मामी पापा कहते है कि ऐसी कौनसी जॉब लगी जहा तुम्हे हम से रूपये मांगने पड़ रहे है
थोड़ा विचार कीजिए और 1977 के रुल चेंज कीजिए ताकि ग्रामीण लोगो को 8 घंटे सुविधा मिल सके
#GDSEmployees
@AshwiniVaishnaw@narendramodi@PMGDISHA@_DigitalIndia@PMOIndia@GoI_MeitY आपका डिजिटल सपना डाकविभाग पूरा नहीं होने जब तक आपको डाकविभाग जमीनी #GDSEmployees के बारे सहीजानकारी नहीं दी जाएगी1977 के रुल अभी तक लागू हो रहे और आप2021 में ग्रामीणइलाको को डिजिटल बनाने की बात कर रहेहै
एक बार ग्रामीणडाकघर में विजिट करके देखिए बैठने को लिए एक चेयर नही मिलेगीआपको