Primeminister of India, Narendra Modi, would not take my question, I was not expecting him to.
Norway has the number one spot on the World Press Freedom Index, India is at 157th, competing with Palestine, Emirates & Cuba.
It is our job to question the powers we cooperate with.
देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूँ।
एक काम कीजिए - खुद Google कीजिए: “NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?”
देखा? समझ आया?
BJP इसी तरह आप जैसे लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है - उनकी रक्षा करती है, ऊपर से उन्हें तरक्की देती है।
साफ़ है - मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में ख़ुद साझेदार हैं।
जिस बाज़ार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है - जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
ये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।
देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।
कह दिया था - चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी।
आज कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है।
फरवरी से अब तक: ₹1,380 की बढ़ोतरी - सिर्फ़ 3 महीनों में 81% का इज़ाफ़ा।
चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई - हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा। और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा।
पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीज़ल पर।
I travelled through Great Nicobar today.
These are the most extraordinary forests I have ever seen in my life. Trees older than memory. Forests that took generations to grow.
The people on this island are equally beautiful - both the adivasi communities and the settlers - but they are being robbed of what is rightfully theirs.
The government calls what it is doing here a “Project.” What I have seen is not a project. It is millions of trees marked for the axe. It is 160 square kilometres of rainforest condemned to die. It is communities that have been ignored while their homes have been snatched away.
This is not development. This is destruction dressed in development’s language.
So I will say it plainly, and I will keep saying it: what is being done in Great Nicobar is one of the biggest scams and gravest crimes against this country’s natural and tribal heritage in our lifetime.
It must be stopped. And it can be stopped - if Indians choose to see what I have seen.
“लहँगा रिमोट से उठाने वालों की पार्टी, प्रज्ज्वल रेवन्ना और धाकड़ जैसे नायाब हीरों की पार्टी, जेफ्री एपिस्टीन के यारों की पार्टी महिला सशक्तिकरण बिल के पीछे कौन सी साज़िश रच रही थी?”
बलात्कारियों का गिरोह महिला आरक्षण बिल लाना चाहता है…
…अंकिता भंडारी से स्पेशल सर्विस मांगने वाले अब महिलाओं का सशक्तिकरण करना चाहते हैं…
जी हाँ…मणिपुर की बेटियों की बिना कपड़ों के परेड कराने वालों की पार्टी महिलाओं को मजबूत बनाना चाहती है…
आज संसद में सरकार नहीं बल्कि महिला आरक्षण की आड़ में राजनीतिक लाभ के लिए परिसीमन कराने की भाजपा की नियत हारी है।
ये सरकार की नैतिक व इतिहासिक हार है।1990 के 'संविधान (चौंसठवां संशोधन) विधेयक' के बाद लोकसभा में पराजित होने वाला पहला संविधान संशोधन विधेयक है। स्रोत: @dubeyamitabh
BREAKING | Lok Sabha REJECTS the Constitutional (131st Amendment) Bill, 2026 which sought to expand the strength of the House from 543 to 850 seats and allow delimitation of seats based on pre-2026 Census.
⦁ जिन्होंने हाथरस में कुछ नहीं किया
⦁ जिन्होंने उन्नाव में कुछ नहीं किया
⦁ जिन्होंने मणिपुर में कुछ नहीं किया
⦁ जिन्होंने महिला पहलवानों के लिए कुछ नहीं किया
अब ये लोग महिला विरोधी माइंडसेट की बात करेंगे?
@priyankagandhi जी 🔥🔥
Here is Media & Publicity Department Chairman @Pawankhera ji with new revelations and more questions for Assam’s corrupt Chief Minister Himanta Biswa Sarma from an undisclosed location.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे हुए हैं। बजाए सवालों का जवाब देने के अपनी पुलिस की धौंस दिखा रहे हैं।
पवन खेड़ा जी कांग्रेस पार्टी के मजबूत सिपाही हैं- वो इन गीदड़ भभकियों से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने आपसे पहले भी सवाल पूछे हैं, आज और भी नए सवालों के साथ आपके सामने हैं। हिम्मत है तो जवाब दीजिए, पुलिस के पीछे छिपकर और अमर्यादित भाषा बोलकर कुछ होगा नहीं।
असम की जनता आपका सारा कच्चा चिट्ठा जान चुकी है- कल आपके खिलाफ फैसला सुनाएगी।
जय हिंद 🇮🇳