@rranjan501@Observer4s रंगदारी मांगने के इस प्रकरण पर पीड��ित @sssingh21 द्वारा शिकायत दर्ज न कराए जाने के बाद भी स्वत: संज्ञान लेकर सर पसे पर बीएनएस धारा 308 के अंतर्गत केस दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा सकती है।
मिसिर जैसे काडर लो उद्वेलित हैं कि बिहार के सबसे शिक्षित, संपन्न और संभ्रांत लोगों के क्षेत्र में भाजपा को पहले अभिषेक बंटी मिले और फिर नीरज सिन्हा। बात ठीक है लेकिन जिस पैमाने पर नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हो सकते हैं, उस पर नीरज सिन्हा भी बाँकीपुर के लिए ठीक ही थे।
Patna, Bihar: On Let's Inspire Bihar's Fifth anniversary, IPS Vikas Vaibhav says, ''Whenever we try to do something new, there are always difficulties. But we should not be afraid of difficulties. And Bihar has always seen that whenever there has been a big change, it has been from this land. And no change was easy.''
जिला स्तरीय विज्ञान माडल प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य विकास अधिकारी संत कबीर नगर के कर कमलों द्वारा हुआ सम्पन्न।
आज दिनांक ३० नवम्बर २०२४ दिन शनिवार को जिला स्तरीय विज्ञान माडल प्रतियोगिता का शुभारम्भ ड���पीआरसी हाल विकास भवन संत कबीर नगर में मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्री जयकेश त्रिपाठी जी के कर कमलों द्वारा फीता काटकर व मां सरस्वती को माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुरू।इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक संत कबीर नगर हरिश्चन्द्रनाथ जी व मुख्य विकास अधिकारी द्वारा प्रतिभागी बच्चों को किया गया सम्बोधित तथा उनके द्वारा बनाये गये माडलों का किया गया अवलोकन।इस कार्यक्रम को सफल रूप से संचालित करने हेतु पर प्रतिभागी विद्यालयों के शिक्षक व जिला समन्वयक जिला विज्ञान क्लब ��ंत कबीर नगर श्रीमती निशा यादव जी,जिला सह समन्वयक जिला विज्ञान क्लब संत कबीर नगर अभिषेक सिंह,वित्त एवं लेखाधिकारी मा०शि०संत कबीर नगर,राजकीय बालिका इंटर कालेज खलीलाबाद संत कबीर नगर की प्रधानाचार्या सबीहा मुमताज जी बच्चों में विज्ञान के प्रति बढ़ती जागरूकता को प्रोत्साहित करने हेतु वरिष्ठ प्रधानाचार्य श्री राजदेव तिवारी जी,पूर्व प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम राय जी,धर्मसिंहवा के प्रधान���चार्य विनोद उपाध्याय जी के साथ रहे मौजूद।इस विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन जिलाधिकारी संत कबीर नगर महेंद्र सिंह तंवर एवं मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी जी की सहमति एवं मार्गदर्शन में जिला विज्ञान क्लब संत कबीर नगर के तत्वावधान में किया गया सम्पन्न।
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तीक्ष्णशृंग नाम का एक सांड 🐂था। हमेशा झुंड से अलग चलने वाला और अक्खड़। एक दिन प्रलोभन नाम का एक सियार 🦊 उसके लटकते हुए लाल अंडकोष 🍑को देखकर सोचने लगा, 'सांड की जंघाओं के बीच यह कितना सुंदर और सुडौल फल 🍑 लटका हुआ है। पक जाने से यह टह-टह लाल भी हो चला है...लगता है, अब गिरे-तब गिरे।' वह उसके पीछे लग गया। उसने निरंतर कई वर्षों तक उसका पीछा किया, लेकिन वह फल नहीं गिरा। अंततः सियार 🦊 पछताते हुए वापस अपने स्थान पर आ गया।
#पंचतंत्र
एक दिन आराम करने के बाद सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मातादीन ने काम शुरू कर दिया। पहले उन्होंने पुलिस लाइन का मुलाहज़ा किया।
शाम को उन्होंने आई.जी. से कहा—आपके यहाँ पुलिस लाइन में हनुमानजी का मंदिर नहीं है। हमारे रामराज में पुलिस लाइन में हनुमानजी हैं।
आई.जी. ने कहा—हनुमान कौन थे—हम नहीं जानते।
मातादीन ने कहा—हन���मान का दर्शन हर कर्तव्यपरायण पुलिसवाले के लिए ज़रूरी है। हनुमान सुग्रीव के यहाँ स्पेशल ब्रांच में थे। उन्होंने सीता माता का पता लगाया था। ’एबडक्शन’ का मामला था—दफ़ा 362। हनुमानजी ने रावण को सज़ा वहीं दे दी। उसकी प्रॉपर्टी में आग लगा दी। पुलिस को यह अधिकार होना चाहिए कि अपराधी को पकड़ा और वहीं सज़ा दे दी। अदालत में जाने का झंझट नहीं। मगर यह सिस्टम अभी हमारे रामराज में भी चालू नहीं हुआ है। हनुमानजी के काम से भगवान राम बहुत ख़ुश हुए। वे उन्हें अयोध्या ले आए और ‘टौन ड्यूटी’ में तैनात कर दिया। वही हनुमान हमारे अराध��य देव हैं। मैं उनकी फ़ोटो लेता आया हूँ।
उस पर से मूर्तियाँ बनवाइए और हर पुलिस लाइन में स्थापित करवाइए।
थोड़े ही दिनों में चाँद की हर पुलिस लाइन में हनुमानजी स्थापित हो गए।
~ हरिशंकर परसाई के व्यंग्य- 'इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर' से साभार
ऋग्वेद का प्रथम मन्त्र -
ऋषि - मधुच्छन्दा वैश्वामित्र
देवता - अग्नि
छन्द - गायत्री
स्वर - षड्ज
अ॒ग्निमी॑ळे पु॒रोहि॑तं य॒ज्ञस्य॑ दे॒वमृ॒त्विज॑म् ���होता॑रं रत्न॒धात॑मम् ॥
(#ऋग्वेद ०१.००१.००१)
पदपाठ-
अ॒ग्निम् । ई॒ळे॒। पु॒रःऽहि॑तम् । य॒ज्ञस्य॑। दे॒वम् । ऋ॒त्विज॑म्। होता॑रम् । र॒त्न॒ऽधात॑मम् ॥
हम अग्निदेव की स्तुति करते है जो यज्ञ [श्रेष्ठतम पारमार्थिक कर्म] के पुरोहित [आगे बढाने वाले ], देवता [अनुदान देनेवाले], ऋत्विज [समयानुकूल यज्ञ का सम्पादन करनेवाले ],
होता [देवो का आवाहन करनेवाले] और याचको को रत्नों से [यज्ञ के लाभों से] विभूष���त करने वाले हैं।