@avijeet_writes@divyamittal_IAS yek baar lad lo aap sarpanch ka chunav samaz me aa jaayega!
Madam bhi independent ladke dekhle 50k votes se haaregi MLA ka election! Politics dalaali par hee chalti or officers bhi dalaali par hee chal rahe hai politician se badey dalaal officers hai aaj ke time!
आज फ़ोन पर जबसे @RahulGandhi ने SDM को कहा है कि “आप अपना पूरा नाम और designation बता दीजिए, मैं आपको दूसरे तरीके से देख लूँगा”…
उसके बाद से कई अधिकारी आपस में फ़ोन करके “दूसरा तरीक़ा” को decode कर रहे हैं.
डर सबको लगता है, गला सबका सूखता है.
इसलिए, कभी ग़लत न करें, न भागीदार बनें.
राम मनोहर लोहिया ने कहा था-
"भारत में सत्ता के तीन स्रोत हैं: ऊंची जाति, धन और ज्ञान. भारतीय समाज पर राज करने को लिए इनमें से कम से कम दो चीजें आपके पास होनी चाहिए."
इसकी निम्नलिखित व्याख्याएं हैं
- सिर्फ जाति काफी नहीं है. अगर ऊंची जाति का आदमी गरीब और अनपढ़ है तो उसकी कोई औकात नहीं है.
- अगर वह सिर्फ धनी है और न पढ़ा लिखा है और न ऊंची जाति का है तो वह जेल जाएगा.
- सिर्फ ज्ञान है और ऊंची जाति का नहीं है तो अपनी जाति भी इज्जत नहीं करेगी. औरों की तो छोड़ ही दीजिए .
- अगर आपके पास तीनों है. ऊंची जाति, धन और शिक्षा, तो आपको समाज और देश का शासक बनने से कोई नहीं रोक सकता. यहां शासक मतलब सिर्फ नेता-मंत्री नहीं है.
- जिस दिन आप ऊंची जाति में पैदा होते हैं, उस दिन आप राज करने की दिशा में आधी रेस जीत चुके होते हैं.
- बाकी जातियों को एक असमान दौड में उतरना पड़ता है. उनका संघर्ष दोगुना है.
- इस संघर्ष में ज्यादातर लोग टूट जाते हैं. गिने चुने लोग लोहा बनकर निकलते हैं. उनके खिलाफ भी साजिशें चलती रहती हैं.
आपके जीवन संघर्ष को सलाम.
IIT बॉम्बे ने साहिल के केस में जो कहानी बनाई है, वह 45 मिनट में संभव ही नहीं है। आप भी सुनिए, आपको खुद समझ में आ जाएगा कि डायरेक्टर और डीन मिलकर कैसी कहानी गढ़ रहे हैं।
Fix casteism (जातिवाद / ஜாதிவாதம் / జాతివాదం) in the judiciary to uproot both casteism and corruption. Nepotism will be eliminated only after the collegium system is dismantled and the Constitution is restored for the appointment of judges.