ये सारी नौटंकी 2027 के चुनाव के मद्देनज़र की जा रही है।
,कागज़ पर ये लोग बाहर कर दिए हैं अभी लेकिन चलेगी defacto इन्ही की क्योंकि ऊपर से आदेश आते हैं,फिर वक़्त बीतेगा और चुपके से लोग वापिस लाये जाएंगे।
2027 के बाद
योगी एक्शन गज़ब मोड में हैं! रौद्र रूप दिख रहा है...
चंपत राय और अनिल मिश्रा से इस्तीफा लिए जाने के बाद अब मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी ट्रस्ट से निकाल बाहर किया गया है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपित गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। चाबियाँ प्रशासन को सौंपी जा चुकी है।
उधर देवरिया में मुख्यमंत्री गरज रहे हैं। रामभक्तों पर गोली चलवाने को लेकर अखिलेश यादव का तो इलाज उन्होंने किया ही, उन अरविंद केजरीवाल की भी ख़बर ली जो अपनी नानी का नाम लेकर राम मंदिर का विरोध करते थे। एक तरफ़ महंत योगी राम विरोधी अवसरवादी नेताओं पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी तरफ़ बिना किसी की पैरवी सुने हर एक दाग़दार चेहरे को क़ानून की जद में ला रहे हैं। ये स्वागत योग्य है।
ये योगी का दबाव ही है कि VHP अध्यक्ष आलोक कुमार तक को कहना पड़ा है कि कोई भी व्यक्ति जाँच के दायरे से बाहर नहीं है। अभी देखिए, क्या-क्या होता है...
एक बात तय है - राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन होगा। होगा ही होगा।
"मैने RSS के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात करके चम्पत राय की शिकायत की थी कि सोने की मढ़ी रामायण का कुछ अता पता नहीं है, जहां इसको रखा गया वहां अब है नहीं। भागवत जी ने चम्पत राय को संदेश भिजवाया कि इस प्रकरण को तत्काल देखे। लेकिन चंपत राय का अहंकार आसमान पर था। उसने एक नहीं सुनी। जब RSS प्रमुख की बात नहीं मानते थे चंपत राय तो दूसरों की कितना सुनता होगा। मुझे बहुत कष्ट है। अपनी मां और बीवी का जेवर गलवाकर मैने सोने की रामायण बनवाई थी जो अब गायब है। कोई रसीद नहीं दी चम्पत ने"
एस लक्ष्मी नारायण, पूर्व केंद्रीय गृह सचिव, भारत सरकार, नई दिल्ली। भारत समाचार पर विशेष इंटरव्यू में कहा।
@RSSorg@DrMohanBhagwat@ShriRamTeerth
राम मंदिर तो अब लूटा है, लौह पुरुष सरदार पटेल को बेंच कर पहले ही खा गए थे..कथित राष्ट्रभक्त!
3000 करोड़ की बताई गई सरदार साहब की मूर्ति मात्र 324 करोड़ की थी और बाकी कमीशन राष्ट्रवादी पार्टी और गुजरातियों की जेब में चल गया।
बहुत बड़े बड़े चमत्कार कर रखें है इन संघियो ने!
राम मंदिरों के पत्थरों में भी घोटाला??? हे राम!
ये राजस्थान के दिलीप सिंह राठौड़ हैं। इनकी पत्थरों की खान है।
यूट्यूब चैनल टॉप सीक्रेट को दिए इंटरव्यू में ये कह रहे हैं कि पत्थरों में पांच गुना का घोटाला हुआ। इनकी ट्रस्ट वालों से मेल के जरिये बात हुई थी, इन्होंने मंदिर के लिए पत्थर फ्री देने की पेशकश की थी। लेकिन ये कह रहे हैं कि जो पत्थर हम सौ रुपये में दे देते, लेकिन उन्हीं पत्थरों के लिए 500 रुपये का बिल बनवाया गया।
इनके मुताबिक, जो आज सामने आया है, उसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब मंदिर बनाने की तैयारी हो रही थी। इन्होंने कुछ कहने की कोशिश की तो इनको धमकाया भी गया कि 'हम जो कर रहे हैं करने दो, बीच में मत पड़ो, वरना मार दिए जाओगे, कुछ अता पता नहीं लगेगा।' राठौड़ साहेब कह रहे हैं कि हम नाम किसी का नहीं लेंगे। जब बड़े बड़े बाहुबली डर रहे हैं तो हमारी क्या औकात है।
अब आप सोचिए, राम मंदिर की जमीन में घोटाला, पत्थर खरीद में घोटाला, निर्माण में घोटाला और 40 प्रतिशत कमीशन का खेल, फिर चंदे में घोटाला, चढ़ावे में घोटाला.... राम मंदिर को संघियों ने अपना निजी एटीएम बना लिया और जमकर लूटा। बिना संगठित लूट के यह सब संभव नहीं है। आजतक कोई इस्तीफा नहीं हुआ, कोई पकड़ा नहीं गया, आठ नौकरों को पकड़कर जनता को झुनझुना थमा रहे हैं क्योंकि बड़े चोर एक दूसरे को बचा रहे हैं।
राम मंदिर चंदा चोरी पर BJP नेता बृज भूषण शरण सिंह ने कहा-
आज तक मैं दर्शन करने नहीं गया... क्योंकि पहले दिन से ही खेल चल रहा था...
चार साल पहले बोल चुका हूं... जब कोई नहीं बोला था....
RSS condemns RSS for looting Ram Mandir Temple funds. Then RSS tells RSS to investigate people set by RSS & announce strict punishment for RSS.
Then RSS supports SIT constituted by RSS to investigate RSS 🫡
#GemsOfRSS
देश के लिए एक और खुशखबरी
गंगा एक्सप्रेसवे की एग्जिट रोड धंस गई है
अप्रैल में ही प्रधानमंत्री ने इसका उद्घाटन किया है। मात्र 36,000 करोड़ में बना है।
देश भर की सड़कों पर भाजपाई भ्रष्टाचार नुमाया हो रहा है।
During the ongoing conservation works by ASI at the Trimbakeshwar Temple, Nashik, a stone Shivalinga was discovered during the desilting of the temple’s historic water tank, locally known as Amrit Kund.
The Shivalinga was found at the bottom of the tank while removing accumulated silt and debris.
This remarkable discovery highlights how conservation efforts continue to reveal and preserve India’s rich cultural and sacred heritage.
बिग ब्रेकिंग | अयोध्या
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में अब सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक चढ़ावा काउंटिंग और सुरक्षा व्यवस्था में लगी एजेंसी वाराणसी से जुड़ी बताई जा रही है और उसके संचालकों के संबंध एक भाजपा विधायक के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। आरोप है कि ट्रस्ट की तरफ से नाम बैंक को भेजे गए, बैंक की प्रक्रिया के जरिए वही नाम सिक्योरिटी एजेंसी तक पहुंचे और फिर संबंधित लोग पेरोल पर आ गए। यानी काउंटिंग रूम से लेकर सुरक्षा और मैनपावर तक पूरा सिस्टम एक तय नेटवर्क के जरिए चलाया गया। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब काउंटिंग में लोग ट्रस्ट की सिफारिश से आए, बैंक ने उन्हें प्रक्रिया में शामिल किया और एजेंसी ने पेरोल पर रखा, तो चोरी की जिम्मेदारी सिर्फ नीचे के कर्मचारियों पर कैसे डाली जा सकती है? अब सवाल और गंभीर है क्या रामधन की लूट सिर्फ कर्मचारियों की चोरी थी या ट्रस्ट, बैंक और एजेंसी के बीच बना कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था? जांच की मांग है कि सिक्योरिटी एजेंसी, उसके राजनीतिक कनेक्शन और ट्रस्ट से भेजे गए नामों की पूरी फाइल सार्वजनिक हो।
#Ayodhya #RamMandir #Investigation @ShriRamTeerth@LucknowDivision@Igrangelucknow@ayodhya_police@varanasipolice
अब राम मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से 25 हजार की वसूली का खुलासा, देते थे विशेष सुविधा
राम मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर वसूली का बड़ा मामला एसआईटी जांच में सामने आया है. जांच के अनुसार, श्रद्धालुओं से 20 से 25 हजार रुपये लेकर विशेष दर्शन कराए जाने, होटलों के जरिए संपर्क बनाने, वीआईपी पास दिलाने जैसी बातें भी सामने आईं हैं. इस खेल में कई लोगों के नाम सामने आए हैं. जिसकी जांच शुरू कर दी गई है.
पूरी खबर : https://t.co/8A1odwHVde
#Ayodhya #RamMandir #VIPDarshan #TempleDonation #SITInvestigation @ashishaajtak
ये है राममंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा, ये RSS से जुड़े है
इनका काम राममंदिर के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करना है
इन्होंने अपने रिश्तेदार अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को पहले राममंदिर दानपात्र के रुपए को गिनने के काम में लगाया
उसके बाद रिश्तेदारों के साथ मिलकर दानपात्र को लूटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
राममंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति में इनका 40% कमीशन रहता था कम से कम 125 कर्मचारियों की भर्ती इनकी सिफारिश पर हुई है।
सही से जांच होगी तो राममंदिर दानपात्र घोटाले में RSS के कई बड़े पदाधिकारी पकड़े जाएंगे
मतलब लवकुश मिश्रा के यहाँ बुलडोजर चलेगा पर अनिल मिश्रा के घर नहीं!
टिन्नू यादव पर शिकंजा कसा जाएगा, चंपत राय पर नहीं!
अविनाश शुक्ला की कमाई को नेस्तनाबूद किया जाएगा मगर गोपाल राव पर कोई आंख भी नहीं उठाएगा!
बाबा जी वही करेंगे, जो संघ कहेगा।
क्योंकि संघ के सहारे ही कुर्सी बची है!
चंद छोटी मछलियों के ठिकानों पर बुलडोजर गड़गड़ाएगा?
मीडिया में जयजयकार का नैरेटिव बन जाएगा!
और असली ज़िम्मेदारों को कोई छू भी न पाएगा!
राम की अयोध्या में ये ‘मत्स्य न्याय’ कहलाएगा?
अयोध्या लूट के मास्टरमाइंड तो भाजपा, RSS के बड़े बड़े नेता लोग हैं।
चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोपाल राव तो सेल्समैन हैं।
बाकी टिन्नू फ़िन्नू, लवकुश अविनाश इत्यादि तो सिर्फ छोटे कर्मचारी हैं।
असल लूटा हुआ माल तो भाजपा, RSS के दिल्ली, लखनऊ, नागपुर दफ्तरों में पहुंचाया गया है।
छोटे कर्मचारियों पर कार्यवाही करके मामले को रफा दफा करने की भाजपाई, आदित्यनाथी तैयारी है।
𝐑𝐒𝐒 𝐓𝐀𝐊𝐄𝐒 𝐅𝐎𝐑𝐄𝐈𝐆𝐍 𝐌𝐎𝐍𝐄𝐘 𝐓𝐎𝐎
While the Govt Hounds NGOs & critics with FCRA raids, #RSS & its fronts quietly Pocket Foreign Funds from US & UK donors.
Reports show:
• Over $𝟑 𝐌𝐈𝐋𝐋𝐈𝐎𝐍 from US-based IDRF to RSS-linked bodies (1995-2002)
• UK's Sewa International (RSS front) raised millions of pounds for "𝐆𝐮𝐣𝐚𝐫𝐚𝐭 𝐫𝐞𝐥𝐢𝐞𝐟" — routed to Sangh projects
• US VHP affiliates also Funding RSS-supported work in India
𝐍𝐨 𝐐𝐮𝐞𝐬𝐭𝐢𝐨𝐧𝐬 𝐀𝐬𝐤𝐞𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐑𝐒𝐒? Why This Blatant Double Standard?
Full investigation:
https://t.co/Lz9TUPHTZs
#FightingRadicals #VyasanMuktBharat