कांग्रेस ने बीवी श्रीनिवास को सेवादल की राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी है। यह केवल एक संगठनात्मक नियुक्ति नहीं है, कांग्रेस के सबसे पुराने और सबसे अनुशासित जन-संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश है। सेवादल कांग्रेस की वही संस्था है, जिसकी जड़ें स्वतंत्रता आंदोलन की स्वयंसेवी परंपरा में हैं। हिंदुस्तान सेवा मंडल से कांग्रेस सेवादल तक की यात्रा केवल नाम बदलने की यात्रा नहीं थी; यह कांग्रेस के भीतर अनुशासन, सेवा, प्रशिक्षण, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक संस्कारों की एक धारा थी।
पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे नेता इसके पहले अध्यक्ष रहे और डॉ. एनएस हार्डिकर जैसे स्वतंत्रता सेनानी ने इसे संगठनात्मक आकार दिया। बाद में सेवादल ने सविनय अवज्ञा आंदोलन, कांग्रेस अधिवेशनों, जन-जागरण, सेवा-कार्य, सांप्रदायिक सौहार्द और पार्टी के अनुशासित स्वयंसेवी ढांचे में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। आजादी के बाद भी इसका मूल चरित्र यही रहा कि यह सत्ता की सीढ़ी नहीं, संगठन की रीढ़ बने। यह हैरानीजनक बात है कि इतने समृद्ध इतिहास वाले संगठन को कांग्रेस ने अब तक जाने क्यों इतना उपेक्षित कर रखा था।
नतीजा यह है कि पिछले कई दशकों में सेवादल का वही तेज, वही दृश्यता प्रभाव और वही जन-संपर्क कमजोर हुआ है। कांग्रेस में बड़े नेता, चुनावी प्रबंधन और मीडिया-छवि तो चर्चा में रहे, लेकिन बूथ, मोहल्ले, गांव, सेवा-शिविर और प्रशिक्षित कार्यकर्ता जैसी चीजें पीछे छूटती गईं। ऐसे समय में बीवी श्रीनिवास का चयन महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने यूथ कांग्रेस में संकट-कालीन सेवा की राजनीति को दृश्य बनाया। कोविड के दिनों में उनकी पहचान भाषण देने वाले नेता की नहीं, मदद पहुंचाने वाले कार्यकर्ता-नेता की बनी।
लेकिन सेवादल की चुनौती यूथ कांग्रेस से अलग है। यहां केवल आक्रामकता या सोशल मीडिया पर्याप्त नहीं होंगे। श्रीनिवास को सेवादल को वैचारिक प्रशिक्षण, संविधान-निष्ठा, गांधीवादी सेवा, सांप्रदायिक सद्भाव और बूथ-स्तर की संगठनात्मक उपयोगिता से फिर जोड़ना होगा। उन्हें बुजुर्ग सेवादल परंपरा और युवा ऊर्जा के बीच पुल बनाना होगा। उन्हें याद दिलाना होगा कि जिस समय राजनीति का बाज़ार देशभक्ति के नकली ब्रांड से पटा पड़ा है, वे लोगों को यह बताएं कि इस चमक-दमक और व्यामोह की हकीकत क्या है।
उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सेवादल कांग्रेस में केवल कार्यक्रमों में टोपी पहनकर खड़े होने वाला प्रतीक न रहे, समाज में कांग्रेस की सेवा, अनुशासन और संवैधानिक राष्ट्रवाद का जीवित चेहरा बने। अगर श्रीनिवास यह कर पाए तो यह नियुक्ति कांग्रेस संगठन के लिए सचमुच अर्थपूर्ण साबित हो सकती है। बीवी ने यूथ कांग्रेस में किए अपने काम से साबित किया है कि वे बहुत कुछ कर सकते हैं। इस समय देश में जिस तरह के हालात हैं और कांग्रेस जिन संकटों का सामना कर रही है, वहाँ सेवादल उस रिक्तता की पूर्ति कर सकता है, जो कांग्रेस अपने प्रतिद्वंद्वी संगठन के सामने महसूस करती है। बीवीश्रीवास को शुभकामनाएँ।
@srinivasiyc
Congratulations to AICC Secretary & Former IYC President Shri @srinivasiyc ji on being appointed as the Chief Organiser of Congress Sevadal.
Wishing you success in strengthening the organisation and inspiring Congress workers across the nation. 🇮🇳
सत्ता के अहंकार में डूबी मोदी सरकार अब इस मुकाम पर पहुँच गई है कि अपने अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं और सुरक्षित भविष्य की मांग करने वाले छात्रों को ही शिक्षा मंत्री “आतंकवादी” कह रहे हैं।
ज़रा सोचिए - जिसकी नाकामी से इतने पेपर लीक हुए, जिसके राज में 20 बच्चों ने जान दे दी, जिसने करोड़ों युवाओं का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया - वो आज पीड़ित बच्चों और उनकी आवाज़ उठाने वालों को “दहशतगर्द” बता रहा है।
पर यह कोई नई बात नहीं: अन्नदाता किसानों को "आंदोलनजीवी और परजीवी" कहा। सवाल पूछने वाले को “Anti-National” कहा। और अब युवाओं को “दहशतगर्द।”
जो भी सरकार से सवाल पूछे - उसे देशद्रोही बता दो, यही इनकी पूरी राजनीति है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, देश के करोड़ों युवाओं से तुरंत माफ़ी माँगिए और अपनी नाकामियों के लिए इस्तीफ़ा दीजिए।
और रही मेरी बात - आप मुझ पर जितने चाहें हमले कर लीजिए। मैंने कोटा में कहा था, और फिर कहता हूँ: यह शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है। मैं इसे ऐसे ही नहीं रहने दूँगा।
हर बच्चे को सस्ती, अच्छी शिक्षा और निष्पक्ष परीक्षा मिले - इस आवाज़ को उठाना मैं कभी बंद नहीं करूँगा।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुँच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है।
जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है - उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
कोटा में मैंने यही कहा था - यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है।
हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं - और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।
#ChhatronKiGoonj
#ChhatraJodo
मैं ऐसी दृश्य देखता हूं तो मैं मुस्कुरा देता हूं। शायद मैं गलत हूं लेकिन मुझे ऐसे नारे चौंकाते हैं। मैं राहुल गांधी को देश के प्रधानमंत्री के तौर पर रखकर नहीं सोच पाता हूं, यह पद बहुत छोटा है इस व्यक्ति के लिए। राहुल गांधी का नाम पीएम पद से बड़ा है।आप लिख कर रख लो राहुल पीएम बनना नहीं स्वीकारेंगे। वो आपको चौंका देंगे।
पीएम पद के मान को इस देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रसातल में पहुँचा दिया है। यह पद अब गरिमाहीन हो चुका है। यह नारा गलत है कि "हमारा पीएम कैसा हो राहुल गांधी जैसा हो" असल नारा होना था "हर हिन्दुस्तानी कैसा हो राहुल गांधी जैसा हो"।
राहुल गांधी का कद ऐसे पदों से बहुत ऊपर है। बहुत मुमकिन है कि राहुल को यह पद मिले तो राहुल उसे लात मार दें और कहें कि यार इसको बनाओ और किसी अनजाने से युवा चेहरे को जिस पर उन्हें यकीन हो कि वो मेरे सपनों को पूरा करेगा मेरे डिजाइन को इस्तेमाल करेगा, उसको अवसर दे दें।
राहुल पीएम मैटेरियल तैयार करने का कारखाना हैं वो सैकड़ों हजारों ऐसे पीएम तैयार कर सकते हैं जो इस देश को इस देश की जनता की नब्ज को समझता हो। राहुल के पास इस देश के युवाओं, महिलाओं, दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों, पिछड़ों, मजदूरों के लिए विजन है।
आजाद भारत में पंडित नेहरू के बाद अकेले राहुल गांधी हैं जिनके पास नए भारत का एक डिजाइन है। गुलाम भारत के पास नेहरू,गांधी, भगत सिंह, सुभाष थे। जब काले अंग्रेजों ने देश पर कब्जा किया तब उसके पास एक अकेला राहुल है।
कांग्रेस को अभी राहुल के विजन को समझने की जरूरत है। कांग्रेस अभी राहुल के पीछे पीछे चल रही है उसे राहुल से आगे बढ़ने की जरूरत है जो कि होगा नहीं। बहुत दौड़ना पड़ेगा, सबसे मोहब्बत करनी पड़ेगी, असीम त्याग करना पड़ेगा। आखिरी बात "खुद को सबसे अंत में रखकर सोचना पड़ेगा"
If you've suffered because of paper leaks, exam issues, or high fees
If this education system has shattered your dreams
If your family has invested a lifetime of savings in your education
Then “Chhatron Ki Goonj” is your voice.
This isn't just a campaign - it's a platform to take your demands directly to the government.
Affordable education. Fair examinations. Dignified employment.
Join the movement:
1️⃣ Click the link below.
2️⃣ Fill in your name and share your ideas.
3️⃣ Sign the petition - that's it.
Your signature will strengthen this movement. More the signatures, louder the goonj!
👉 Sign the petition now: https://t.co/g6mbw7X5XC
#ChhatronKiGoonj
#WATCH | Thiruvananthapuram, Keralam: The KSU (Kerala Students' Union) state committee held a night march to Lok Bhavan demanding the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over NEET-UG 2026 examination paper leak. The protest is part of the nationwide agitation being carried out by NSUI.
Kota was buzzing with hope and excitement today, as LOP @RahulGandhi ji addressed the massive Chhatron Ki Goonj rally - with a laser-sharp focus to fix India’s broken education system.
The NEET fiasco is just one of the countless examples of how ordinary families suffer because our education system is designed to destroy our youth’s morale and their parents’ savings.
We are committed to fixing it and the Gen Z’s hopes and vision will be at the centre of this.
What we have witnessed today is only the 1st step of the education revolution that we will bring about in India!
Just one figure from @rahulgandhi ji’s talk at Kota says it all:
🔹Money extracted by the system from NEET students and their families (22 lakh students per year) = 1.32 Lakh Crore.
🔹India’s entire education budget = 1.40 Lakh Crore.
🔹I have only one thing to add to it: Loans forfeited by the government of India to its favourite businessmen: 16 Lakh crores.
#ChhatronKiGoonj
I am very happy and honoured to stand in front of you in Kota.
I want to make it clear: this is not a political meeting. This is about you, about your future. This evening is about you, what you are facing, and the challenges you deal with every single day.
: LoP Shri @RahulGandhi
📍 Kota, Rajasthan
#ChhatronKiGoonj
हमारे मन में डर है कि कहीं फिर से पेपर लीक न हो जाए, क्योंकि पूरा सिस्टम ही खोखला हो चुका है।
एक तरफ राहुल गांधी जी हम छात्रों से मिलने आ रहे हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर कोई कदम नहीं उठाया।
- कोटा में छात्रा ने कहा
#ChhatronKiGoonj
ये महारैली छात्रों की आवाज को एक नई ताकत देगी।
जननायक राहुल गांधी जी के साथ शिक्षा व्यवस्था में धांधली करने वालों की जवाबदेही तय करेगी।
कोटा है तैयार - सुनने छात्रों की हुंकार 🔥
#ChhatronKiGoonj
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi का कोटा एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आत्मीय स्वागत किया।
राहुल गांधी जी यहां 'कोटा महारैली' में शामिल होकर छात्रों और युवाओं के साथ संवाद करेंगे।
📍 राजस्थान
#ChhatronKiGoonj
पंचकोशी यात्रा की पूर्णता के क्रम में आज इस पावन पुरुषोत्तम मास की सनातन धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान पुरुषोत्तम (श्री हरि विष्णु) के दिव्य दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
काशी खंड के अनुसार, इस विशेष महीने में भगवान पुरुषोत्तम के दर्शन मात्र से जीव के जन्म-जन्मांतर के कष्ट दूर होते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
प्रभु पुरुषोत्तम और बाबा विश्वनाथ से समस्त देश-प्रदेश वासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना करता हूँ।
॥ जय श्री हरि विष्णु ॥
॥ हर हर महादेव ॥
आस्था के पथ पर बढ़ते हुए यात्रा अपने द्वितीय पड़ाव 'भीमचंडी' पहुँची।
माँ भीमचंडी और भीमचंडेश्वर महादेव के चरणों में शीश नवाकर समस्त प्रदेशवासियों के आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
रास्ते में मिल रहे स्थानीय भाई-बहनों का अगाध स्नेह ही इस यात्रा की असली शक्ति है।
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#Bhimchandi #Varanasi #PanchkoshiYatra #AjayRai