बरेली : मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने वक्फ संपत्तियों में हुए अरबों-खरबों रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है . उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर मामले की तरह वक्फ संपत्तियों की भी SIT या CBI स्तर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि संपत्तियां गरीब मुसलमानों के कल्याण के लिए वापस लाई
सलमान खुर्शीद राम मंदिर मामले में काफी दुःखी हैं?
यह लाखों गरीबों की जमीन लूट लेने वाले “वक्फ बोर्ड” को अच्छा मानते हैं...
कभी किसी कांग्रेसी सपाई को लुटेरे “वक्फ बोर्ड” को खराब कहते सुना है?
ठगों का चमचा अब ज्ञान दे रहा है लेकिन इनको नहीं पता की इतिहास में रामद्रोही नाम से दर्ज हो चुकी है . जिनको श्रीराम मंदिर से नफरत थी वो आज कुछ चढ़ावा चोरों के कारण राम मंदिर को बदनाम करने में लगे है . इसका नतीजा भुगतना होगा !
अरे तुझे शर्म नहीं आती ? शराब घोटाले में पकड़े गए, जेल गए, अब राम मंदिर के नाम पर वोट की दलाली कर रहा है? जब दिल्ली दंगों में शाहीन बाग का साथ दे रहा था, कश्मीरी पंडितों का मजाक उड़ा रहा था, तब सुंदरकांड कहाँ था तेरे आका के पास? लंका तो तुम आपियों कि लग रही है . पाखंडी कहीं का !
"अरे शराब का ठेका बेचने वाले शराबी! राम मंदिर के चढ़ावे पर डकैती की बात कर रहा है? तुझे शर्म नहीं आती? दिल्ली की शराब नीति में अपने ठेकेदारों को 12% प्रॉफिट मार्जिन देकर किकबैक वसूलने वाला तू आज रामभक्त बन गया? हनुमान जी तेरी पाखंडी और शराबी चाटुकारों को गदा घुमा के सीधा कर देंगे
शर्म आती है यह देखकर .. अपने परिचय में हिंदू यूनिटी लिखने वाला ये आदमी राम मंदिर में सैकड़ों करोड़ के चढ़ावे पर डकैती डालने वालों की चाटुकारिता करने में लगा है… हे हनुमान जी महाराज! इनको सद्बुद्धि देना… और फिर भी ये डकैतों के साथ ही खड़ा रहे तो एक गदा देना घुमा के।
ठगों का चमचा अब ज्ञान दे रहा है लेकिन इनको नहीं पता की इतिहास में रामद्रोही नाम से हुकी है . जिनको श्रीराम मंदिर से नफरत थी वो आज कुछ चढ़ावा चोरों के कारण राम मंदिर को बदनाम करने में लगे है . इसका नतीजा भुगतना होगा !
मेजर साहब! राम मंदिर में चढ़ावे की डकैती करने वाले डकैत आपके क्या लगते हैं?
हम लोग बहुत छोटे लोग हैं, हमें गाली देने से क्या होगा ? आप मेजर रहे हो, हिंदू हो… हिम्मत है तो रामलला के आँगन में डकैती डालने वालीं को ललकारो ना!
यह घटिया राजनीति ही है। दो दिग्गज अभिनेताओं के बीच का 2020 का पुराना झगड़ा, जिसमें उन्होंने खुद सुलझा लिया, नसीर साहब ने बाद में माफी मांग ली थी . उसे दोबारा खोदकर कांग्रेस जैसे दल "सेकुलर" इमेज और वोट बैंक को खुश करने में लगे है। शाह कई विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं।
यह घटिया राजनीति ही है। दो दिग्गज अभिनेताओं के बीच का 2020 का पुराना झगड़ा, जिसमें उन्होंने खुद सुलझा लिया, नसीर साहब ने बाद में माफी मांग ली थी . उसे दोबारा खोदकर कांग्रेस जैसे दल "सेकुलर" इमेज और वोट बैंक को खुश करने में लगे है। शाह कई विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं।
“अनुपम खेर आजकल बहुत बोल रहे हैं
उन्हें ज़्यादा गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है,
वो तो जोकर हैं !
उनके NSD और FTII के समकालीन लोग उनकी चापलूस प्रवृति के बारे में बता देंगे !
चापलूसी उनके खून में है !”
नसीरुद्दीन शाह जी ने पोल खोल दी 🔥🤣🥴😂
@NayakRagini रामद्रोही अब राम-भक्त बन जनता को मुर्ख बनाने में लगे है . लेकिन इनके पाप छुपाये नहीं छुप रहे है . रोजा ''इफ्तार'' और ‘नमाज़’ के बिना इनकी राजनीति नहीं चल रही है तो अब खुद को राम-भक्त बता रहे है और योगी - मोदी को कोस रहे है . इनकी हरकते देख शुपर्णनखा और कालनेमि भी शरमा जाये ?
फुक्रे आलम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UP मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बिना किसी ठोस शिकायत या मुद्दे के अत्यंत आक्रामक, अश्लील और बेहद गंदी गालियों वाला वीडियो बनाया। सिर्फ घृणा और अपमान पर वीडियो वायरल होने के बाद मुंगरा बादशाहपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है .
लाखों मंदिर हैं तो हनुमानगढ़ी पर नमाज़ क्यों पढ़वाना चाहते थे? जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़वाने की हिम्मत है तो दिखाओ। ये कुतर्क नहीं, हिंदू स्थल पर तुष्टिकरण और मुस्लिम स्थल पर दोहरा चरित्र है । "कांग्रेस का सेकुलरिज्म सिर्फ हिंदू त्याग और मुस्लिम तुष्टि का पर्याय है?"
मोहसिन काज़मी बन गया देशद्रोही? चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 60 किलोमीटर अंदर घुसपैठ करने की फैलाई झूठी खबर . फेक न्यूज़ से सेना का मनोबल तोड़ने वाले इंफ्लुएंसर पर सख्त कार्रवाई की मांग उठी .
"सर्कस तो तुम्हारे सैफई महोत्सव में टोंटी चोर और नाचने वाले चलाते थे, जनता के पैसे से। मोदी जी जब विदेश जाते हैं तो भारत की संस्कृति का गौरव बढ़ाते हैं, देश का सम्मान बढ़ाते हैं। कंगारू वाले देश अपनी संस्कृति से स्वागत कर रहे हैं — ये सांस्कृतिक आदर है, सर्कस नहीं। समझे जोकर !
पत्रकारिता की आड़ में भांडगिरी करने वाले दलाल , ''राम नाम की लूट'' जैसे शब्द तेरे ही थे न , सिस्टम पर सवाल नहीं उठाया ''भगवन राम'' को अपने एजेंडे में घसीटा , जब खबरों के माध्यम से पोल खुलने लगी तो आ गए विक्टिम कार्ड खेलने। इन वामपंथी दलाल पत्रकारों की ये घिसिपिटी पुरानी लाईन है।
जो भी सरकार, सिस्टम पर सवाल उठाए , उसको राष्ट्र विरोधी, राम विरोधी , सनातन विरोधी कह दो , जो न उठाए उसको गोदी कह दो ..काम खतम ..बस इतना ही फैसला करना है .. न सोचो, न पूछो .. जजमेन्ट दे दो ..🙏🙏
News24 (कांग्रेस से जुड़े चैनल) के पत्रकार राजीव रंजन ने अयोध्या के मुस्लिम स्वामित्व वाले 3-4 स्टार होटल सुबा में ₹235 का सलाद खाया, फिर ‘राम नाम की लूट’ कहकर मंदिर को टारगेट किया . लेकिन होटल का नाम जानबूझकर छुपाया गया। पत्रकार महंगे होटल में ठहरकर “लूट” का नारा लगा रहे हैं।
कितना बदल गई अयोध्या, एक पूरा टमाटर नहीं, एक पूरी प्याज नहीं, एक न पूरा गाजर और न खीरा..पूरा नींबू भी नहीं और ये सितारा होटल भी नहीं .. और इस सलाद की कीमत 235 रूपए .. राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट
अगर कोई गंभीर आरोप लगाता है, खासकर राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर, तो सबूत देना उसकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। सिर्फ राजनीतिक हमला करके भागना उचित नहीं। ऐसे में "सबूत हमारे पास हैं" कहकर फिर "सबूत हम क्यों दें" वाली स्थिति कांग्रेसियों के लिए "थूक कर चाट लेना" जैसी है !
इसे कहते हैं थूक कर चाट लेना-
पहले इसने कहा चोरी के तमाम सुबूत आ रहे हैं,, फिर कह रहा है,, सुबूत कोई और क्यों दे?
मंदिर को बदनाम करने की नीयत से झूठे आरोप लगाने वाले भाग क्यो रहे हैं... सच है तो सुबूत दे ना?
हिन्दू आस्था पर प्रहार करने वालों को समय और ईश्वर दोनों सबक सिखाते हैं। बेशर्मी से झूट बोल दिया की “अंगूठी बेचकर ५१ हजार रुपये का चंदा दिया” . इसी के ससुर मुलायम सिंह यादव ने 1990 में कहा था - ;;राम मंदिर नहीं बनने देंगे” . अखिलेश और डिम्पल यादव भी इसी परंपरा में खड़े रहे हैं।
राममंदिर में अपनी अंगूठी बेचकर 51000 का चंदा दिया रसीद नहीं मिली और वो चोरी हो गये
पहली बात-
ये इतनी गरीब नहीं कि इसे अंगुठी बेचनी पड़े।
दूसरी बात-
जिसका लंदन में होटल चल रहा हो, जिसका पति पार्टी का सर्वेसर्वा हो, जो सैफई में करोड़ों रुपए का लौंढा डांस पर पैसा उड़ा दिया करते थे।
जो मंहगे से महंगे फिल्मी सितारों को नचवाते थे
जो उन भांडो को हर महिने बख़्शिश मे मोटा वेतन दिया करते थे ।
उस पार्टी की महारानी Dimple Yadav को
अंगूठी बेचकर सिर्फ ५१००० का दान देना पड़े ये बात हजम नहीं होती।
ये १०१% झूठ है कि इन्होंने कोई चंदा भी दिया है, जबकि हर एक को रसीद दी गई है चाहे १० रु. का ही दान क्यों न दिया हो।
इसने राम के नाम पर बड़े शातिराना तरीके से आरोप लगाया कि बेचारी ने बड़े मुश्किल से दान दिया और रसीद नहीं दी बोलकर आरोप आसानी से लगाया जा सकता है।
अगर डिम्पल की बात ०.०१% भी सत्य होती तो हम मान लेते । मगर इस झूठी महारानी की बात शत-प्रतिशत झूठ है।
और इस मिथ्या आरोप का दंड उपर वाला इन्हें बर्बाद कर के अवश्य देगा।
तिलचट्टो अभी तो कुछ ही दिन हुए है . यहाँ आराम से जमे रहो . खाना पीना हगना मूतना जारी रखो बाकि सहूलियत की सामग्री मिलती रहेगी . ध्यान रखना इस प्रदर्शन को जारी रखते हुए तुम सभी तिलचट्टो को इतिहास बनाना है . हटना बिलकुल नहीं है .
अल्लामा इकबाल के मुस्लिम पाकिस्तान समर्थक विचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता . जिसने 1930 के इलाहाबाद में उन्होंने Two Nation Theory की नींव रखी वो कांग्रेस का चहिता बन गया ! राम को इस्लामी शब्दावली से जोड़ना हिंदुओं आस्था पर अनावश्यक चोट पहुंचा यही कांग्रेस की दोगली नीति है.
प्रभु राम VHP-RSS की बपौती नहीं हैं
प्रभु राम के मंदिर में चोरी हुई है - आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है
अनिल मिश्रा चंपत राय बंसल की
लुटिया चुरा कर थोड़े ही भागे हैं
श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं. वह 145 करोड़ हिंदुस्तानियों के आराध्य हैं
अल्लामा इकबाल के मुस्लिम पाकिस्तान समर्थक विचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता . जिसने 1930 के इलाहाबाद में उन्होंने Two Nation Theory की नींव रखी वो कांग्रेस का चहिता बन गया ! राम को इस्लामी शब्दावली से जोड़ना हिंदुओं आस्था पर अनावश्यक चोट पहुंचा यही कांग्रेस की दोगली नीति है.
🚨 सुप्रिया श्रीनेट की श्रीराम पर विवादित टिप्पणी! 😡
“भगवान राम को इमाम-ए-हिंद कहा जाता है”
ये क्या बकवास है बहन जी?
भगवान राम हिंदूों की आस्था, संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। उन्हें इस्लामी शब्दों से जोड़कर अपमान करने की कोशिश मत कीजिए!
राम मंदिर के खिलाफ लड़ने वाली कांग्रेस अब राम को भी अपना बनाने की कोशिश कर रही है?
हिंदू भावनाओं का मजाक बंद कीजिए @SupriyaShrinate
जय श्री राम 🚩
#JaiShriRam #SupriyaShrinate #CongressExposed
अशोक गहलोत के लंबे शासनकाल (कुल 15+ साल CM रह चुके) में भी इस पर ठोस प्रगति नहीं हुई। DPR आदि पर काम हुआ, लेकिन अंतिम MoU और क्रियान्वयन नहीं हो सका। अब जो सरकार धरातल पर पानी पहुंचा देगी, उसे क्रेडिट मिलना चाहिए। झूठ बोलकर “निजी स्वार्थ से राजनीति” से अशोक गहलोत बचना चाहिए .
यमुना जल समझौते पर पूर्व CM अशोक गहलोत का बड़ा बयान, बोले ; "वो अपने निजी स्वार्थों से राजनीति करने के लिए, मुख्यमंत्री या अमितशाह जी को खुश करने के लिए ऐसे बोलते होंगे।"
गहलोत ने कहा कि मैने नीम का थाने में कहा था कि "मुख्यमंत्री जी नीम का थाना में पानी लाएंगे तो मैं वहां जाकर मुख्यमंत्री जी का स्वागत करूंगा।"
अब उसे तोड़ मरोड़कर जो मंत्री लोग या पूर्व मंत्री लोग जो बोल रहे हैं ना ? MOU होना या MOA होना, ये सब बातें छोड़ों...पानी आयेगा तो मुझे ही नहीं पूरे प्रदेश को खुशी होगी।
1994 के एग्रीमेंट को अगर ये लागू कर देते हैं...,जो अभी तक नहीं हो पाया, सरकारें बीजेपी की भी आई थी और कांग्रेस की भी आई थी, यहां राजस्थान में भी और हरियाणा के अंदर भी। लेकिन, पानी नहीं आ पाया।
अगर, पानी आ जाता है तो इससे बड़ी खुशी की बात क्या होगी ?