AISA की कार्यकर्ता नेहा बोरा ने मोहम्मद जुनैद से मुलाकात की
◆ जंतर-मंतर पर मोहम्मद जुनैद ने प्रदर्शन करने वालों को खाना खिलाया था
#NehaBora | Neha Bora | #AISA | @neha_aisa
GenZ का नॉलेज तो गजब का है !
देखिये इस कम उम्र की लड़की को भी वो बड़ी बड़ी बातें पता हैं जिन पर बड़े बड़े लोग चर्चा करते हैं !
अब लगने लगा हैं ये जनरेशन देश को सच में आगे ले जाएगी !
मोबाइल चोरी की शिकायत लेकर छात्र पुलिस के पास गया था..पुलिस ने छात्र से कथित तौर पर
अभद्रता की है..!
कानून के रखवालों पर से लोगों का भरोसा उठता जा रहा है..पिछले कुछ सालों में पुलिस ने खुद को हीरो नहीं विलेन के तौर पर प्रस्तुत किया है -
आखिर क्यों पुलिस का रवैया इतना असंवेदनशील होता जा रहा है..क्या कारण हो सकता है..?
दिल्ली (कनॉट प्लेस)
आज से @mahuamoitra मेरी सेकंड फेवरेट स्पीकर हुई कितनी सादगी से कितनी अच्छी क्लास लगाई है डिम्पल यादव ने , देखो बस देखो
इनको पहले नंबर पर इस लिए कर दिया सब कुछ हिंदी में बोली है कुछ समझने के लिए दिमाग नहीं लगाना पड़ा महुआ मैडम की स्पीच ध्यान से सुननी पड़ती है वो मेहनत करवाती है इसलिए सेकंड 😜
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
पोल खुल गई है, आप भी देखिए।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान एक छात्रा के साथ दिल्ली पुलिस की कथित बर्बरता का वीडियो पूरे देश ने देखा था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी उस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही।
जब पत्रकारों ने पुलिस प्रशासन से सीधे पूछा कि संबंधित अधिकारी कहाँ है और उसके खिलाफ़ क्या कार्रवाई की गई है, तो स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें की गईं। इससे सवाल और गहरे हो जाते हैं।
अगर किसी पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगे हैं, तो उसकी निष्पक्ष जाँच और जवाबदेही सुनिश्चित क्यों नहीं की जा रही? क्या इस मामले में भी जवाबदेही से बचने की कोशिश हो रही है?
गृहमंत्री अमित शाह जी जवाब दें—जिस पुलिसकर्मी पर आरोप लगे हैं, उसके खिलाफ़ अब तक क्या कार्रवाई हुई? क्या FIR दर्ज हुई? अगर नहीं, तो क्यों नहीं? देश जानना चाहता है कि कानून सबके लिए बराबर है या नहीं।
@TanushreePande@harshdelhise
"बहुत अच्छा काम किया, अभिजीत ने देश के लिए अपनी नौकरी भी छोड़ दी"
◆ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के पिता ने कहा
#AbhijeetDipke | Abhijeet Dipke | #CJP
आज AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने जंतर मंतर पर हजारों युवाओ को रोज खाना खिलाने वाले मोहम्मद जुनैद से मुलाक़ात की ,
मोहम्मद जुनैद के साथ नेहा की मुलाक़ात आज इस वजह से भी अहम है कि मोहम्मद जुनैद ने कहा था कि इस प्रदर्शन के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ रही है , लेकिन अब एक खुलासा हुआ है ,
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने आज मोहम्मद जुनैद से मुलाक़ात करते हुए मोहम्मद जुनैद के विरोधियो को बता दिया क़ि वो अब अकेले नहीं बल्कि AISA की पूरी टीम उनके साथ खड़ी है , मोहम्मद जुनैद ने जंतर मंतर पर जो काम किया वो काम आसान नहीं था , एक मुसलमान होकर बिना डरे उन्होंने छात्रों को खाना खिलाया , जबकि उन्हें पता था पुलिस उनको परेशान कर सकती है ,
मोहम्मद जुनैद अपने ऊपर हुए जुल्म के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट गए है , अब देखना ये होगा की पुलिस क्या कहती है इस पूरे केस में , जबकि प्रथम दृष्टि से देखा जाए तो प्रदर्शन स्थल पर खाना खिलाना कोई अपराध नहीं है , क्योंकि उन्होंने नेक दिल से सबको अपना समझकर खाना खिलाया था ,
नेहा बोरा की एक बात की तारीफ तो आज सबको करनी पड़ेगी कि नेहा ने इस प्रदर्शन के बाद भी किसी को अकेला नहीं छोड़ा, उनके कई साथियो को बिहार पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था , सूचना मिलते ही अगले दिन वो बिहार के पटना में अपने गिरफ़्तार साथियो से मिलने पर पहुंची ,
आज मोहम्मद जुनैद परेशान है तो जुनैद से भी नेहा ने मुलाक़ात करते हुए उन्हें हौसला दिया ,
मुसलमानों के नाम पर अपनी सियासी रोटी सेकने वालों ने कभी मुसलमानों के मुद्दों को इस तरह नहीं उठाया होगा जिस बेबाकी से नेहा बोरा ने आवाज़ उठाई है
मुसलमानों का झोला भर भर कर वोट लेने वाले तो "मुसलमान" लफ़्ज़ बोलने से परहेज़ करते हैं
This government must understand that the students' anger has not subsided. There is immense anger among the people, and if required, protests will happen again and be bigger than the previous one.