ये तस्वीर 2018 की है। हादसा आगरा एक्सप्रेसवे पर हुआ था। असल में जिस पीएनसी कंपनी ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाया था, उसे आगरा एक्सप्रेसवे में आगरा से फिरोजाबाद के बीच 56 किलोमीटर का हिस्सा बनाने की जिम्मेदारी मिली थी।
1 अगस्त 2018 को कन्नौज का एक परिवार मुंबई से नई एसयूवी कार खरीदकर वापस लौट रहा था। डौकी क्षेत्र में वाजिदपुर के पास सर्विस लेन पर 50 फिट का गड्ढा हो गया था, कार उसी में समा गई थी। बहुत हंगामा हुआ। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बाद में इसी पीएनसी कंपनी को सरकार ने 58 करोड़ रुपए का बोनस दिया था। तर्क था कि इन्होंने काम को तय समय से पहले कर लिया है।
गोदी मीडिया Vs गोदी मीडिया
रिपब्लिक के एंकर चित्रा त्रिपाठी का नाम लिए बिना खुलेआम उन पर निशाना साध रहे हैं।
“कुछ एंकर जंतर-मंतर पर मौजूद उन कंटेंट क्रिएटर्स का इंटरव्यू ले रहे हैं जो छात्र भी नहीं हैं। ये एंकर ट्रेंड का फ़ायदा उठाकर मशहूर होना चाहते हैं।” 😂
क्या अब चित्रा त्रिपाठी पलटवार करेंगी?
Does the Supreme Court now want everybody to take bullets?
When these kinds of statements are made by the judges of the Supreme Court against opposition leaders, what hope does it leave for the common person?
यह लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे है
4,200 करोड़ रुपए में बना है
20 दिन पहले ही उद्घाटन हुआ था
तबसे 5 बार एक्सप्रेसवे की मरम्मत हो चुकी है
यह भ्रष्टाचार नहीं है तो क्या है?
डबल इंजन - डबल भ्रष्टाचार