@AnilYadavmedia1 जब बहुजन 90% हैं, तो आर्थिक आधार पर आरक्षण का समर्थन क्यों नहीं करते? SC/ST को संवैधानिक आरक्षण मिला हुआ है—फिर भी आखिर कितना अधिकार चाहिए?
समानता की बात करो तो आर्थिक आधार पर भी न्याय स्वीकार करो, केवल जाति के नाम पर राजनीति नहीं....!
@LJP4India@iChiragPaswan आरक्षण का विरोध नहीं, जाति आधारित आरक्षण की व्यवस्था पर सवाल है। दशकों बाद भी अगर पिछड़ापन खत्म नहीं हुआ तो जिम्मेदार कौन? क्या सवर्ण समाज में गरीब नहीं हैं? मेरा मत है—आरक्षण का आधार जाति नहीं, गरीबी और वास्तविक वंचना हो। एक देश, एक कानून, समान अवसर।
आरक्षण का विरोध नहीं, जाति आधारित आरक्षण की व्यवस्था पर सवाल है l दशकों बाद भी अगर पिछड़ापन खत्म नहीं हुआ तो जिम्मेदार कौन? क्या सवर्ण समाज में गरीब नहीं हैं? मेरा मत है आरक्षण का आधार जाति नहीं, गरीबी और वास्तविक वंचना हो l एक देश, एक कानून, समान अवसर... "
मैंने 10 फरवरी 2020 को देश की संसद में भी स्पष्ट रूप से कहा था कि आरक्षण किसी को दी हुई खैरात नहीं, बल्कि एक संवैधानिक अधिकार है।
मेरी और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सोच बिल्कुल स्पष्ट है—आरक्षण को समाप्त करने की बात तो दूर, आरक्षण की समीक्षा भी हमें कभी स्वीकार्य नहीं है।
सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।
@INCIndia आपकी ही सरकार के मंत्री ने संसद में माना था कि सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर और रसद पहुँचाने में दिक्कत थी। 2014 के बाद सड़क, हाईवे और चिनाब ब्रिज जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बने। फर्जी वीडियो डालकर इन विकास कार्यों की हकीकत नहीं बदली जा सकती...!
@INCIndia आपकी ही सरकार के मंत्री ने संसद में माना था कि सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर और रसद पहुँचाने में दिक्कत थी। 2014 के बाद सड़क, हाईवे और चिनाब ब्रिज जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर बने। फर्जी वीडियो डालकर इन विकास कार्यों की हकीकत नहीं बदली जा सकती...!
@AnilYadavmedia1 योग्यता है तो तुम भी बन जाओ, ईर्ष्या क्यों?
धर्म धंधा ही सही, सनातन का प्रचार तो हो रहा है l
कभी इस्लाम या ईसाई धर्म पर भी बोलकर अपनी निष्पक्षता दिखा दिया करो...!
@AnilYadavmedia1 योग्यता है तो तुम भी बन जाओ, ईर्ष्या क्यों?
धर्म धंधा ही सही, सनातन का प्रचार तो हो रहा है l
कभी इस्लाम या ईसाई धर्म पर भी बोलकर अपनी निष्पक्षता दिखा दिया करो...!
ये तालिबान या ISIS की क्रूरता नहीं है, बल्कि ये सब बिहार में हुआ।
संतोष सिंह जी ने अंबेडकर को लेकर कोई टिप्पणी कर दी। जिसके बाद उन्हें बेरहमी से मारा। अर्धनग्न कर घुमाया।
ये उत्पीड़न अत्याचार बर्बरता और अन्याय नहीं तो क्या है? इस पर सब मौन क्यों है? मामला बिहार के सीवान का।
'वंदे मातरम्', जो स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहा, उसका आजादी के 80 वर्ष बाद आज पहली बार लाल किले की प्राचीर से गान हुआ।
इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर न सिर्फ रोंगटे खड़े हो गए, बल्कि रोम-रोम पुलकित हो उठा।
प्रधानमंत्री से असहमति तुम्हारा अधिकार है, लेकिन अपमानजनक भाषा तुम्हारी बौद्धिकता नहीं, तुम्हारी कुंठित मानसिकता दिखाती है l आलोचना तर्क से करो, अभद्रता से नहीं l @naseeruddnshah
श्रीराम करुणा और दया के सागर हैं, लेकिन यह मत भूलिए कि जहाँ धर्म और श्रद्धा का अपमान होता है, वहाँ न्याय भी अपना मार्ग खोज लेता है l
मंदिर की दान-पेटी में रखा हर रुपया किसी श्रद्धालु की आस्था का प्रतीक होता है उसका सम्मान करना ही सच्चा
धर्म है....!
#highlight#fallowers
"साहस ही वह शक्ति है जो कठिन से कठिन मार्ग को भी सरल बना देती है l
सत्य, सेवा और परिश्रम का साथ कभी मत छोड़िए यही जीवन की सबसे बड़ी विजय है...!
#जय_जय_श्री_राम l #जय_बजरंगबली...!