@1stIndiaNews@RajGovOfficial@i_dimplesharma अध्यापक लेवल प्रथम व लेवल द्वितीय को राजकीय कर्मचारी माना जाए। हालांकि इनकी नियुक्ति पंचायती राज विभाग करता है लेकिन इनके वेतन व भत्ते राज्य की संचित निधि से देय होते है।
इस संबंध में सरकार व वित विभाग को इसकी स्पष्ट व्याख्या की जानी चाहिए।
@ABPNews कुछ लोग कह रहे है sc आरक्षण लिया।आरक्षण कारण होता तो अधिकांश आरक्षण प्राप्त छात्र फेल होते। लेकिन ऐसा नही होता ।मानसिक ���ूप से अस्वस्थ होना उसके 11 वर्ष फेल होने का कारण है।आरक्षण को कारण केवल जलन के कारण बता रहे।
धन्यवाद जय भीम!
Disinformation Alert ⚠️⚠️
शशांक शेखर झा, राजेश्वरी अय्यर, नेहा दास सहित पूरा सवर्ण समूह पश्चिम बंगाल की एक मेडिकल वैकेंसी में आरक्षण को लेकर फेक न्यूज़ फैलाने में लगा हुआ है।
जबकि विज्ञापन में दो जगहों पर साफ-साफ लिखा है- "Special drive for reserved categories", अर्था��� यह वैकेंसी बैकलॉग सीटों को भरने के लिए निकाली गई है। सोचिए, जो जातिवादी समूह स्वयं को "मेरिटधारी" समझता है, वह इतनी सामान्य सी अंग्रेजी भी नहीं समझ पा रहे हैं। मजे की बात देखिए, इनमें से अधिकतर पेशे से डॉक्टर, वकील आदि हैं। जब वैकेंसी ही आरक्षित वर्गों की बैकलॉग भर्ती को भरने हेतु निकाली गई है, तो उसमें सामान्य सीटें कैसे हो सकती हैं?
दरअसल ये सब जानते हैं, लेकिन SC, ST, OBC वर्गों से घृणा में इस कदर अंधे हो चुके हैं कि उनके खिलाफ ज़हर उगलने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ताकि समाज में इन वर्गों और उनके आरक्षण के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया जा सके। यह misinformation नहीं बल्कि disinformation है, क्योंकि यहां सवर्ण समूह SC, ST एवं OBC के खिलाफ दुराशयपूर्वक झूठ फैला रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार और प्रशासन को ऐसे तत्वों पर कठ��र कार्रवाई करनी चाहिए।
बाबासाहेब के दिए हुए आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव हैं!
जब तक देश में जाति-आधारित भेदभाव रहेगा, तब तक देश में जाति-आधारित आरक्षण जारी रहेगा।
: ॲड. प्रकाश आंबेडकर
राष्ट्रीय अध्यक्ष, वंचित बहुजन आघाडी
#Reservation#आरक्षण#constitution#संविधान
@ECISVEEP@PIBFactCheck@CEOBihar श्रीमान जी प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को निश्चित समय के लिए बीएलओ बनाया जाए। कुछ नाॅन पॉलिटिकल एप्रोच वाले कर्मचारी कई सालों तक बीएलओ का कार्य करते है।पॉलिटिकल एप्रोच वाले पूरी नौकरी के दौरान एक भी बार बीएलओ चार्ज नहीं लेते।
एक निश्चित कार्यकाल होना चाहिए। (5/6) साल का।
@roat_mla यदि समय रहते ये सब बंद नहीं करवाया गया तो सरकारी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केवल सपना बनकर रह जाएगी।केवल शिक्षकों को कोसने स�� कुछ नहीं होगा।जिम्मेदारों से सवाल करने होंगे।
#quality_education #शिक्षा #गैर_शैक्षणिक_कार्य
@RajeshwariRW आजादी के पूर्व का मेरिटोक्रेसी वाला भारत सांप सपेरों का देश कहा जाता था।यह तो भला हुआ संविधान निर्माताओं का जिन्होंने समावेशी भारत का सपना देखा। देश विकास में प्रत्येक तबके को साथ लिया।आज भारत विश्व के शक्तिशाली में शामिल है।
#आरक्षण