सेना, सनातन और राम मंदिर ट्रस्ट को बदनाम करने की बड़ी साजिश का पर्दाफाश!
भारतीय वायुसेना में 43 वर्षों तक देश की सेवा करने वाले, ऑपरेशन सिंदूर के हीरो और राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO, पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को निशाना बनाने के लिए एक फर्जी वीडियो का सहारा लिया गया।
इस साजिश की शुरुआत 3 सितंबर को पाकिस्तान के ‘डिफेंस वॉच’ फेसबुक पेज से हुई, जहां यह फेक वीडियो पोस्ट किया गया।
इसके बाद 6 सितंबर की सुबह कांग्रेस पार्टी की मीडिया कोऑर्डिनेटर रश्मि ने इसे X पर साझा किया। इसके तुरंत बाद CJP समर्थित ‘जेन जी ऑफ इंडिया’ हैंडल और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इसे रीपोस्ट कर भ्रम फैलाया। RJD सांसद सुधाकर सिंह और नेशनल दस्तक जैसे हैंडलों ने भी बिना पड़ताल किए इसे आगे बढ़ाया।
चुनावी लाभ और राजनीतिक स्वार्थ के लिए पाकिस्तान में तैयार किए गए इस नैरेटिव को भारत में कांग्रेस और CJP से जुड़े लोगों द्वारा फैलाया गया और करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
देखिए, ये विस्तृत रिपोर्ट… ⬇️
This reporter exposed Abhijeet Dipke over the Delhi building collapse.👏🔥
Reporter: “Did you hear about the building collapse in Delhi?”
Abhijeet Dipke: “Yes. The Delhi CM should resign. Otherwise, we will protest.”
Reporter: “But this building was constructed when Arvind Kejriwal was CM. The MCD had also warned that it was unsafe. Then who should be balmed?
Abhijeet Dipke: “The building was private. Arvind Kejriwal can’t be blamed.”
Reporter: “But you yourself are saying Rekha Gupta should resign as Delhi CM. How does that make sense?”
After that, Abhijeet Dipke started smiling like a thief so he wouldn’t get exposed.😹😭
जो हिन्दू हैं वही SC- ST के दायरे में आ सकते हैं ---जो स्वयं को हिन्दू नहीं मानते वे दलित और आदिवासी की श्रेणी में भी नहीं आ सकते ---- वे SC- ST ACT के अंतर्गत कतई नहीं आने चाहिए ---
रात्रि काल में अचानक से कमरे में तापमान अत्यधिक बढ़ता अनुभव हुआ, पीली-पीली आग की लपटें दिख रही थी! हड़बड़ा कर उठा तो पाया कि बाबा साहेब संविधान में आग लगा रहे थे।
मैंने चेक किया तो पाया कि आज तो September 2, 1953 भी नहीं है, फिर बाबा साहेब ऐसा क्यों कर रहे होंगे! फिर अचानक से मैं जग कर बैठ गया। अजीत जी, आप एक ही सपने में दो बार कैसे जग गए?
इन्सेप्शन हो रहा था, सपने में सपना चल रहा था। अब मैं सोच रहा हूँ कि जिस बाबा साहेब को एक ब्राह्मण ने अपना उपनाम दिया, एक राजपूत ने पढ़ाया, और एक देश ने अपनाया, देश का भविष्य लिखने के लिए बी एन राव, राजेंद्र प्रसाद के समकक्ष उन्हें संविधान समिति में, बिना उनकी जाति देखे बिठाया, वो भला संविधान में आग क्यों लगाएँगे?
फिर मैंने देखा कि 40 दिन बाद यहाँ दलित को याद आता है कि उसे जातिसूचक गाली दी गई थी, एक भीड़ पुलिस स्टेशन को घेर कर धाराएँ जुड़वा देती है ताकि राहुल गांधी वहाँ आकर क्रेडिट ना ले ले, और फिर एक 14 वर्ष की बच्ची को स्कूल भेजने की जगह किसी गुंडे की राजनीति को आगे बढ़ाने का हथियार बनाया जाता है। ऐसे में यदि बाबा साहेब आज होते तो संविधान में तो आग लगा ही देते।
स्वतंत्र भारद्वाज को १४ दिन के लिए न्यायालय ने जेल भेज दिया है और संजय आजाद अपनी नाबालिग़ पुत्री से झूठ बोलवाए, हिन्दू आराध्यों पर टिप्पणी कराए, लेकिन मामला तक दर्ज नहीं किया जा सका है। क्या यही न्याय है?
कोई पत्रकार सवाल पूछे तो जवाब होता है, " अच्छा मिश्रा जी हो..भाजपाई हो"
कोई आम नागरिक सवाल करे तो, "ये आदमी भाजपाई है...निकाल बाहर करो इसे"
और फिर ऐसे ही तुनक मिजाज नेता लोग संविधान और लोकतंत्र पर भाषण देते हैं !
भारत सरकार ने देश की रक्षा सुनिश्चित करने हेतु, फिर से भाजपा के आत्मसम्मान की बलि ले ली है। मुझे पर्सनली बुरा फील हो रहा है, पर क्या करूँ, बोलना तो पड़ेगा।
तीन नल्लों ने सरकार को धमकी दी कि यदि उनकी माँगे नहीं मानी गईं तो वो आंदोलन करेंगे। यह सुन कर ही ५६ इंच ५ दशमलव ६ में बदल गया, और TENET के इनवर्शन हमें देखने को मिला। एरियल रेडियो के भीतर समा गया।
मैं तो कहना नहीं चाहता पर लोग कह रहे हैं कि अबकी बार सरेंडर सरकार! सरकार ने दिल्ली पुलिस पर पत्थर मरने वालों के केस माफ़ करवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दलील दी, फिर तिलचट्टों के प्रदर्शन के विरोध में कोर्ट से कहा कि इस पर रोक लगायी जाए, जो कोर्ट ने रिफ्यूज़ किया क्योंकि 50 दिन पहले जो दिल्ली में हुआ उसे कोर्ट भूल चुकी है।
फिर सरकार ने अगले दिन की डेट माँगकर तिलचट्टों के केस माफ़ करवाये, और तिलचट्टों ने कहा जा, नड्डा जी ले अपनी जिंदगी। नड्डा जी ने स्पीच दे दी कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए…
एक मिनट! विद्यार्थियों के भविष्य या पार्टी का, नड्डा जी? विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता होती तो आप CBSE में OSM नहीं ले आते बिना किसी पायलट प्रोजेक्ट के, यदि उनके भविष्य की चिंता होती तो आप UGC नहीं लाते, यदि उनके भविष्य की चिंता होती तो आप पेपर लीक पर NTA को बचाने में नहीं लगे रहते और सीबीएसई का चेयरमैन कोई पशुपालन विभाग का IAS नहीं बना दिया जाता!
ये बहुत अच्छे Actor हैं, इनको तो Award मिलना चाहिए।✊
पहले मोदी जी का हनुमान बनकर अपनी पार्टी बचाई, और जब एक लड़की हनुमान जी के प्रिय श्रीराम जी की तेरहवीं का समोसा खिला रही थी, तब वोट बैंक के लिए उसी लड़की से समोसे खाने निकल पड़े।🙏🚩
अच्छा Actor और नेता बनने से पहले अच्छा इंसान बनना जरूरी होता है।🙏
जय श्री राम 🚩
SC/ST एक्ट सवर्ण अन्याय को उजागर करता है !!
जाटव अन्याय को उजागर करने वाला भी एक्ट होता तो पता चलता कौन ज़्यादा अन्याय करता है पूरे वंचित समाज के लोगों पर ऐसा एक्ट मैं लेकर आऊँगी !!
@PMOIndia@narendramodi
हम नहीं हैं हिंदू:- निशु आजाद
हिंदू नहीं होते हुए भी ये और इसका पिता SC/ST एक्ट लगवा रहे हैं।
तो क्या SC/ST एक्ट ग़ैर हिंदुओं को हिंदुओं पर केस करवाने के लिए दिया गया ब्रह्मास्त्र है?
Everyone gave Chirag Paswan the benefit of the doubt and supported him.
He has now shown himself to be just another politician shamelessly exploiting caste for votes.