बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अपनी ही सरकार को एक्शन के स्तर पर कठघरे में खड़ा किया! उन्होंने माना की पेपर लीक में उदासीनता बरती गयी और इतने दिनों के बाद एक्शन के नाम पर अधिकारी को शिक्षा से हटाकर पचायती राज जैसे अहम् विभाग की जिम्मेदारी सौपी गयी! और इसे कार्रवाई बता दिया गया!
ये प्रोटेस्ट लांग ड्यू और बहुत ज़रूरी था , बहुत मंत्रियों के पृष्ठभाग पर चर्बी चढ़ी हुई थी। मुँह खोलते ही अहंकार टपकने लगता था। सांसद - विधायक साले तो आम पब्लिक को कहने लगे थे कि तुमने मोदी को वोट दिया था , जाकर उनसे अपना काम कराओ। अधिकारी मंत्रालय तक पैसा पहुंचाकर मस्त थे।
2024 चुनाव के ठीक बाद नीट में भयानक फर्ज़ीवाड़ा हुआ था। इसी धर्मेंद्र प्रधान ने एक बयान तक नहीं दिया। छात्र और टीचर दोनों प्रदर्शन किए , नियम और कानून के दायरे में किए। किसी भी सरकारी आदमी की चर्बी नहीं पिघली की अपनी कुर्सी से उठकर उनसे जाकर मिल ले।
हमें भी पता है यह प्रोटेस्ट ऑर्केस्ट्रेटेड है , मगर फिर भी यह बहुत लोगों को होश ठिकाने लगा गया है। बस एक निवेदन है जो भी इस प्रोटेस्ट को लीड कर रहे हैं , इसमें स्टेट और नेशन को मोदी या भाजपा का पर्यायवाची समझकर इसके लीडर्स कुछ भी उलूल जुलूल नहीं बकेंगे।
क्यूंकि जो आज सेंटीमेंटल लोग तुम्हारे साथ खड़े हैं , उससे दस गुना बड़े फेंससिटर उदासीन बैठे हुए हैं। मूवमेंट बिगड़ेगा तो वो लोग उतर जाएँगे।
बाक़ी जय धर्मेंद्र प्रधान , जय लठैतवाद , जय गर्भस्थ स्वयंसेवक, जय UGC, जय भाजपा ✌️
राहुल गांधी के आने की खबर जंतर मंतर पर फैल गई है. उत्साह गजब का है.
अब सब सरकार के हिस्से है. वैसे तो शुरूआत से ही सब सरकार के ही हिस्से रहा है लेकिन आंदोलन की अनदेखी हुई.
सरकार से अब बहुत मैच्योर स्टैंड की अपेक्षा है.
वरना दिल्ली दहल जाएगी,
सब एक दूसरे को कटघरे में खड़ा करते रह जाएंगे.
जंतर मंतर पर प्रदर्शन और पुलिसिया कार्रवाई के बाद इस प्रदर्शन को लेकर पहले और ख़ास तौर पर कल से आज तक में ही देखिए कितना सकारात्मक बदलाव आ गया है!
कल राहुल गांधी से संसद में जब प्रतिक्रिया मांगी गई तो बिना रिएक्शन दिए निकल गए।
फिर पहले प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक बयान दिया। उसके बाद राहुल गांधी का भी बयान आया। और आज राहुल गांधी घायलों का हालचाल जानने अस्पताल भी पहुंचे। साथ में प्रियंका गांधी वाड्रा और कुछ अन्य नेता भी थे।
इसके बाद तो राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने सीधा पीएम आवास पर धरना प्रदर्शन कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, कांग्रेस सेवादल ने प्रदर्शकारियों के लिए नाश्ते पानी का लंगर लगाया। यूथ कांग्रेस ने घायलों के इलाज़ और कहीं फंसे हैं तो निकालने, क़ानूनी इलाज़ में मदद संबंधी पोस्ट जारी किया। कांग्रेस मीडिया सेल के प्रभारी ने भी क़ानूनी सहायता संबंधी नंबर जारी किए
यही होता है समर्थन देना। प्रोटेस्ट शुरु किसी ने भी किया हो, शामिल आम छात्र हो रहे हैं... कांग्रेस ने उन छात्रों के साथ सड़क पर खड़ा होकर विपक्ष की सही ज़िम्मेदारी उठायी है।
मैं 28 साल की युवा की बात कर रहा हूं..56 साल की युवा की नहीं..
(नोट: ये देश के प्रधानमंत्री की भाषा है..वो भी सदन के नेता प्रतिपक्ष के लिए...लोकतंत्र का स्तर कौन कितना गिरा रहा है..खुद सोचिए..)
Nitin Nabin has visited Patna for the second time in four days.
BJP's organisational machinery is formidable. Its booth management is structured. Its caste arithmetic in Bankipur is well documented. And yet Nitin Nabin keeps returning.
The official explanation will be party solidarity, campaign support, worker motivation. The political explanation is simpler something on the ground is not moving the way BJP expected it to move.
Prashant Kishor has not won a single election as a politician. Jan Suraaj failed to win a single seat in 2025. Three of his own leaders defected to BJP days before polling. By every conventional measure Bankipur should be a comfortable BJP retention.
Comfortable retentions do not require the national president's repeated personal intervention twelve days before voting.
In politics what a leader does reveals far more than what a party says. Nitin Nabin's second visit to Patna in four days is not a statement of confidence.
- Madan Mohan Jha, Political Analyst
#BankipurBypoll
शिवराज सिंह चौहान जी से पूछो तो कहते हैं कि,
गडकरी जी ने सब क्लियर कर दिया है, अब अलग से बताने की आवश्यकता नहीं है।
और जब गडकरी जी से पूछो तो वो कहते हैं कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी जी से पूछो।
गजब टोपीबाजी चल रही है।
सच्चाई यह है कि अगर प्रशांत किशोर बिहार में बांकीपुर उप चुनाव जीत गए तो यह बहुत बड़ा चमत्कार होगा, और भाजपा फिलहाल किसी क़ीमत पर इतना बड़ा चमत्कार होने नहीं देगी। अगर फिर भी चमत्कार हो गया तो बिहार को एक नया नेता मिलेगा, जो सकारात्मक सोच रखने वाला है, जो जाति से ऊपर उठकर काम करना चाहता है। और यही बात मुझे बिहार में संभव नहीं लगती।
पत्रकार:- जो राम मंदिर नही गया क्या वो चोरी के बारे में पूछ नही सकता
दयाशंकर सिंह:- पूछ सकता है लेकिन वो नही पूछ सकता जो राम भक्तो पर गोली चलवाया हो
पवन पाण्डेय🔥:- नृपेन्द्र मिश्रा मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष है और उन्होंने बयान दिया की गोली जिला अधिकारी ने चलवाई थी
और आप बार बार ये कहते है कि मुलायम सिंह ने गोली चलवाई तो जरा अपने आका से पूछना कि पद्म विभूषण किस लिए दिया था
पत्रकार:- अच्छा और कोई नही तो विनय कटियार को तो अधिकार है सवाल पूछने का
दयाशंकर सिंह:- SIT की जांच चल रही है कार्यवाही भी होगी
अब एक व्यक्ति तो ऐसा है जो अखिलेश जी से 980 बार बात किया है फोन पर
पवन पाण्डेय🔥:- अगर आप साबित कर दे, दयाशंकर भाई अगर आप साबित कर दीजिए तो कुर्ता उतार कर जाऊंगा यहा से
चुनौती स्वीकार कीजिए...
पवन पाण्डेय के चुनौती के सामने दयाशंकर सिंह मिमियानी लगे...
जियो रजा पवन पांडे। अखिलेश यादव जी @yadavakhilesh आपके इतने प्रवक्ता इतने नेता हैं लेकिन हमने पवन पांडे जैसा दूसरा नहीं देखा। इसे धज्जियां उड़ाना कहते हैं। दयाशंकर को फर्जी जबरिया मुस्कुराना पड़ रहा है।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने नामांकन दाखिल किया...हलफनामा अच्छे-अच्छों की पोल खोल दिया है.... सबसे पहले इन्तजार उनका खत्म हुआ जो जानना चाहते थे कि प्रशांत किशोर कितना पढ़े लिखे हैं.... हलफनामे के अनुसार उन्होंने 1991 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) से मैट्रिक, इसके बाद 1993 में पटना साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट किया... आगे उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से 1996-1999 में BBA और 2001-2003 में पब्लिक हेल्थ में MHA पढ़ाई पूरी की... वर्ष 2010 में उन्होंने फ्रांस की क्लेरमोंट-फेरैंड स्थित कैविलाम विची संस्थान से इंटेंसिव फ्रेंच लैंग्वेज कोर्स भी किया.... नामांकन के बाद उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि चर्चा का विषय बनी हुई है....हलफनामे के मुताबिक उनके खिलाफ 8 लंबित आपराधिक मामले हैं....किडनैपिंग,मर्डर,चोरी-चकारी,घोटाला वाला एक भी नहीं है, सब यात्रा के दौरान होने वाले सामान्य मुकदमें हैं....जिनमें से किसी में दोषसिद्धि नहीं हुई है.... वहीँ लगभग 200 करोड़ रुपये से अधिक की घोषित पारिवारिक संपत्ति है... करीब 5.77 करोड़ रुपये का कर्ज और वित्त वर्ष 2024-25 में 6.84 करोड़ रुपये की आय घोषित की गई है... किसी गाड़ी का जिक्र नहीं है...PK के पास 6 ग्राम सोना है और पत्नी के पास करीब 40-45 लाख का...
#Bihar #Bankipur #PrashantKishor #BankipurByElection
बिहार के हाजीपुर में महिला पुलिस के साथ ही रेप।
केस दर्ज।
ऐसे घटना “सुदूर “ होने के कारण मीडिया-सोशल मीडिया के “आउटरेज” में शामिल नहीं हो पाएगी।
सोचें,महिला पुलिस के साथ ही रेप। बाकी आम महिलाएँ कितनी सुरक्षित है उसका अंदाजा इसी घटना से लगा सकते हैं!