🚨🚨कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026 में हरियाणा होटल से गड़बड़ी का मामला सामने आ रहा है 🤯😳
सुनने में आ रहा है चहेतों को पेपर बांटे गए हैं सौदा हरियाणा की किसी नामी होटल में हुआ था, कई विद्यार्थी के रिज़ल्ट में उलटफेर की भी खबरे है !
@Sog_Rajasthan@RSSB_Official@alokrajRSSB
भरतपुर के लोग आज भी बहुत ज्यादा मजबूत हैं,
इसका अंदाजा इस प्रकार लगाया जा सकता है कि पिछले 10 दिनों से बीजेपी और कांग्रेस के बागड़बिले लाईव आ आ करके एक माहौल तैयार किया जा रहा है।
इसके बावजूद भरतपुर के 1% लोग भी उनके लपेटे में नहीं आ रहे हैं और हनुमान जी का आदेश ही मान रहे हैं
राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने विगत दिनों अपनी ही पार्टी के महिला मोर्चे की पदाधिकारियों से तू-तड़ाक की भाषा में बात की ,क्या सार्वजनिक जीवन की मर्यादा की नसीहत देने वाले बीजेपी नेताओं और और उनकी पार्टी पर भाषा और व्यवहार की मर्यादा का पाठ लागू नहीं होता ?
राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर,जिन्होने मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से शिक्षकों को ‘मूर्ख’ और ‘बेवकूफ’ कहकर पूरे शिक्षा तंत्र का अपमान किया औरसत्ता के अहंकार में शब्दों की मर्यादा भूल गए ,उन्हें दूसरों को मर्यादित आचरण करने की नसीहत देना शोभा नहीं देता |
मर्यादित आचरण और संस्कारों की नसीहत देने वाले BJP के प्रदेश अध्यक्ष @madanrrathore ,आखिरकार
विधायक निधि के एवज में 40% कमीशन खाने वाले अपनी ही पार्टी के विधायक की ढाल बनकर क्यों खड़े हो गए ? क्या कमीशनखोर विधायक को बचाने के लिए उसका पक्ष लेकर खड़े होना ही आपके और आपकी पार्टी के संस्कार है मदन जी ?
भेराना धाम जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर दूदू के बिचून क्षेत्र में स्थित संत दादू दयाल की तपस्थली और मोक्षस्थली है। लगभग 500 वर्ष पुराने इस स्थल का धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व बेहद विशेष माना जाता है। मान्यता है कि दादू दयाल जी ने यहां वृक्षारोपण कर जंगल विकसित किया था और इसी स्थान पर समाधि ली थी।
अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे इस क्षेत्र में वर्षों से साधु-संत निवास कर रहे हैं, लेकिन अब रीको द्वारा प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार को लेकर विवाद गहरा गया है। सरकार ने करीब 800 बीघा भूमि औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए आवंटित की है, जहां लगभग 290 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क विकसित करने की योजना है।
संत समाज, स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे धार्मिक विरासत के साथ-साथ पूरे प्राकृतिक तंत्र पर गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। साधु-संत 15 अप्रैल से आंदोलन और अग्नि तप पर बैठे हैं तथा जिंदा समाधि लेने तक की चेतावनी दे चुके हैं। वहीं हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे को लेकर जयपुर कूच की तैयारी शुरू कर दी है।
यह क्षेत्र हजारों वन्यजीवों, लाखों पक्षियों और दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। पर्यावरणविदों का कहना है कि औद्योगिक विस्तार से अरावली के इस संवेदनशील इकोसिस्टम को अपूरणीय क्षति पहुंच सकती है।