आज के दिन "आदिवासी परिवार" आह्वान करता है कि जिस परिवार ने किसी भी कारण से भीली संस्कृति से दूर होकर ईसाई धर्म अपना लिया है तो वह पुनः भीली संस्कृति में लौटें,तभी 5 जनवरी 2011 सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुरूप जनजागरण संभव होगा!!
#आदिवासी_हिंदू_ईसाई_नहीं_हैं
आदिवासी लोग अपने पर्व-त्योहारों का पालन करते हैं, जो पूरी तरह प्रकृति आधारित है, जिसका किसी भी धर्म के साथ कोई सीधा संबंध नहीं है। वे अपने आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार शादी-विवाह करते हैं। उनकी प्रथागत आस्था, विशेषाधिकार बनाए रखने का अपना तरीका है। #आदिवासी_हिंदू_ईसाई_नहीं_हैं
लोकतंत्र, संविधान और देश बचाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है!!
इन तीनों की सुरक्षा के लिए आदिवासी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है!!
हमारी ला��� समस्याएं आजु बाजु रोज आ रही हैं,मगर EVM के विरुद्ध जनजागरण करना ही होगा!!
#आदिवासी_हिन्दु_ईसाई_नही_है
#SaveHasdeo
आज के दिन को "राष्ट्रीय आदिवासी पहचान दिवस" के रूप में आदिवासी समाज को मानना चाहिए,क्योंकि आज 5 जनवरी,2011 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया कि भारत में भील सहित 8% आदिवासी (Indigenous peoples) रहते हैं और 92% आप्रवासी भी रहते हैं!!
#SaveHasdeo#आदिवासी_हिंदू_ईसाई_नहीं_हैं
अनुसूचित क्षेत्र(Scheduled Area)में पूना पैक्ट करार 1932 प्रभाव में 1952 से राजनीतिक गुलामी विकसित नहीं होती, आदिवासी नेताओं को मूक-��धिर बन��े पर मजबूर नहीं किया होता तो आदिवासी आज़ जितना असहाय दिख रहा है,उतना नहीं होता,हसदेव उजड़ता नहीं!
#SaveHasdeo
#आदिवासी_हिंदू_ईसाई_नहीं_हैं
टोडाभीम में गुंडों ने दलित बेटी को तड़के सुबह घर से उठाया फिर गैंगरेप किया,गोली मारी,मरी नहीं तो एसिड डाला और फिर कुएं में फेंका। क्रूरता की इंतहा पार करने वाले दरिंदगों को पुलिस शीघ्र गिरफ्तार करे और सरकार कड़ी सजा सुनिश्चित करे।न्याय के लिए परिजनों के साथ हिंडौन में हूं
भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर, जिसे हम राष्ट्रीय आदिवासी स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाते हैं। मैं देश के युवाओं से अपील करता हूँ कि उन्हें इस महान क्रांतिवीर के कर्मों का अनुसरण करना चाहिए और समाज और देश ��े हित में एकजुट रहना चाहिए। जोहार! 💐💐💐